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घटी कर्ज दरों का उठाना चाहते हैं फायदा, इन तरीकों से सुधारें CIBIL स्कोर; आसानी से मिल जाएगा लोन

जब भी कोई व्यक्ति कर्ज लेने के लिए अप्लाई करता है, तो क्रेडिट स्कोर एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

April 9, 2020 12:51 PM

How to improve cibil score, tips to improve credit score

SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया समेत कुछ अन्य बैंकों ने अपनी कर्ज दरों को घटा दिया है. ऐसा कर इन बैंकों ने RBI द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती का फायदा ग्राहकों को दिया है. अगर आप भी घटी हुई कर्ज दरों का फायदा लेना चाहते हैं तो कुछ टिप्स अपनाकर अपना क्रेडिट/सिबिल स्कोर अच्छा बना सकते हैं. जब भी कोई व्यक्ति कर्ज लेने के लिए अप्लाई करता है, तो क्रेडिट स्कोर एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इससे आपका कर्ज, क्रेडिट कार्ड की योग्यता और लोन रेट भी निर्धारित होता है. इसलिए क्रेडिट स्कोर मजबूत करना और उसे बरकरार रखना जरूरी है.

आखिर क्या है सिबिल स्कोर?

सिबिल ट्रांसयूनियन स्कोर 3 अंकों की एक संख्या है, जो दर्शाती है कि वित्तीय लेनदेन में आपकी स्थिति क्या है. यानी आपने पहले कभी लोन लिया है या नहीं, लिया है तो कितनी बार लिया है, लोन का भुगतान समय पर किया है या नहीं आदि. क्रेडिट/सिबिल स्कोर को आपकी क्रेडिट रिपोर्ट के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है, जिसमें आपकी क्रेडिट हिस्ट्री होती है. सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है. क्रेडिट स्कोर जितना ज्यादा होता है, आपकी क्रेडिट हिस्ट्री उतनी ही अच्छी मानी जाती है. अगर किसी का सिबिल स्कोर 700 से कम है तो लोन आवेदन अस्वीकार होने की सम्भावना बढ़ जाती है.

इन तरीकों से सुधारें सिबिल स्कोर

लोन का तय समय पर भुगतान करना

अगर आपने अपने पिछले या वर्तमान लोन की EMI का भुगतान तय समय पर नहीं किया है, तो आपके सिबिल स्कोर पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है. अगर आपने EMI नहीं भरी है, या देरी से भरी है, तो आपको सिबिल स्कोर कम होता है. इसमें सुधार के लिए आपको अपने पिछले/मौजूदा लोन की EMI का वक्त पर भुगतान करना चाहिए.

क्रेडिट कार्ड बिल वक्त पर भरना

क्रेडिट कार्ड लेना, उसका इस्तेमाल और उसके बिल का भुगतान सिबिल स्कोर बनाने, उसे सुधारने और गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जो लोग अपने क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान वक्त पर नहीं करते हैं, उनका सिबिल स्कोर कम हो जाता है. इसलिए अपनी सिबिल रिपोर्ट सुधारने के लिए आपको क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान समय पर करते रहना चाहिए.

क्रेडिट का लिमिट में इस्तेमाल

जब आप क्रेडिट कार्ड लेते हैं तो उसमें खर्च की एक लिमिट होती है. इसे क्रेडिट लिमिट कहते हैं. सिबिल स्कोर अच्छा रखने के लिए जरूरी है कि क्रेडिट लिमिट के 30% से ज्यादा का इस्तेमाल न किया जाए. अगर आप इस लिमिट से ज्यादा क्रेडिट कार्ड से खर्च करते हैं तो आपको क्रेडिट का अधिक उपयोग करने वाले व्यक्ति के रूप में देखा जाता है. यह आपके सिबिल स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है.

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एक वक्त पर एक से ज्यादा लोन का आवेदन न करें

अगर आप लोन के लिए बार-बार आवेदन करते हैं, तो इसका असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है. जब भी लोन के लिए आवेदन किया जाता है तो ​संबंधित वित्तीय संस्थान जैसे बैंक/ NBFC) आपकी क्रेडिट हिस्ट्री जानने के लिए क्रेडिट ब्यूरो से संपर्क करते हैं. इसे हार्ड इन्क्वायरी कहा जाता है. ये हार्ड इन्क्वायरी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज होती है. अगर आपने एक वक्त पर कई लोन के लिए अप्लाई किया हुआ है तो यह नकारात्मक इमेज बनाता है और इसका प्रभाव आपके सिबिल स्कोर पर भी पड़ता है. इसलिए एक समय में एक से ज्यादा लोन के लिए आवेदन न करें.

जॉइंट अकाउंट होल्डर बनने से बचें

सिबिल स्कोर को अच्छा बनाने या बनाए रखने के लिए यह भी एक कदम है कि जॉइंट अकाउंट होल्डर या लोन के गारंटर बनने से बचें. जिसके आप गारंटर हैं, उस पार्टी का डिफॉल्ट भी आपके सिबिल स्कोर को प्रभावित कर सकता है.

Source: Paisabazaar.com

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