मुख्य समाचार:

हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम करते वक्त ध्यान रखें ये बातें, नहीं होगा खारिज

Health Insurance Policy: किसी भी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सच्चाई छुपाने पर आपके क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है.

June 17, 2019 3:11 PM
health insurance tips the dos and donts on how to make a health insurance claimअगर आप कैशलेस ट्रीटमेंट नहीं करा रहे हैं तो अपने सभी दस्तावेज जैसे हॉस्पिटल बिल, रिपोर्ट, फार्मेसी इनवॉइस, टेस्ट के रिजल्ट आदि संभाल कर रखें.

Health Insurance Policy Claim:  हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी किसी भी मेडिकल इमरजेंसी को कवर करती है और इलाज के भारी-भरकम खर्च से राहत दिलाने में मदद करती है. आमतौर, यदि मरीज के कागजात पूरे रहते हैं, तो हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम करने में कोई दिक्कत नहीं आती है. लेकिन, कई बार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की ओर से क्लेम खारिज हो जाता है, ऐसे में यह मरीज के साथ-साथ परिजनों की चिंता भी बढ़ा देती हैं. दरअसल, कई बार कुछ छोटी-छोटी खामियों के चलते क्लेम खारिज हो जाता है. ऐसे जरूरी है कि हम उन बातों को पॉलिसी क्लेम करते समय ध्यान में रखे.

इन बातों का रखें ध्यान

बीमा कंपनी को हॉस्पिटलाइजेशन की जानकारी दें

अपने इंश्योरर को अपनी सेहत खराब होने के बारे में सूचित करें. उन्हें यह जानकारी दें कि आप किस हॉस्पिटल में भर्ती होने जा रहे हैं. चेक कीजिए कि आपकी पसंद का हॉस्पिटल उस लिस्ट में कवर हो जहां आपका इंश्योरर कैशलेस फैसिलिटी देता हो. अगर आपकी एडमिट होने की पहले से प्लानिंग है तो एडमिट होने या ट्रीटमेंट लेने के कम से कम 1 हफ्ते पहले अपने बीमा कंपनी को इस बारे में बताएं.

पॉलिसी को अच्छे से पढ़ें

पॉलिसी लेते वक्त सभी टर्म्स और कंडीशन अच्छे से पढ़ें. एक्सक्लुशन सेक्शन में वो सभी बातें लिखी होती है जो पॉलिसी में कवर नहीं होती. साथ ही अपनी पॉलिसी के कागजात किसी सुरक्षित स्थान पर रखें जहां आपको ढूंढने में आसानी हो.

वेटिंग पीरियड

किसी भी पॉलिसी में एक वेटिंग पीरियड दिया होता है जिसके दौरान आप क्लेम नहीं कर सकते हैं. वेटिंग पीरियड की भी अलग-अलग कैटगरी होती हैं – इनिशियल वेटिंग पीरियड, प्री एक्सिस्टिंग डीसीज वेटिंग पीरियड और डीसीज स्पेसिफिक वेटिंग पीरियड.

पेमेंट की राशि चेक करें

कुछ पॉलिसी ऐसी भी होती हैं जहां आपको बिल की पेमेंट खुद से करनी होती है. आप तभी अपने खर्चों के लिए क्लेम कर सकते हैं जब पॉलिसी में तय की गई अमाउंट से ज्यादा खर्चा हो.

स्वास्थ संबंधित जानकारी बताएं

अपने डॉक्टर और इंश्योरर से अपनी स्वास्थ से जुड़ी सभी चीजें साफ-साफ बताएं. कुछ भी ना छुपाए जैसे आपको क्या बीमारी है आप क्या दवाई ले रहे हैं आदि. PNB की खास सुविधा: एक बैंक अकाउंट पर 3 डेबिट कार्ड, एक कार्ड पर 3 बैंक अकाउंट

डॉक्युमेंट्स संभालकर रखें

अगर आप कैशलेस ट्रीटमेंट नहीं करा रहे हैं तो अपने सभी दस्तावेज जैसे हॉस्पिटल बिल, रिपोर्ट, फार्मेसी इनवॉइस, टेस्ट के रिजल्ट आदि संभाल कर रखें. ध्यान रखें कि आप अपने सभी ऑरिजिनल डॉक्युमेंट्स अपनी इंश्योरेंस कंपनी में जमा कर दे जिससे आपको क्लेम करने में कोई दिक्कत ना हो. अपनी सभी जानकारी जैसे नाम, उम्र,पॉलिसी नंबर आदि को ठीक से चेक करें. इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके डॉक्टर ने सभी दस्तावेजों पर साइन और स्टाम्प लगा दिया है.

ये काम कभी ना करें

  • किसी भी स्वास्थ्य स्थिति या दवाई या कोई अन्य जानकारी या तथ्य के बारे में सच्चाई छुपाने पर आपके क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है.
  • ध्यान रखें कि इंश्योरर के साथ दावा दायर करने में कोई देरी ना हो.
  • अगर डे-केयर प्रक्रिया नहीं है तो किसी भी अस्पताल में 24 घंटे से कम समय के लिए भर्ती होने पर किसी भी तरह का खर्चा हेल्थ इंश्योरेंस में कवर नहीं होता है. इसलिए आपको ऐसी किसी भी घटना के लिए क्लेम नहीं करना चाहिए.
  • इसके अलावा, यदि आपके ट्रीटमेंट में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है, तो अस्पताल में भर्ती न हो.
  • अगर आपकी पॉलिसी एक्सपायर हो गई है, तो आपका इंश्योरर किसी भी क्लेम का रिजेक्ट कर सकता है.

 

– By: Diwaker Asthana, Executive Vice President, Accident & Health, HDFC ERGO General Insurance

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम करते वक्त ध्यान रखें ये बातें, नहीं होगा खारिज

Go to Top