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  1. RBI monetary policy: बैंक कस्टमर्स को कैसे होगा डबल फायदा, पॉलिसी की 10 खास बातें

RBI monetary policy: बैंक कस्टमर्स को कैसे होगा डबल फायदा, पॉलिसी की 10 खास बातें

RBI monetary policy: रेपो रेट नौ साल के निचले स्तर पर आ गया.

June 6, 2019 1:56 PM
how rbi gives double benefit to bank customers here 10 major pointsRBI monetary policy: रेपो रेट नौ साल के निचले स्तर पर आ गया. (Image: Reuters)

RBI monetary policy: मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल बैंक कस्टमर्स के लिए अच्छी खबर लेकर आया है. गुरुवार को RBI ने मौद्रिक समीक्षा पॉलिसी जारी करते हुए रेपो रेट में चौथाई फीसदी कटौती कर 5.75 फीसदी कर दिया. रेपो रेट नौ साल के निचले स्तर पर आ गया. इसके अलावा, रिजर्व बैंक ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को बूस्ट देने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया.

RBI से मिली 2 बड़ी सौगात

रिजर्व बैंक की तरफ से कर्ज सस्ता होने से न केवल बैंक कस्टमर्स के मौजूदा होम लोन, ऑटो लोन की ईएमआई कम होने की उम्मीद बढ़ गई है, वहीं नया कर्ज लेना भी सस्ता हो हो सकता है. इसके अलावा, रिजर्व बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बूस्ट देने के लिए NEFT और RTGS चार्ज को खत्म कर दिया है.

रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट घटाने से कॉमर्शियल बैंकों के लिए कर्ज लेना सस्ता होगा. इस तरह कॉमर्शियल बैंक ग्राहकों को भी सस्ता कर्ज दे सकेंगे. साथ ही जिन कस्टमर्स का लोन चल रहा है, उनकी ईएमआई यानी लोन रिपेमेंट की मासिक किस्त भी घटा सकते हैं.  हालांकि, यह बैंकों के ऊपर है कि वो रेट कट का कितना फायदा ग्राहकों तक पहुंचाते हैं. पिछली दो बार आरबीआई के रेट कट का ज्यादा फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है. लेकिन, रिजर्व बैंक ने अपनी तरफ से बैंकों को कर्ज सस्ता करने का पर्याप्त अवसर दिया है.

दूसरी ओर, ‘कैशलेज इकोनॉमी’ को रफ्तार देने के लिए रिजर्व बैंक डिलिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की लगातार कोशिश कर रहा है. इसी क्रम में रिजर्व बैंक ने गुरुवार को NEFT और RTGS पर लगने वाले चार्ज को खत्म कर दिया है. यानी, कस्टमर्स के लिए अब NEFT और RTGS न केवल सरल बल्कि किफायती भी हो जाएगा. रिजर्व बैंक ने बैंकों से साफ तौर पर कहा है कि ग्राहकों को इसका फायदा उपलब्ध कराएं.

RBI monetary policy की 10 खास बातें:

1. रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाकर 5.75 फीसदी कर दिया. लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती हुई.
2. रिवर्स रेपो रेट अब एडजस्ट होकर 5.50 फीसदी और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसेलिटी (MSF) 6 फीसदी पर आ गया.
3. आरबीआई ने पॉलिसी पर रुख ‘न्यूट्रल’ से ‘अकोमो​डेटिव’ कर दिया है.
4. वित्त वर्ष 2020 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 7.2 फीसदी से घटाकर 7.0 फीसदी कर दिया है.
5. अप्रैल-सितंबर के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 3-3.1 फीसदी और अक्टूबर-मार्च के लिए 3.4-3.7 फीसदी कर दिया है.
6. डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए RTGS और NEFT पर चार्ज खत्म कर दिया.
7. बैंकों की तरफ से ATM चार्जेंस और फीस की समीक्षा के लिए एक पैनल का गठन किया. यानी, मुमकिन है कि आने वाले दिनों में एटीएम ट्रांजैक्शन भी सस्ता हो जाए.
8. स्माल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस आन डिमांड देने के लिए ड्रॉफ्ट गाइडलाइन अगस्त तक जारी किया जाएगा.
9. MPC के सभी 6 सदस्य इस बार रेपो रेट में 0.25 फीसदी कटौती के पक्ष में थे.
10. 31 मार्च 2019 तक विदेशी मुद्रा भंडार 421.9 अरब डॉलर रहा. वहीं, अगली मौद्रिक पॉलिसी 7 अगस्त को जारी होगी.

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