बैंक में बचत खाते से चाहते हैं ज्यादा ब्‍याज, चुनना होगा सिर्फ एक ऑप्‍शन

यह सुविधा है फ्लेक्‍सी अकाउंट या स्‍वीप इन फैसिलिटी की.

SBI, बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक आदि ज्‍यादातर बैंकों में फ्लेक्सी अकाउंट की सुविधा मौजूद है. (Reuters)

देश के सभी बैंकों में सेविंग्‍स अकाउंट यानी बचत खाते के लिए एक ब्‍याज दर निश्चित है. यह दर आम तौर पर 4 से 6 फीसदी के बीच है. लेकिन बैंकों में एक ऐसी सुविधा भी होती है, जिसके जरिए कस्टमर्स सेविंग्‍स अकाउंट पर तय ब्‍याज दर से ज्‍यादा ब्‍याज का लाभ ले सकते हैं. यह सुविधा है फ्लेक्‍सी अकाउंट की. इसे स्‍वीप इन फैसिलिटी के नाम से भी जाना जाता है। SBI, बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक आदि ज्‍यादातर बैंकों में फ्लेक्सी अकाउंट की सुविधा मौजूद है.

क्‍या है फ्लेक्सी अकाउंट या स्‍वीप इन फैसिलिटी?

बैंकों में सेविंग्‍स अकाउंट के लिए एक मैक्सिमम डिपॉजिट तय होता है. कई बार कस्‍टमर भी मैक्सिमम अमांउट तय कर सकते हैं. इसके बाद अकाउंट में उससे ज्‍यादा अमाउंट नहीं रह सकता. इस पाबंदी को देखते हुए बैंक सरप्‍लस अमाउंट को FD में कन्‍वर्ट करने की सुविधा देते हैं. यानी कस्‍टमर का सेविंग्‍स अकाउंट डिपॉजिट लिमिट से ज्‍यादा हो जाने पर अतिरिक्‍त अमांउट को बैंक ऑटोमेटिकली FD में कन्‍वर्ट कर देते हैं और उस अमाउंट पर बैंक में FD के लिए तय ब्‍याज दर के हिसाब से ब्‍याज मिलता है. इसे ही स्‍वीप इन फैसिलिटी कहते हैं. इस सुविधा से कस्‍टमर को सेविंग्‍स अकाउंट पर तो ब्‍याज मिलता ही रहता है, साथ ही अतिरिक्‍त राशि पर FD का ब्‍याज भी कस्‍टमर को मिलने लगता है. इस तरह कस्‍टमर को डबल फायदा होता है.

लिमिट में बैलेंस आया तो FD हो जाएगी खत्‍म

सेविंग्‍स अकाउंट में डिपॉजिट लिमिट से ज्‍यादा रहने पर FD ऑटोमेटिकली चलती रहेगी. लेकिन सेविंग्‍स अकाउंट का बैलेंस लिमिट के अंदर आने पर सरप्‍लस अमाउंट की FD खत्‍म हो जाती है. इसे स्‍वीप आउट कहते हैं. आपको FD का ब्‍याज सरप्‍लस अमाउंट पर ही मिलता है और तब तक ही मिलता है, जब तक सेविंग्‍स अकाउंट बैलेंस लिमिट से ज्‍यादा रहता है.

एक से ज्‍यादा भी FD

स्‍वीप इन फैसिलिटी के तहत होने वाली FD के लिए भी एक तय डिपॉजिट लिमिट होती है. यानी उस FD में उस लिमिट से ज्‍यादा अमाउंट नहीं जा सकता. ऐसे में आपके पास स्‍वीप इन के तहत एक से ज्‍यादा FD का भी ऑप्‍शन रहता है. यानी सरप्‍लस अमाउंट बढ़ते जाने पर आप एक से ज्‍यादा FD रखकर ज्‍यादा ब्‍याज का फायदा ले सकते हैं.

अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग नाम से है यह सुविधा

कुछ बैंक नॉर्मल सेविंग्‍स अकाउंट को ही इस सुविधा से लिंक कर देते हैं लेकिन कुछ में इसके लिए अलग से सेविंग्‍स अकाउंट होते हैं. SBI कस्‍टमर्स को सेविंग्‍स प्‍लस अकाउंट के तहत ज्‍यादा ब्‍याज का लाभ लेने की सुविधा दे रहा है. इसे सिंगल या जॉइंट में खोला जा सकता है. SBI के अलावा HDFC में स्‍वीप इन फैसिलिटी, बैंक ऑफ इंडिया में सेविंग्‍स प्‍लस स्‍कीम, ICICI बैंक में मनी मल्‍टीप्‍लायर अकाउंट आदि कई बैंकों में यह सुविधा अलग-अलग नाम से मौजूद है.

(सोर्स: बैंकों की वेबसाइट)

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