Sending Money Abroad : विदेश में पैसे भेजने पर कितना लगेगा टैक्स? क्या हैं मनी ट्रांसफर से जुड़े नियम-कायदे?

How to Send Money Abroad : अगर आपको विदेश में फंड भेजने हैं तो उससे जुड़े तमाम नियम-कायदों को जानना जरूरी है ताकि आगे चलकर कोई परेशानी न हो.

Sending Money Abroad : विदेश में पैसे भेजने पर कितना लगेगा टैक्स? क्या हैं मनी ट्रांसफर से जुड़े नियम-कायदे?
विदेश में सुरक्षित ढंग से फंड ट्रांसफर के लिए इससे जुड़े नियमों के बारे में जानना जरूरी है.

How to send money abroad: rules and tax implications: अगर आपको विदेश में पढ़ रहे अपने बच्चों को पैसे भेजने हैं या फिर इलाज के खर्च के लिए फंड ट्रांसफर करना है, तो आपके पास इस बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए. आपको न सिर्फ ये मालूम होना चाहिए कि विदेश में पैसे किन-किन तरीकों से भेजे जा सकते हैं, बल्कि इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों, नियमों और फंड ट्रांसफर पर होने वाले खर्च के बारे में जानना भी जरूरी है. तभी आप सुरक्षित और बेहतर ढंग से फंड ट्रांसफर कर पाएंगे.

RBI की किस स्कीम के तहत भेज सकते हैं पैसे?

विदेश में पैसे भेजने का काम आप रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (Liberalised Remittance Scheme -LRS) के तहत कर सकते हैं. यह स्कीम फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) 1999 के प्रावधानों से संचालित होती है.

किन उद्देश्यों के लिए भेज सकते हैं फंड?

विदेश में फंड जिन उद्देश्यों के लिए भेजे जा सकते हैं उनमें निजी विदेश यात्राएं, गिफ्ट, डोनेशन, विदेश में शिक्षा, रोजगार, एमिग्रेशन, नजदीकी रिश्तेदारों के भरण-पोषण, बिजनेस टूर, कॉन्फ्रेंस या ट्रेनिंग में शामिल होने, इलाज या मेडिकल जांच का खर्च, इलाज या जांच के लिए विदेश जा रहे मरीज के साथ यात्रा करना शामिल हैं.

क्या विदेश में पैसे भेजने पर टैक्स लगता है?

1 अक्टूबर 2020 से लागू नियमों के तहत विदेश भेजे जाने वाले फंड्स पर TCS यानी टैक्स क्लियर्ड एट सोर्स (Tax Cleared at Source) लागू होता है. अगर आप 7 लाख रुपये से ज्यादा रकम भेजना चाहते हैं तो 5% की दर से TCS चुकाना होगा. लेकिन अगर आप विदेश में लिये गए एजुकेशनल लोन के भुगतान के लिए पैसे भेज रहे हैं तो 7 लाख रुपये से ऊपर की रकम पर TCS की प्रभावी दर 0.5% होगी. लेकिन अगर आपने अपने पैन (PAN) का डिटेल मुहैया नहीं कराया तो आपको 7 लाख रुपये से ज्यादा रकम पर 5% की जगह 10% और एजुकेशन लोन के भुगतान पर 0.5 फीसदी की जगह 5% की दर से TCS देना पड़ सकता है. NRI के मामले में TCS के अलावा सरचार्ज और एजुकेशन व हेल्थ सेस भी चुकाना पड़ता है.

एक साल में कितने पैसे भेज सकते हैं?

देश में रहने वाले भारतीय नागरिक यानी रेजिडेंट इंडियन एक साल में अधिकतम 2.5 लाख डॉलर विदेश भेज सकते हैं. यह ट्रांसफर एक बार में या कई बार में किया जा सकता है. साल में कितनी बार फंड ट्रांसफर किया जा सकता है, इसकी कोई सीमा निर्धारित नहीं है. NRO एकाउंट रखने वाले नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) एक साल में 10 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकते हैं. NRE और FCNR एकाउंट रखने वाले लोगों के लिए फंड ट्रांसफर की कोई लिमिट तय नहीं है.

फंड ट्रांसफर के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

विदेश में फंड ट्रांसफर करने के लिए आपको PAN डिटेल, आइडेंडिटी और एड्रेस का प्रूफ देना होगा. इसके अलावा आपको LRS डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरना पड़ सकता है. पैसे भेजने की वजह के हिसाब से आपको कुछ और दस्तावेज भी देने पड़ सकते हैं. जिनमें पासपोर्ट, वीजा और विदेश यात्रा के टिकट वगैरह शामिल हैं. अगर आप किसी NRI या विदेशी कंपनी को फंड भेज रहे हैं तो आपको फॉर्म 15CA या 15CB भी देना पड़ सकता है.

विदेश में पैसे भेजना कितना खर्चीला है?

विदेश में फंड ट्रांसफर करने की प्रॉसेस पर होने वाला खर्च इस बात पर निर्भर है कि आप पैसे किस तरीके से भेजना चाहते हैं. मसलन, अगर आपको एक हज़ार डॉलर की रकम अमेरिका भेजनी है, तो इस पर अलग-अलग तरीकों के आधार पर 500 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक खर्च आ सकता है. अगर आपको फौरन पैसे भेजने हैं तो बैंकों या BookMyForex, Wise, Western Union, ExTravelMoney जैसी प्राइवेट कंपनियों की मदद से ऑनलाइन फंड ट्रांसफर कर सकते हैं. इन दिनों ज्यादातर लोग ऑनलाइन फंड ट्रांसफर ही पसंद करते हैं. लेकिन अगर आपके पास वक्त की कमी नहीं है तो फॉरेन करेंसी बैंक ड्राफ्ट/बैंकर्स चेक जैसे ऑफलाइन तरीकों पर भी विचार कर सकते हैं.

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