मुख्य समाचार:

Emergency Fund: कभी भी आ सकता है बुरा वक्त, ऐसे करें तैयारी तो जरूरत पर पैसों की नहीं होगी किल्लत

Emergency Fund with Mutual Fund, PPF, FD: कहते हैं कि समय कभी भी बदल सकता है और अच्छा समय कुछ दिन के लिए मुश्किल भरे समय में बदल सकता है.

October 21, 2019 5:40 PM
emergency fund, fund for bad days, इमरजेंसी फंड, mutual fund, liquid fund, short duration bond, PPF, FD, RD, savings, invest in mutual fundकहते हैं कि समय कभी भी बदल सकता है और अच्छा समय कुछ दिन के लिए मुश्किल भरे समय में बदल सकता है.

How to Build Emergency Funds: कहते हैं कि समय कभी भी बदल सकता है और अच्छा समय कुछ दिन के लिए मुश्किल भरे समय में बदल सकता है. हो सकता है कि आापको नौकरी में कोई दिक्कत हो जाए या घर में किसी को मेडिकल इमरजेंसी पड़ जाए. ऐसे में अचानक से अतिरिक्त रुपयों की जरूरत पड़ती है. लेकिन बहुत से लोग जीवन के इस पहलू के बारे में सोचकर नहीं चलते हैं. ऐसे में इमरजेंसी फंड उतना ही जरूरी है, जितना कि भविष्य के लिए किया गया निवेश. क्योंकि पैसों की जरूरत तो किसी को कभी भी अचानक से पड़ सकती है. इमरजेंसी फंड भी कम से कम 3 से 4 महीनों के लिए तो होना ही चाहिए.

क्या लंबी अवधि की जमा योजनाएं हैं विकल्प?

असल में ज्यादातर लोग भविष्य के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय पीपीएफ, एफडी एनएससी, किसान विकास पत्र या आरडी जैसी जमा योजनाओं में निवेश करते हैं. लेकिन लंबी अवधि के लिए की गई जमा योजनाओं से इमरजेंसी पड़ने पर अचानक पैसा निकालना संभव नहीं हो पाता या इसमें नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए इन योजनाओं की बजाए बुरे वक्त के लिए इमरजेंसी फंड का इंतजाम जरूरी है.

दूसरी ओर बहुत से लोग बैंक के सेविंग अकाउंट में पैसे रखना पसंद करते हैं ताकि जब चाहें तब निकाल लें. लेकिन क्या आपको पता है कि इससे भी बेहतर उपाय है इमरजेंसी फंड बनाने की, जहां आपको बैंक में पैसे रखने की तुलना में दोगुना तक फायदा भी होता है. इन योजनाओं से 1 से 2 दिन के अंदर भी अपने पैसे निकाले जा सकते हैं. एक्सपर्ट इमरजेंसी फंड रखने के लिए डेट फंड मसलन लिक्विड फंड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म या शॉर्ट ड्यूरेशन फंड के अलावा ओवरनाइट फंड और शॉर्ट टर्म की एफडी में निवेश की सलाह देते हैं.

ओवरनाइट फंड

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहना है कि सुरक्षित रिटर्न चाहने वालों के लिए ओवरनाइट फंड बेहतर विकल्प है, जहां मेच्योरिटी 1 दिन की होती है. 1 दिन की मेच्योरिटी होने से 100 फीसदी रकम कोलैटरलाइज्ड बॉरोइंग और लेंडिंग ऑब्लिगेशन मार्केट में निवेश करने के चलते यहां रिस्क कम हो जाता है. हालांकि 1 दिन मेच्योरिटी होने से इनमें रिटर्न कुछ कम है.

कैसे काम करता है फंड

यह डेट फंड है जो एक दिन में मेच्योर होने वाले बॉन्ड में निवेश करता है. हर कारोबारी दिन की शुरुआत में बॉन्ड खरीदे जाते हैं जो अगले कारोबारी दिन मेच्योर होते हैं.

बेहतर रिटर्न देने वाले फंड

UTI ओवरनाइट फंड
रिटर्न ( 1 साल, 3 साल) : 6%, 5.73%

SBI ओवरनाइट फंड
रिटर्न ( 1 साल, 3 साल) :  5.94%, 5.92%

HDFC ओवरनाइट फंड
रिटर्न ( 1 साल, 3 साल) :  5.87%, 5-94%

(source: value research)

3 महीने के लिए: अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड

ये फंड डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में 3 महीने के लिए निवेश करते हैं. पिछले एक साल में इस कटेगिरी ने 7.18 फीसदी तो कटेगिरी के तहत कुछ फंड ने 10 फीसदी तक रिटर्न दिया है.

लिक्विड फंड

ये ओपन एंडेड फंड होते हैं, जो डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में 30 दिन से 91 दिन के लिए निवेश करते हैं. पिछले एक साल में लिक्विड फंड कटेगिरी ने 6.84 फीसदी और कटेगिरी के तहत अलग अलग फंड ने 7 फीसदी तक रिटर्न दिया.

6 माह से 1 साल: शॉर्ट ड्यूरेशन फंड

इसमें आमतौर पर 6 महीने से 1 साल के लिए पैसा लगाया जाता है. पिछले एक साल की बात करें तो डेट शॉर्ट टर्म कटेगिरी में करीब 6 फीसदी रिटर्न मिला है. कटेगिरी के तहत अलग अलग फंड ने 11 फीसदी तक रिटर्न दिया है.

शॉर्ट टर्म एफडी

बहुत से बैंक शॉर्ट टर्म एफडी मसलन 7 दिन से 1 साल के लिए भी एफडी करने की सुविधा देते हैं. इसमें फायदा है कि समय समय पर आप फंड निकालकर कहीं और इस्तेमाल कर सकते हें.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. Emergency Fund: कभी भी आ सकता है बुरा वक्त, ऐसे करें तैयारी तो जरूरत पर पैसों की नहीं होगी किल्लत

Go to Top