Group health insurance Vs Individual health insurance: दोनों में पहले किसे चुनना है बेहतर, जानें एक्सपर्ट्स की राय

ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस में क्लेम करना आसान होता है क्योंकि यह एम्प्लॉयर के ज़रिए किया जाता है. पर्सनल बीमा के मामले में कई चीजों को कवर नहीं किया जाता और यह किफायती भी नहीं है.

Group health insurance Vs Individual health insurance
वैश्विक महामारी से गुजरने के बाद ज्यादातर लोग अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को लेकर सचेत हो गए हैं.

Group health insurance Vs Individual health insurance: वैश्विक महामारी से गुजरने के बाद ज्यादातर लोग अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को लेकर सचेत हो गए हैं. इसके चलते लोगों ने यह भी समझा है कि हेल्थ इंश्योरेंस की क्या अहमियत है. मेडिकल इमरजेंसी को लेकर किसी तरह की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है. किसी को भी, किसी भी समय इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी के लिए हम पहले से तैयार रहें.

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बीमा होने से मेडिकल इमरजेंसी को लेकर हमारे मन का डर खत्म हो जाता है और किसी तरह का मानसिक तनाव भी नहीं होता. परिवार में किसी की अचानक बीमारी या मृत्यु की वजह से किसी को भी लंबे समय तक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना चाहते हैं तो आप ग्रुप इंश्योरेंस या किसी एक व्यक्ति या परिवार के लिए पर्सनल हेल्थ इंश्योरेंस का विकल्प चुन सकते हैं.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Pazcare के को-फाउंडर और CEO संचित मलिक कहते हैं, “पर्सनल मेडिकल कवर की तुलना में ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस काफी बेहतर विकल्प है. एम्प्लॉयर अक्सर अपने कर्मचारियों को ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस देते हैं, क्योंकि यह सस्ता है और अस्पताल में एम्बुलेंस व कैशलेस रजिस्ट्रेशन आदि को कवर करता है. वह आगे कहते हैं, “ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस में क्लेम करना आसान होता है क्योंकि यह एम्प्लॉयर के ज़रिए किया जाता है. पर्सनल बीमा के मामले में कई चीजों को कवर नहीं किया जाता और यह किफायती भी नहीं है.” इसलिए, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के दौरान, ग्रुप पॉलिसी का फायदा उठाना चाहिए क्योंकि इसकी प्रक्रिया में बहुत कम समय लगता है और आसानी से क्लेम किया जा सकता है. बाद में अगर जरूरत हो तो इसे पर्सनल पॉलिसी में शिफ्ट कर सकते हैं.

कैशलेस और रीइंबर्समेंट के मामले में क्या है बेहतर

इसके अलावा, अगर आप कैशलेस पेमेंट का विकल्प चुन रहे हैं, तो आपके लिए बेहतर क्या होगा? मलिक के अनुसार, अगर आपके पास ग्रुप और पर्सनल हेल्थ पॉलिसी दोनों मौजूद हैं, तो ऐसी स्थिति में ग्रुप हेल्थ कैशलेस विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए. फिर भी अगर आवश्यक हो, तो आप पर्सनल कवर के तहत कैशलेस से जुड़ सकते हैं और इसका फायदा उठा सकते हैं. यदि आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि रीइंबर्समेंट क्लेम करते समय ग्रुप इंश्योरेंस और पर्सनल हेल्थ पॉलिसी में से किसे चुनना चाहिए, तो यह व्यक्ति और क्लेम अमाउंट पर निर्भर करता है. हालांकि, अगर यह एक छोटी राशि है और ग्रुप हेल्थ पॉलिसी के ज़रिए क्लेम किया जा सकता है, तो पर्सनल हेल्थ पॉलिसी के बजाय इसका उपयोग करना बेहतर है.

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एक्सपर्ट्स का कहा है कि छोटे दावों के मामले में अगर संभव हो तो, पर्सनल हेल्थ पॉलिसी से बचना चाहिए ताकि नो क्लेम बोनस (NCB) का इस्तेमाल न हो. जब आप अपने हेल्थ प्लान में कोई क्लेम नहीं करते हैं, तो ज्यादातर पॉलिसियों में, आप बाद के वर्ष में नो क्लेम बोनस (एनसीबी) के हकदार होते हैं. यह एक निश्चित सीमा तक बढ़ता रहता है. छोटे दावे करने का मतलब है कि आप एनसीबी का फायदा नहीं उठा पाएंगे. अगर आप एम्प्लॉयर से ग्रुप पॉलिसी के बाद पर्सनल हेल्थ बीमा पॉलिसी चुनने की योजना बना रहे हैं, तो मलिक कहते हैं, “आपको कुल मिलाकर 6 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच कुल स्वास्थ्य बीमा कवरेज पर विचार करना चाहिए.”

(Article: Priyadarshini Maji)

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