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इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड: यहां 3 साल में पैसे हो गए डबल से भी ज्‍यादा, कैसे करें निवेश?

International Mutual Fund: इक्विटी इंटरनेशनल फंडों ने कोरोना संकट में भी निवेशकों को हाई रिटर्न दिया.

April 20, 2021 2:07 PM
International Mutual FundInternational Mutual Fund: इक्विटी इंटरनेशनल फंडों ने कोरोना संकट में भी निवेशकों को हाई रिटर्न दिया.

International Mutual Fund: इक्विटी इंटरनेशनल फंडों ने कोरोना संकट में भी निवेशकों को हाई रिटर्न दिया. बीते 1 साल के दौरान इंटरनेशनल म्‍यूचुअल फंड का औसत रिटर्न 47 फीसदी से ज्‍यादा रहा है, वहीं इस सेग्मेंट में लांग टर्म रिटर्न भी बेहद शानदार रहा है. रिटर्न के मामले में टॉप फंड्स में इस कटेगिरी की कई स्कीम शामिल है. इंटरनेशनल फंड या ओवरसीज फंड फंड अंतरराष्ट्रीय इक्विटी बाजारों में निवेश करते हैं. इन फंडों का निवेश मुख्य तौर पर इक्विटी में होता है. अगर आप भी अपना निवेश डाइवर्सिफाई कर बैलेंस रखना चाहते हैं तो इंटरनेशनल फंड को पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं. हालांकि निवेशकों को अपने कुल पोर्टफोलियो का 8 से 10 फीसदी ही इन फंडों में निवेश करना चाहिए.

क्या हैं इंटरनेशनल फंड?

इंटरनेशनल फंड या ओवरसीज फंड फंड अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश करते हैं. इन फंडों का निवेश इक्विटी या डेट में हो सकता है. ये अन्य एसेट क्लास में मसलन कमोडिटीज, रियल एस्टेट आदि में भी निवेश करते हैं. सेबी के नियमों के अनुसार जो म्यूचुअल फंड दूसरे देशों की इक्विटी या इक्विटी रिलेटेड इक्यूपमेंट में 80 फीसदी से अधिक निवेश करते हैं, वह इंटरनेशनल फंड की कटेगिरी में आते हैं. ग्लोबल मार्केट में निवेश करने का अवसर देने के अलावा ये फंड्स जियोग्राफिकल डाइवर्सिफिकेशन हासिल करने में भी मदद करते हैं और कई बार अगर घरेलू करंसी में गिरावट हो तो एक हेज के रूप में काम करते हैं.

3 साल में टॉप रिटर्न देने वाले फंड

PGIM इंडिया ग्‍लोबल इक्विटी अपॉर्चुनिटी फंड

3 साल का रिटर्न: 33%

3 साल में 1 लाख की वैल्‍यू: 2.36 लाख

लांच डेट: 1 जनवरी 2013

लांच के बाद से रिटर्न: 12.55%

एसेट: 865 करोड़ (31 मार्च, 2021)

फ्रैंकलिन इंडिया फीडर फ्रैंकलिन यूएस अपॉर्चुनिटी फंड

3 साल का रिटर्न: 26.84%

3 साल में 1 लाख की वैल्‍यू: 2.04 लाख

लांच डेट: 2 जनवरी 2013

लांच के बाद से रिटर्न: 21.49%

एसेट: 2890 करोड़ (31 मार्च, 2021)

इडेलवाइस ग्रेटर चाइना इक्विटी आफ शोर फंड

 3 साल का रिटर्न: 26.56%

3 साल में 1 लाख की वैल्‍यू: 2.03 लाख

लांच डेट: 1 जनवरी 2013

लांच के बाद से रिटर्न: 18.75%

एसेट: 1272 करोड़ (31 मार्च, 2021)

निप्पॉन इंडिया US इक्विटी अपॉर्चुनिटी फंड

3 साल का रिटर्न: 26.20%

3 साल में 1 लाख की वैल्‍यू: 2.01 लाख

लांच डेट: 23 जुलाई 2015

लांच के बाद से रिटर्न: 18.34%

एसेट: 337 करोड़ (31 मार्च, 2021)

(source: value research)

निवेश का तरीका

कुछ इंटरनेशनल फंड सीधे इंटरनेशनल इक्विटी में निवेश करते हैं. वहीं कुछ फंड हैं जो इंटरनेशनल इंडेक्स मसलन नैसडैक या एसएंडपी 500 में निवेश करते हैं. कुछ ऐसे भी हैं जो फीडर फंड के रूप में काम करते हैं और इंटरानेशनल मार्केट में एक आइडेंटिफाई म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. फिर फंड ऑफ फंड्स हैं जो इंटरनेशनल फंड की यूनिट में निवेश करते हैं.

इन बातों का रखें ध्‍यान

अगर आपने किसी देश के इक्विटी बाजार में पैसा लगाया है तो उस देश में किसी निगेटिव इश्यू के चलते आपके निवेश पर असर पड़ सकता है. इसलिए पैसा लगाने के पहले फंड से जुड़े देश के साथ जुड़े रिस्क की जानकारी जुटा लें. करंसी में होने वाले मूवमेंट का इनके रिटर्न पर असर पड़ता है. मसलन अगर रुपया मजबूत होता है तो इन फंड का रिटर्न घट सकता है. वहीं रुपये के कमजोर होने से इनका रिटर्न बढ़ सकता है. लागू एनएवी एक दिन बाद आता है, मुद्रा का जोखिम होता है, तीन साल से कम रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लग जाता है.

(नोट: BPN फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम से बात चीत पर आधारित)

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