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  1. कैसे चुनें अपने लिए सही इंश्योरेंस पॉलिसी, फॉलो करें 5 स्टेप्स नहीं होगा नुकसान

कैसे चुनें अपने लिए सही इंश्योरेंस पॉलिसी, फॉलो करें 5 स्टेप्स नहीं होगा नुकसान

फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय इंश्योरेंस इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इससे भविष्य की सुरक्षा तय की जा सकती है.

October 28, 2018 7:33 AM
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फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय इंश्योरेंस इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इंश्योरेंस के जरिए न सिर्फ तय समय के बाद बड़ी आर्थिक मदद मिलती है, बल्कि इससे बीमित व्यक्ति की डेथ होने पर उसकी फैमिली को भी बड़ा सपोर्ट मिलता है. इसके अलावा इंश्योरेंस के जरिए स्वास्थ्य, पर्सनल प्रॉपर्टी, घर या कार की सुरक्षा भी तय होती है. इंश्योरेंस पॉलिसी कई तरह की होती हैं और अगर आप कोई पॉलिसी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको सही पॉलिसी चुनने के लिए सबसे पहले अपनी जरूरतों को समझना होगा. इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिससे नुकसान न हो.

इसे ऐसे समझ सकते हैं….

रोहित और मोहित की एक आम समस्या है. वे सोचते हैं कि उन्हें कम से कम कुछ इंश्योरेंस की जरूरत है, जिससे वे अपने जीवन, व्यक्तिगत संपत्ति, घर, कार और स्वास्थ्य की सुरक्षा तय कर सकें. उन्होंने बीमा एजेंट से बात की, लेकिन उन्हें उनके दावों पर भरोसा नहीं है. वे यह समझना चाहते हैं कि उन्हें कितना इंश्योरेंस चाहिए और किस तरह की खरीददारी करनी है.

लेकिन उन्हें यहां यह समझना जरूरी है कि कुछ घटनाएं बताकर नहीं होती हैं. वहीं, इंश्योरेंस एडवांस में खरीदना होता है, न कि घटनाएं घट जाने के बाद. ऐसे में अपने जोखिमों का खुद मूल्यांकन करना जरूरी है और इसके बाद आर्थिक रूप से नुकसान को कम करने के लिए सही पॉलिसी लेनी जरूरी है. ऐसे में उन सभी जोखिमों की पहचान करें जो आपको लगता है कि आपके फाइनेंस को झटका दे सकता है. अगर आप औसत के कानून में भरोसा करते हैं तो आपके पास जितनी अधिक संपत्ति है, उनमें से कुछ को अचानक से घटी घटना में खोने की आशंका भी अधिक है.

किस तरह के जोखिम ध्यान में रखें

  • आने वाल दिनों में बच्चों के हॉयर एजुकेशन पर खर्च, बच्चों के शादी ब्याह में आने वाला खर्च
  • अर्निंग मेंबर की अचानक डेथ होने का डर
  • किसी फैमिली मेंबर के अचानक हॉस्पिटलाइजेशन का डर
  • रेग्युलर आय को प्रभावित करने वाला कोई कारण लंबे समय तक मौजूद रहने का डर
  • व्यक्तिगत संपत्ति, वाहन को अचानक से नुकसान या क्षति का डर
  • यह लिस्ट और लंबी हो सकती है, आप आसानी से ऐसे 6-10 जोखिम/खतरों को लिस्ट कर सकते हैं.

एक बार जब आप जोखिमों की पहचान कर लेते हैं जिन्हें केवल इंश्योरेंस के माध्यम से मैनेज किया जा सकता है.

कौन सी पॉलिसी लेनी है?

एक बार जब जोखिम की पहचान हो जाएगी तो यह समझना आसान होगा कि कौन सी पॉलिसी लेनी है….

लाइफ इंश्योरेंस
हेल्थ इंश्योरेंस
पर्सनल एक्सिडेंट एंड डिसएबिलिटी इंश्योरेंस
आॅटो इंश्योरेंस
होम इंश्योरेंस
शॉ या आॅफिस इंश्योरेंस
ट्रैवल इंश्योरेंस
ओवरसीज मेडिकल इंश्योरेंस

कवर की मात्रा तय करें

इंश्योरेंस कवर के आकार का तय करने से पहले मुआवजे की अवधारणा को समझना जरूरी है. बीमाधारक को उसके नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाता है, जिससे नुकसान होने पर उसे पुराने वित्तीय स्थिति में वापस लाया जा सके. प्रीमियम भी कवर के आधार पर तय किया जाता है. कवर जितना अधिक होगा, प्रीमियम उतना अधिक चार्ज किया जाएगा.ध्यान रखें कि प्रीमियम में छोटी मोटी बचत के लिए इंश्योरेंस कवर की मात्रा को इग्नोर न करें.

सिर्फ कीमत के आधार पर पॉलिसी की तुलना न करें. CSR, सर्विसेज की क्वालिटी, इंश्योरेंस कवर, पर भी विचार करें. आपको अपनी क्षमता और जरूरत के अनुसार अच्छी से अच्छी पॉलिसी लेने की कोशिश करनी चाहिए. ध्यान रहे कि पॉलिसी खरीदने के बाद इंश्योरेंस कवर नहीं बदला जा सकता है.

किन बातों का रखें ध्यान?

  • सिर्फ प्रीमियम सस्ता होने से पॉलिसी न चनें, इंश्योरेंस देनी वाली कंपनी की प्रदर्शन देखें.
  • कोई भी इंश्योरेंस प्लान खरीदने से पहले हमेशा पॉलिसी से जुड़ें डॉक्यूमेंट्स ध्यान से पढ़ें.
  • अपना फॉर्म भरते समय अपने बारे में सही जानकारी दें.
  • क्लेम सेटलमेंट रेश्यो जांच लें, इससे इस बात का पता चलता है कि एक इंश्योरेंस कंपनी द्वारा पिछले साल कुल कितना प्तिफीसदी इंश्योरेंस क्लेम का निपटान किया गया था.
  • CSR जितना अधिक होता है, उतना बेहतर होता है.

(लेखक एके निगम फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म BPN फिनकैप के डायरेक्‍टर हैं.)

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