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क्या पूरी तरह टैक्स फ्री होगी सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम? SBI रिसर्च ने रखा प्रस्ताव

अभी यह स्कीम टैक्स फ्री नहीं है.

November 18, 2019 2:38 PM
government should make the Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) completely tax-free, sbi research ecowrap report proposalImage: Reuters

SBI रिसर्च ने सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) को पूरी तरह से टैक्स फ्री कर दिया जाए. इससे बुजुर्ग व्यक्तियों को फायदा होगा. अभी यह स्कीम टैक्स फ्री नहीं है. हालांकि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ जरूर मिलता है. इस स्कीम से एक वित्त वर्ष में 10,000 रुपये से ज्यादा ब्याज आने पर TDS कटता है.

हालिया Ecowrap रिपोर्ट में SBI रिसर्च ने प्रस्ताव रखा है कि SCSS को पूरी तरह टैक्स फ्री किया जाए. ऐसा करने पर राजकोषीय घाटे पर बहुत असर नहीं पड़ेगा. इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है, ‘SCSS सीनियर सिटीजन के लिए एक बेहतरीन स्कीम है. इसके तहत 15 लाख रुपये तक डिपॉजिट किया जा सकता है और ब्याज दर 8.6 फीसदी सालाना है. लेकिन इस स्कीम की सबसे बड़ी कमी है कि मिलने वाला ब्याज अमाउंट पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है. अगर कोई इस स्कीम में 5 साल के लिए 1 लाख रुपये डिपॉजिट करे तो ब्याज अमाउंट लगभग 51000 रुपये होगा,​ जिस पर टैक्स लगेगा.

राजकोषीय घाटे पर पड़ेगा केवल 0.02% का असर

मार्च 2018 तक SCSS के तहत लगभग 38,662 करोड़ रुपये जमा थे. अगर इस अमाउंट को टैक्स से पूरी तरह छूट मिल जाए तो सरकार को केवल 3,092 करोड़ रुपये का रेवेन्यु छोड़ना पड़ेगा. इससे राजकोषीय घाटे पर मामूली 0.02 फीसदी का असर पड़ेगा.

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पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

  • अभी सालाना ब्याज 8.6 फीसदी, मैच्योरिटी पीरियड 5 साल
  • 1000 रुपये के मल्टीपल में एक डिपॉजिट किया जा सकता है. साथ ही इसमें 15 लाख रुपये से ज्यादा अमाउंट नहीं रह सकता है.
  • SCSS के तहत 60 साल या उससे ज्यादा की उम्र का व्यक्ति अकाउंट खुलवा सकता है.
  • अगर कोई 55 साल या उससे ज्यादा का है लेकिन 60 साल से कम का है और VRS ले चुका है तो वह भी SCSS में अकाउंट खोल सकता है. लेकिन शर्त यह है कि उसे रिटायरमेंट बेनिफिट्स मिलने के एक माह के अंदर यह अकाउंट खुलवाना होगा और इसमें डिपॉजिट किया जाने वाला अमाउंट रिटायरमेंट बेनिफिट्स के अमांउट से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
  • SCSS के तहत डिपॉजिटर इंडीविजुअली या अपनी पत्नी/पति के साथ ज्वॉइंट में एक से ज्यादा अकाउंट भी रख सकता है. लेकिन सभी को मिलाकर मैक्सिमम इन्वेस्टमेंट लिमिट 15 लाख से ज्यादा नहीं हो सकती.
  • 1 लाख से कम रकम के साथ अकाउंट कैश में खुलवाया जा सकता है लेकिन उससे ज्यादा रकम के लिए चेक का इस्तेमाल करना होगा.
  • नॉमिनेशन फैसिलिटी उपलब्ध
  • अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से अन्य में ट्रांसफर किया जा सकता है.
  • प्रीमैच्योर क्लोजर की अनुमति. लेकिन पोस्ट ऑफिस केवल अकाउंट ओपनिंग के 1 साल बंद अकाउंट क्लोज करने पर डिपॉजिट का 1.5 फीसदी काटेगा, वहीं 2 साल बाद बंद करने पर डिपॉजिट का 1 फीसदी काटा जाएगा.
  • मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद अकाउंट को और तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. इसके​ लिए मैच्योरिटी वाली तारीख के एक साल के अंदर एप्लीकेशन देनी होगी.
  • टैक्स की बात करें तो अगर SCSS के तहत आपकी ब्‍याज राशि 10,000 रुपये सालाना से ज्‍यादा हो जाती है तो आपका TDS कटने लगता है. हालांकि इस स्कीम में इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत छूट है.

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