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HDFC Bank का कर्ज महंगा, MCLR 5 बेसिस प्वाइंट बढ़ा

इससे पहले, SBI, PNB, HDFC और ICICI बैंक ने भी 1 अक्टूबर से एमसीएलआर में 0.20 फीसदी तक की बढ़ोतरी की थी.

October 8, 2018 10:32 AM
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HDFC Bank ने कर्ज महंगा कर दिया है. बैंक ने हर टेनर के लिए मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 बेसिस प्वाइंट यानी 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है. नई दरें 8 अक्टूबर से लागू हो गई हैं. बैंक के इस कदम से अप्रैल 2016 के बाद से लिये गए होम, आॅटो और पर्सनल लोन की ईएमआई बढ़ जाएगी. इससे पहले, SBI, PNB, HDFC और ICICI बैंक ने भी 1 अक्टूबर से एमसीएलआर में 0.20 फीसदी तक की बढ़ोतरी की थी.

HDFC Bank की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 साल की अवधि वाले कर्ज पर ब्याज दरें 8.60 फीसदी से बढ़कर 8.65 फीसदी हो गई है. इसी तरह, तीन साल अवधि वाले कर्ज की ब्याज दर भी 8.90 फीसदी से बढ़कर 8.95 फीसदी हो गई है. एचडीएफसी बैंक का बेस रेट अभी भी 9.15 फीसदी है.

HDFC Bank की नई ब्याज दरें (8 अक्टूबर 2018 से प्रभावी)

अवधिMCLR (फीसदी में)
Overnight8.30
1 month8.30
3 month8.35
6 month8.50
1 year8.65
2 year8.80
3 year8.95

Base Rate – 9.15%
PLR (BPLR) – 17.65%

(सोर्स: HDFC Bank वेबसाइट)

PNB का कर्ज 0.20 फीसदी तक महंगा

इससे पहले, SBI ने हर टेनर के लिए MCLR में 0.05 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है. PNB ने 1 माह और 3 साल अवधि वाले कर्ज के लिए MCLR में 0.05 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है, जबकि ओवरनाइट कर्ज के लिए दर को 0.2 फीसदी बढ़ा दिया है. ICICI बैंक ने अपनी एक साल अवधि वाले कर्ज के लिए MCLR में 0.10 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है. तीनों बैंकों की नई MCLR 1 अक्टूबर 2018 से प्रभावी हो गई है.

क्या है MCLR?

अप्रैल 2016 से पहले रिजर्व बैंक द्वारा लोन देने के लिए तय मिनिमम रेट बेस रेट कहलाती थी. यानी बैंक इससे कम दर पर कस्टमर्स को लोन नहीं दे सकते थे. 1 अप्रैल 2016 से बैंकिंग सिस्टम में MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट आॅफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट लागू हो गई और यह लोन के लिए मिनिमम दर बन गई. यानी उसके बाद MCLR के आधार पर ही लोन दिया जाने लगा. बैंकों द्वारा MCLR बढ़ाए जाने का असर नए लोन लेने वालों के अलावा उन ग्राहकों पर पड़ता है, जिन्होंने अप्रैल 2016 के बाद लोन लिया हो.

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