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बैंक में खुलवा रहे हैं FD, ये 8 फॉर्मूले आएंगे काम, नहीं होगा नुकसान

बैंक FD को लेकर ऐसी कई छोटी-छोटी चीजें है, ​जिनका ध्यान रखने पर आप एक्स्ट्रा बेनिफिट पा सकते हैं.

October 27, 2018 11:51 AM

how to get extra benefits on bank fixed deposit FD, some facts about bank FD

अगर सेविंग्स के लिए बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खुलवाने की सोच रहे हैं तो कुछ बातों पर गौर करना जरूरी है. बैंक FD को लेकर ऐसी कई छोटी-छोटी चीजें है, जिनका ध्यान रखने पर आप एक्स्ट्रा बेनिफिट पा सकते हैं. उदाहरण के तौर पर FD की मैच्‍योरिटी की अवधि में एक दिन का हेर-फेर आपको ज्‍यादा ब्‍याज का फायदा और नुकसान दोनों करा सकता है. इसलिए बेहतर रहेगा कि FD खुलवाने से पहले सभी जानकारियों को हासिल कर लिया जाए. आइए बताते हैं FD से जुड़ी ऐसी ही 8 बातों के बारे में, जो सरल, सुरक्षित और फायदेमंद FD लेने में मददगार साबित हो सकती हैं-

1. एक दिन का हेर-फेर ऐसे है महत्‍वपूर्ण

अक्सर लोग FD राउंड फिगर कहलाने वाली अवधि जैसे 6 माह, 1 साल, 2 साल आदि के हिसाब से कराते हैं. कुछ बैंकों में इस राउंड फिगर अवधि के लिए, इससे 1 या थोड़े ज्‍यादा दिन या कम दिनों के लिए FD पर ब्‍याज दर अलग-अलग होती है. इसलिए FD खुलवाने से पहले FD अवधि और उस पर ब्‍याज का पता जरूर कर लें. हो सकता है कि राउंड फिगर अवधि के बजाय थोड़े दिन कम या ज्‍यादा पर कुछ एक्‍स्‍ट्रा ब्‍याज मिल जाए.

2. मैच्‍योरिटी से पहले तोड़ने पर देना होता है चार्ज

कई बैंक मैच्‍योरिटी पीरियड से पहले निकाल ली जाने वाली FD की भी सुविधा देते हैं. यानी आप इन्‍हें जरूरत के वक्‍त तोड़ सकते हैं लेकिन ऐसा करने पर बैंक आपसे प्री-मैच्‍योरिटी चार्ज वसूलते हैं.

3. जिस ब्‍याज पर खुलवाई है FD, अवधि पूरी होने तक मिलेगा वही ब्‍याज

भले ही RBI ब्‍याज दरों में बदलाव करे लेकिन आपको FD की अवधि पूरी होने तक वही ब्‍याज मिलेगा, जो FD खुलवाते वक्‍त था. ब्‍याज दर में बदलाव नई खोले जाने वाली FD या फिर टेन्‍योर पूरा होने के बाद FD रिन्‍यूअल पर ही लागू होता है. इसलिए मौजूदा FD धारक को इससे किसी भी तरह का फायदा या नुकसान नहीं होता.

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4. जरूरत के वक्त FD पर मिल जाता है लोन

अगर पैसों की जरूरत आन पड़ी है तो आप अपनी FD पर लोन भी ले सकते हैं. इसे ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी कहते हैं. इसमें आपको एक नि​श्चित अवधि के अंदर तय ब्याज दर के साथ अमाउंट चुकाना होता है. लेकिन इसे EMI में चुकाने की बाध्यता नहीं होती, आप अवधि के अंदर कभी भी एकमुश्त या टुकड़ों में पैसे चुका सकते हैं. साथ ही अगर अवधि से पहले पैसे चुका दिए तो प्रीपेमेंट चार्ज भी नहीं देना होता और ब्याज भी केवल उतने की दिन का देना होता है, जितने दिन अमाउंट आपके पास रहा. SBI आपको FD पर FD अमाउंट के 90 फीसदी तक का लोन उपलब्‍ध कराता है. यह 25000 रुपये से 5 करोड़ रुपये तक है.

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5. ले सकते हैं मंथली, क्‍वार्टरली या सालाना ब्‍याज

अब आपको ब्‍याज पाने के लिए साल खत्‍म होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. बैंक अब मंथली, क्‍वार्टरली और सालाना ब्‍याज पाने की सुविधा देते हैं. यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसमें से कौन सा विकल्‍प चुनते हैं.

6. नॉमिनेशन

अगर आप FD खुलवा रहे हैं तो सेविंग्‍स अकाउंट या अन्‍य स्‍कीमों की तरह इसमें भी किसी अन्‍य इन्‍सान को नॉमिनी बनाएं, ताकि अगर आपको कुछ हो भी जाता है तो आपका इन्‍वेस्‍ट किया हुआ पैसा बेकार नहीं जाएगा.

how to get extra benefits on bank fixed deposit FD, some facts about bank FDImage: Reuters

7. ब्‍याज पर कटता है टैक्स

किसी भी सेविंग्स से आने वाला सालाना ब्याज अगर 10000 रुपये से ज्यादा है तो वह टैक्स के दायरे में आएगा. इसके तहत FD भी आती है यानी अगर FD से एक साल में ब्याज की रकम 10 हजार रुपये से ज्यादा है तो बैंक 10 फीसदी टैक्‍स (TDS) काटते हैं. इसे साल के अंत में काटा जाता है. अगर आपने किसी बैंक में 1 से ज्‍यादा FD खुलवा रखी हैं तो ब्‍याज की गणना सभी FD के ब्‍याज को मिलाकर होगी. हालांकि आप इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करके काटे गए टैक्‍स क्‍लेम कर सकते हैं. बैंक आपका टीडीएस न काटें, इसके लिए आप फॉर्म 15G /15H भरकर जमा कर सकते हैं. यह सेल्‍फ डिक्‍लेरेशन फॉर्म होता है, जिसमें आपके टैक्‍सेबल लिमिट में न आने का डिक्‍लेरेशन होता है. इसके अलावा कुछ बैंक टैक्‍स सेविंग FD, स्‍पेशल FD की भी सुविधा देते हैं।.

8. एक ही के बजाय छोटी-छोटी ज्‍यादा FD बेहतर

बैंक में डिपॉजिट पर भी आपको 1 लाख रुपये तक का प्रोटेक्‍शन कवर मिलता है. इसे RBI की सब्सिडियरी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) बैंक के डूबने की सूरत में देती है. यानी अगर बैंक डूबा तो उसमें आपका केवल 1 लाख रुपया सुरक्षित है और यह आपको मिल जाएगा. यह नियम बैंकों की हर ब्रांच के लिए लागू है. इसलिए अच्‍छा होगा अगर आप बड़ी रकम को एक FD में न रखकर अलग-अलग बैंकों में इन्वेस्ट करें. इसके फायदे ये भी हैं कि अगर इमरजेंसी में रकम की जरूरत है तो जरूरत के मुताबिक रकम की FD तोड़कर काम चला सकते हैं. एक अन्य फायदा यह भी है कि अगर एक जगह कम ब्‍याज है तो दूसरी जगह ज्‍यादा ब्‍याज ले सकते हैं.

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