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Income Tax: दो तरीके से चुन सकते हैं नई टैक्स प्रणाली, चेक कर लें कैसे कटेगा टैक्स

क्या आप यह चाहते हैं कि आपका नियोक्ता नई टैक्स प्रणाली के मुताबिक सैलरी में से TDS का डिडक्शन करे.

April 17, 2020 2:33 PM
how can employee avail the option of new tax regime keep these things in mind income taxक्या आप यह चाहते हैं कि आपका नियोक्ता नई टैक्स प्रणाली के मुताबिक सैलरी में से TDS का डिडक्शन करे.

क्या आप यह चाहते हैं कि आपका नियोक्ता नई टैक्स प्रणाली के मुताबिक सैलरी में से TDS का डिडक्शन करे. इसके लिए आपको अपने नियोक्ता को सूचित करना होगा, वरना वे TDS की कटौती पुरानी प्रणाली के मुताबिक करना जारी रखेगा. नई टैक्स प्रणाली को फाइनेंस एक्ट 2020 के जरिए लाया गया है. समीर मित्तल एंड एसोसिएट्स LLP के मैनेजिंग पार्टनर समीर मित्तल ने कहा कि फाइनेंस एक्ट 2020 से लोगों और HUF के लिए इनकम टैक्स स्लैब में केवल राहत ही नहीं मिली बल्कि इससे उनके लिए नई टैक्स प्रणाली ही पेश हुई.

मित्तल ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन को बताया कि व्यक्तियों और HUF के पास टैक्स भुगतान करने के लिए अब एक नया विकल्प है, जिसमें यह शर्त साथ है कि कुल आय की गणना निर्दिष्ट छूट या कटौती के बिना होगी.

कर्मचारियों के सामने विकल्प

मित्तल ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों के पास अपने लिए टैक्स प्रणाली को चुनने के लिए दो तरीके हैं:

  • अपने चुने गए विकल्प की घोषणा नियोक्ता को करना
  • इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय चुनना

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इस सिलसिले में एक सर्कुलर जारी किया है. सर्कुलर में यह साफ गया है कि कोई कर्मचारी, जिसकी इनकम बिजनेस इनकम के अलावा है और वह नई टैक्स प्रणाली को चुनना चाहता है , वे हर साल में इसकी सूचना अपने नियोक्ता को दे सकता है और नियोक्ता उसका टैक्स नई प्रणाली के तहत काटेगा. मित्तल ने कहा कि अगर कर्मचारी सूचित नहीं करता है, तो नियोक्ता पुरानी टैक्स प्रणाली के मुताबिक डिडक्शन कर सकता है.

वित्त वर्ष 2020-21 में किसी व्यक्ति और HUF के पास ये दो टैक्स स्लैब के रेट चुनने का विकल्प है:

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नियोक्ता को सूचित न करने के बाद भी चुन सकते हैं

CBDT ने यह भी साफ किया है कि एक साल में एक ऑप्शन को लेने के बाद फिर आप उसे साल के दौरान बदल नहीं सकते हैं. मित्तल ने कहा कि लेकिन बदलाव नहीं करने के नियम के साथ सरकार ने राहत दी है. सरकार ने साफ किया है कि नियोक्ता को सूचना देने से उस विकल्प का इस्तेमाल नहीं माना जाएगा. इसका मतलब हुआ कि अगर आपने नियोक्ता को घोषणा करके नहीं चुना है, तब भी आपके पास इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय भी नई टैक्स प्रणाली को इस्तेमाल करने का विकल्प है.

इसलिए, हर कर्मचारी नई टैक्स प्रणाली का फायदा लेने का विकल्प साल की शुरुआत में नियोक्ता को सूचित करके चुन सकता है और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय भी ले सकता है.

 

(स्टोरी: राजीव कुमार)

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