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Income Tax Challan 280 के जरिए जानिए कैसे भरें Self Assesment Tax, समझें पूरा प्रॉसेस

सेल्फ एसेसमेंट टैक्स और और एडवांस टैक्स को Taxpayer खुद जमा करता है और TDS को पेमेंट करने वाला टैक्स काटकर ही टैक्सपेयर को Payment करता है.

February 14, 2019 8:25 AM
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Income Tax जमा करने के कई तरीके हैं. इसमें से एक तरीका है Self Assessment Tax, दूसरा Advance tax और तीसरा Tax Deducted at Source (TDS) है. इसमें से सेल्फ एसेसमेंट टैक्स और और एडवांस टैक्स को Taxpayer खुद जमा करता है और TDS को पेमेंट करने वाला टैक्स काटकर ही टैक्सपेयर को Payment करता है. कभी-कभी ऐसा होता है कि टैक्सपेयर वित्त वर्ष में पूरा एडवांस टैक्स नहीं जमा कर पाता है या कम ही जमा करता है तो वित्त वर्ष की समाप्ति के बाद उसे सेल्फ एसेसमेंट टैक्स जमा करना पड़ता है. सेल्फ एसेसमेंट टैक्स वित्त वर्ष बीत जाने के बाद जमा किया जाता है जबकि एडवांस टैक्स और टीडीएस वित्त वर्ष खत्म होने से पहले ही जमा किए जाते हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस हिंदी ऑनलाइन ने सीए सोनाली अग्रवाल से इस पूरी प्रक्रिया के बारे में बातचीत की. आइए समझते हैं …

Self Assessment Tax: वित्त वर्ष की समाप्ति पर टैक्स देनदारी

  • वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद जो भी टैक्स देनदारी आप पर शेष रहती है, वह सेल्फ असेसमेंट टैक्स है.
  • अगर आप सैलरीड पर्सन नहीं हैं और आपकी कमाई पर दस हजार रुपये से कम की टैक्स देनदारी बनती है तो आपको एडवांस टैक्स जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसी परिस्थिति में वित्त वर्ष खत्म होने के बाद टैक्स देनदारी सेल्फ एसेसमेंट टैक्स होगा. इसके अलावा कभी-कभी टैक्सपेयर्स एडवांस टैक्स कम जमा करा देते हैं या जमा कराने से चूक जाते हैं तो वित्त वर्ष की समाप्ति पर यह सेल्फ एसेसमेंट टैक्स हो जाता है.
  • इसके अलावा एंप्लॉयर को निवेश की पूरी जानकारी नहीं दे पाने के कारण टीडीएस कम कटता है तो वित्त वर्ष की समाप्ति पर बकाया रकम सेल्फ एसेसमेंट टैक्स के रूप में जमा कराना पड़ता है.

रिटर्न भरने से पहले भरना पड़ता है सेल्फ एसेसमेंट टैक्स

आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि सेल्फ एसेसमेंट टैक्स को रिटर्न भरने से पहले जमा कराना होता है.

कैसे कैलकुलेट करें सेल्फ एसेसमेंट टैक्स

  • अपने टैक्स स्लैब के अनुसार अपनी कमाई पर Total Tax कैलकुलेट कर लीजिए.
  • एडवांस टैक्स का जो भी हिस्सा आपने जमा नहीं किया है, उस पर Section 234A/234B/234C के मुताबिक ब्याज जोड़ लें.
  • Total Tax और ब्याज सहित बकाया एडवांस टैक्स को जोड़कर उसमें से Section 90/90A के तहत मिलने वाली छूट घटा दीजिए.
  • अगर आप कोई कंपनी हैं तो तीसरे स्टेप में शेष राशि से MAT (Minimum Alternate Tax) Credit घटा दीजिए. MAT किसी कंपनी द्वारा लाभ होने की स्थिति में न्यूनतम टैक्स देनदारी है. यह टैक्स लाभ होने पर कंपनी को तब भी भरना होता है अगर टैक्स छूट के सभी विकल्प प्रयोग करने के बाद उसकी इनकम टैक्सबेल न हो. हालांकि इसे Section 115JAA के तहत इनकम टैक्स में एडजस्ट किया जा सकता है.
  • अब इस राशि में एडवांस टैक्स का वह हिस्सा घटा दीजिए जो आप जमा कर चुके हैं.
  • टीडीएस या टीडीसी कटा है तो उसे भी घटा दीजिए.
  • अब आपको जो राशि प्राप्त होती है, वहीं आपका सेल्फ एसेसमेंट टैक्स है.

पेमेंट चालान ITNS 280 की मदद से जमा करें टैक्स

Advance Tax या Self Assessment Tax जमा करने के लिए Tax Payment Challan, ITNS 280 की जरूरत पड़ती है. इसी की मदद से आप अपना टैक्स या बकाया टैक्स जमा कर पाते हैं. इस चालान से आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से टैक्स जमा कर सकते हैं. ऑफलाइन जमा करने के लिए आप बैंक की अधिकृत ब्रांच में जाकर टैक्स जमा कर सकते हैं. इसके अलावा आप नीचे दिए गए तरीकों से
ऑनलाइन भी अपना टैक्स जमा कर सकते हैं.

  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट https://www.tin-nsdl.com पर Pay Taxes Online पर क्लिक करिए.
  • यहां आपको NON-TDS/TCS में CHALLAN NO./ITNS 280 दिखेगा. उसके नीचे Proceed पर क्लिक करिए.
  • अगला पेज चालान का खुलेगा जिसमें आपको सभी जानकारियां भरनी हैं. Tax Applicable, Type of Payment, Mode of Payment, PAN No., Assessment Year और Address के साथ Captcha Code भरकर Proceed पर क्लिक करिए.
    (एक सावधानी यहां बरतनी होगी कि एसेसमेंट इयर वित्त वर्ष के एक साल बाद का होता है. जैसे कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए एसेसमेंट इयर 2019-20 होगा. इसलिए एसेसमेंट इयर भरते वक्त सावधानी बरतिए.)
  • पेमेंट करने के बाद आपके सामने रसीद आएगी जो चालान होता है. इसमें चालान नंबर समेत सभी जानकारियां होती हैं. इसे संभालकर रख लें.
  •  कुछ दिन बाद यह आपके टैक्स एकाउंट से जुड़े फॉर्म 26AS में दिखने लगेगा. अगर यह अभी भी नहीं दिख रहा है तो आप आईटीआर में चालाना डिटेल्स भरकर इसे जमा कर सकते हैं. 26AS के पार्ट सी में टीडीएस व टीसीएस के अलावा आपके द्वारा जमा किए गए सभी टैक्स का ब्यौरा होता है. यह फॉर्म एक तरह से एनुअल स्टेटमेंट होता है और इसमें आपने कब और कितना टैक्स जमा किया, इसकी पूरी डिटेल्स रहती है.

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