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Emergency Fund: कोरोना जैसे संकट के लिए बनाएं इमरजेंसी फंड, ताकि जरूरत पर रुपये-पैसे की ना हो टेंशन

Emergency Fund: विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना जैसे संकट के लिए इमरजेंसी फंड बनाने के बारे में सोचना जरूरी है.

Updated: May 17, 2021 8:38 AM
Emergency FundEmergency Fund: विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना जैसे संकट के लिए इमरजेंसी फंड बनाने के बारे में सोचना जरूरी है.

Create Emergency Fund: देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने एक बार फिर अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है. देश के कई राज्यों में कई लॉकडाउन जैसी स्थिति है. बाजार, दफ्तर, शॉपिंग माल, सिनेमाघर, आटो, टैक्सी से लेकर कई जरूरी सर्विस बंद पड़ी हैं. ऐसे में लोगों के काम धंधे और रोजगार पर भी असर पड़ रहा है. पिछले साल कोरोना की पहली लहर में ऐसा ही हाल हुआ था, जिससे करोड़ों लोगों की आय पर असर पड़ा है. बहुत से लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की स्थिति कभी भी आ सकती है, जिसके लिए इमरजेंसी फंड बनाने के बारे में सोचना जरूरी है.

BPN फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम का कहना है कि इमरजेंसी फंड का मतलब है कि पैसे ऐसी जगह निवेश करें, जहां लंबे समय के लिए ब्लॉक न हो. दूसरा जरूरत पड़ते ही लिक्विडिटी की समस्या न हो. ऐसे में मौजूदा स्थिति में नए निवेशकों को डेट फंडों में एसआईपी के जरिए पैसा लगाने चाहिए. इनमें ओवरनाइट फंड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म और शॉर्ट टर्म फंड बेहतर विकल्प हैं. वहीं लिक्विड फंड भी बेहतर विकल्प है. मौजूदा समय में शेयर बाजार का अनुमान लगाना मुश्किल है. इसलिए सुरक्षित निवेश का विकल्प की तलाश की जाए.

ओवरनाइट फंड

यह डेट फंड है जो एक दिन में मेच्योर होने वाले बॉन्ड में निवेश करता है. हर कारोबारी दिन की शुरुआत में बॉन्ड खरीदे जाते हैं जो अगले कारोबारी दिन मेच्योर होते हैं. सुरक्षित रिटर्न चाहने वालों के लिए ओवरनाइट फंड बेहतर विकल्प है, जहां मेच्योरिटी 1 दिन की होती है. 1 दिन की मेच्योरिटी होने से 100 फीसदी रकम कोलैटरलाइज्ड बॉरोइंग और लेंडिंग ऑब्लिगेशन मार्केट में निवेश करने के चलते यहां रिस्क कम हो जाता है. हालांकि 1 दिन मेच्योरिटी होने से इनमें रिटर्न कुछ कम है.

अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड

ये फंड डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में 3 महीने के लिए निवेश करते हैं. इनमें अलग अलग फंडों का रिटर्न चेक करें तो 1 साल में निवेशकों को 9 फीसदी तक रिटर्न मिला है.

शॉर्ट ड्यूरेशन फंड

इसमें आमतौर पर 6 महीने से 1 साल के लिए पैसा लगाया जाता है. इनमें अलग अलग फंडों का रिटर्न चेक करें तो 1 साल में निवेशकों को 10 से 12 9 फीसदी तक रिटर्न मिला है.

लिक्विड फंड

लिक्विड फंड बचत खाते की तरह काम करता है, जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसा निकाला जा सकता है. ये ओपन एंडेड फंड होते हैं, जो डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में 30 दिन से 91 दिन के लिए निवेश करते हैं.

1 साल की FD

1 साल के लिए एफडी करने का भी विकल्प है. अधिकांश बैंकों में न्यूनतम एफडी 1000 रुपये से शुरू होती है. अधिकतम राशि कुछ भी हो सकती है.

रेकरिंग डिपॉजिट (RD)

पोस्ट ऑफिस में आरडी पर 5.8 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. वहीं, अलग अलग बैंकों में 5 से 6 फीसदी के बीच ब्याज मिल रहा है. 1 साल तक की अवधि वाले आरडी को 10 साल तक के लिए आगे बढ़ा सकते हैं.

(सोर्स: वैल्यू रिसर्च, बैंक बाजार और इंडिया पोस्ट की वेबसाइट )

(Disclaimer: फाइनेंशियल एक्सप्रेस किसी भी तरह के निवेश की सलाह नहीं देता है. निवेश करने से पहले अपने स्तर पर पड़ताल करें या अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श अवश्य करें.)

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