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ELSS चुनते समय एक जैसे ट्रैक रिकॉर्ड और एसेट एलोकेशन से हो रही उलझन! ऐसे कर सकते हैं सही फंड का चुनाव

How to Select Best ELSS Mutual Fund: ईएलएसएस म्यूचुअल फंड सिर्फ टैक्स बचत के लिए ही नहीं बल्कि शानदार रिटर्न पाने के लिए निवेश विकल्प के तौर पर भी बेहतरीन है.

Updated: Oct 06, 2021 12:41 PM
How to Select Best ELSS Mutual Fund even among same track record and asset allocationसेक्शन 80सी के तहत सबसे कम लॉक-इन पीरियड ईएलएसएस म्यूचुअल फंड में है.

How to Select Best ELSS Mutual Fund: कई निवेशक ईएलएसएस (Equity Linked Saving Scheme) को टैक्स सेविंग के लिए बेहतर विकल्प मानते हैं यह निवेश का भी शानदार विकल्प साबित हुआ है. निवेशकों को इसने शानदार रिटर्न दिया है. हालांकि मार्केट में बहुत से निवेशकों को बेहतर फंड चुनने में समस्या आती है और यह समस्या तब अधिक बढ़ जाती है जब दो फंडों के ट्रैक रिकॉर्ड और एसेट एलोकेशन समान होते हैं. ऐसे में निवेशक कुछ बेसिक चीजों को ध्यान में रखते हुए अपने लिए बेहतर फैसला ले सकते हैं.

टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के टैक्स डिडक्शंस का दावा कर सकते हैं. इस सेक्शन के तहत पीपीएफ समेत निवेश के कई विकल्पों में टैक्स छूट का फायदा मिलता है. हालांकि सबसे कम लॉक-इन पीरियड ईएलएसएस म्यूचुअल फंड में है जिसके चलते इसका आकर्षण और बढ़ जाता है. यह ऐसा टैक्स सेविंग फंड है है जिसके तहत इक्विटी व इक्विटी ओरिएंटेड सिक्योरिटीज में निवेश किया जा सकता है. निवेशकों की पूंजी के कुछ हिस्से को डेट इंस्ट्रूमेंट में भी निवेश किया जाता है.

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फंड रिटर्न

किसी फंड में निवेश से पहले उसके पिछले प्रदर्शन की उसके पियर्स से तुलना करनी चाहिए. हालांकि यहां यह ध्यान रखना चाहिए कि पिछले प्रदर्शन से भविष्य के निवेश पर बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती है. फंड में किए गए निवेश पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से बाजार की गतिविधियों और फंड मैनेजर के फैसलों पर निर्भर करता है.

फंड हिस्ट्री

निवेश के लिए ऐसा फंड हाउस चुनें जिसमें लंबे समय जैसे कि 5-10 साल में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया हो. फंड के प्रदर्शन से उसके पोर्टफोलियो में शामिल स्टॉक्स की गुणवत्ता और बेंचमार्क का पता चलता है.

एक्सपेंस रेशियो

निवेश के लिए फंड का चयन करने में यह बहुत महत्वपूर्ण फैक्टर है. एक्सपेंस रेशियो से यह पता चलता है कि आपको अपने फंड के मैनेजमेंट के लिए कितना भुगतान करना है. यह जितना कम होगा, रिटर्न उतना अधिक होने की संभावना रहेगी. अगर दो फंड के ट्रैक रिकॉर्ड और एसेट एलोकेशन लगभग समान हैं तो उस फंड को निवेश के लिए चुनना चाहिए, जिसका एक्सपेंस रेशियो कम हो.

फाइनेशियल रेशियो

किसी फंड के प्रदर्शन के विश्लेषण के लिए स्टैंडर्ड डेविएशन, शार्पी (Sharpe) रेशियो, बीटा जैसे विभिन्न पैरामीटर्स पर भी विचार कर सकते हैं. जिस फंड का स्टैंडर्ड डेविएशन और बीटा अधिक होता है, उसमें निवेश करना अधिक रिस्की होता है. स्टैंडर्ड डेविएशन और बीटा वोलैटिलिटी की जानकारी देते हैं. इसके अलावा Sharpe Ratio से भी फंड का चयन कर सकते हैं जिसके अधिक होने पर रिटर्न बढ़ने की संभावना रहती है. इससे यह पता चलता है कि कोई रिस्की एसेट होल्ड करने पर कितना अतिरिक्त रिटर्न मिलेगा.

किन्हें करना चाहिए ELSS Mutual Funds में निवेश

  • कोई भी इंडिविजुअल या एचयूएफ टैक्स बचाने के लिए निवेश विकल्पों की तलाश में है जिसमें बेहतर रिटर्न मिल सके, वे इसमें निवेश कर सकते हैं.
  • इसमें सिर्फ उन्हीं लोगों को निवेश करना चाहिए जो कम से कम तीन साल तक के लिए अपना निवेश बनाए रखना चाहते हैं.
  • इसमें निवेश पर तीन साल का लॉक-इन पीरियड है. इसमें निवेश किए गए पैसे को इक्विटी में भी लगाया जाता है तो यह उन लोगों के लिए बेहतर है जो मार्केट से जुड़ा रिस्क उठा सकते हैं.
    (डिस्क्लेमर: ईएलएसएस में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. यहां आपको महज जानकारी दी जा रही है. निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सलाहकार से जरूर संपर्क कर लें.)

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