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  1. बैंक FD से 3% ज्यादा रिटर्न पाने का मौका, इस हफ्ते मार्केट में हैं निवेश के 2 विकल्प

बैंक FD से 3% ज्यादा रिटर्न पाने का मौका, इस हफ्ते मार्केट में हैं निवेश के 2 विकल्प

अपनी बचत को कहीं ऐसी जगह निवेश का विकल्प खोज रहे हैं, जहां ज्यादा रिटर्न मिले तो मौका अच्छा है. 2 बेहतर विकल्प हैं, जहां बैंक एफडी से करीब 3 फीसदी तक ज्यादा सालाना ब्याज पा सकते हैं.

September 14, 2018 7:51 AM
NCD, bank FD, invest, return, interest, नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर, non convertible debenturesअपनी बचत को कहीं ऐसी जगह निवेश का विकल्प खोज रहे हैं, जहां ज्यादा रिटर्न मिले तो मौका अच्छा है. 2 बेहतर विकल्प हैं, जहां बैंक एफडी से करीब 3 फीसदी तक ज्यादा सालाना ब्याज पा सकते हैं. (Reuters)

ब्याज दरें बढ़ रही हैं, इससे फिक्स्ड इनकम के निवेशकों के पास विकल्प भी बढ़ रहे हैं. अगर आप भी अपनी बचत को कहीं ऐसी जगह निवेश करने का विकल्प खोज रहे हैं, जहां ज्यादा रिटर्न मिले तो मौका अच्छा है. आपके पास 2 बेहतर विकल्प हैं, जहां अपने निवेश पर बैंक एफडी से करीब 3 फीसदी तक ज्यादा सालाना ब्याज पा सकते हैं. ये विकल्प हैं 2 नए नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर यानी (NCD). आइए जानते हैं इनकी पूरी डिटेल…..

क्या होता है NCD?

अगर आप रेग्युलर इनकम चाहते हैं तो नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (NCD) बेहतर विकल्प है, इसे रेग्युलर इनकम को ध्सान में रखकर ही लाया जाता है. NCD किसी कंपनी की ओर से जारी किए गए एक तरह के बॉन्ड होते हैं. इन पर ब्याज दरें तय होती हैं, जो कंवर्टिबल डिबेंचर के मुकाबले ज्यादा होती हैं. ये सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड हो सकते हैं. सिक्योर्ड का मतलब गारंटी की जरूरत से है, वहीं अनसिक्योर्ड में गारंटी की जरूरत नहीं होती है.

ये कंपनियां दे रही हैं मौका

1. आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (AHFL)

आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, जिसे पहले DHFL व्यासा हाउसिंग फाइनेेंस लिमिटेड के नाम से जानते थे. कंपनी ने नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर यानी NCD के जरिए 1400 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. इश्यू 14 सितंबर यानी आज खुल रहा है जो 24 सितंबर को बंद होगा. 900 करोड़ रुपये तक ओवरसब्सक्रिप्सन के विकल्प के साथ बेस साइज 500 करोड़ रुपये है.

NCD के लिए मेच्योरिटी पीरियड 3 साल, 5 साल और 10 साल है। कंपनी इन अवधि पर 9.60 फीसदी, 9.65 फीसदी और 9.75 फीसदी ब्याज दे रही है। इसमें मिनिमम 10,000 रुपए निवेश करना होगा। आवंटन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर है।

2. टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज

टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज ने NCD के जरिए 7500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. यह इश्यू 10 सितंबर को खुल गया है, लेकिन 21 सितंबर को यह बंद होगा. यानी आपके पास अच्छा मौका है. 7500 करोड़ रुपये तक ओवरसब्सक्रिप्सन के विकल्प के साथ बेस साइज 2000 करोड़ रुपये है.

NCD के लिए मेच्योरिटी पीरियड 3 साल, 5 साल और 10 साल है। कंपनी इन अवधि पर 8.8 फीसदी, 8.9 फीसदी और 9.1 फीसदी ब्याज दे रही है। इसमें मिनिमम 10,000 रुपए निवेश करना होगा। आवंटन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर है। 5 साल के सिक्योर्ड NCD पर 8.9 फीसदी साला का तय ब्याज है. जबकि 10 साल के अनसिक्योर्ड NCD पर 9.1 फीसदी सालाना ब्याज है. पुट व कॉल का विकल्प नहीं है, यानी मेच्योरिटी के पहले पैसे नहीं निकाल सकते हैं. न ही इसके पहले इश्यू को जारी करने वाले के पास डिबेंचर को बेचने का अधिकार है.

बैंक FD से ज्‍यादा ब्‍याज का ऑफर

अभी ज्यादातर बैंक 3, 5 या 10 साल के एफडी पर करीब 6.75 से 7 फीसदी के आसपास ब्याज की पेशकश कर रहे हैं. वहीं, इतनी ही अवधि के लिए एनसीडी में ब्याज 9.75 फीसदी या इससे भी अधिक है. यानी NCD के जरिए आप सालाना आधार पर बैंक एफडी से 2.5 से 3 फीसदी ज्यादा ब्याज पा सकते हैं. बता दें कि एसबीआई के तीन साल के एफडी पर 6.75 फीसदी, 5 साल के एफडी पर 6.80 फीसदी और 10 साल के एफडी पर 6.85 फीसदी ब्याज मिल रहा है।

क्या NCD सुरक्षित हैं?

केवल 3 और 5 साल के एनसीडी सिक्योर्ड होते हैं. वहीं, 10 साल के एनसीडी अनसिक्योर्ड में आते हैं. सभी एनसीडी में अपने जोखिम हैं.

टैक्सेबल है या नहीं

NCD से ब्याज के रूप में होने वाली आमदनी टैक्सेबल होती है. डीमैट खाते में डिबेंचर को रखने पर कोर्इ टीडीएस नहीं लगता है.

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