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ESIC स्कीम के तहत बढ़ेगा मैटरनिटी बेनिफिट? जानें क्या है सरकार का प्रस्ताव

श्रम व रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को इस लाभ को बढ़ाए जाने को लेकर एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया.

Updated: Jul 28, 2020 8:56 PM
Government proposes to hike confinement expenses payable under ESIC scheme to Rs 7,500, employees state insurance scheme maternity benefitमैटरनिटी खर्च बढ़ाने के प्रस्ताव पर फीडबैक देने के लिए स्टेकहोल्डर्स को 30 दिन का समय दिया गया है.

Confinement Expenses under ESIC Health Insurance: सरकार ने ESIC हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत प्रसूति (मैटरनिटी) खर्च बढ़ाकर 7500 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. अभी यह खर्च 5000 रुपये है. मैटरनिटी खर्च या बेनिफिट वह है, जो ESIC हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत इंश्योर्ड महिला को या इंश्योर्ड पुरुष को अपनी पत्नी के लिए बच्चे के जन्म के मामले में दिया जाता है. श्रम व रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को इस लाभ को बढ़ाए जाने को लेकर एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया.

इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, मैटरनिटी खर्च बढ़ाने के प्रस्ताव पर फीडबैक देने के लिए स्टेकहोल्डर्स को 30 दिन का समय दिया गया है. उसके बाद सरकार फीडबैक पर विचार कर अंतिम फैसला लेगी. ESI स्कीम को इंप्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (ESIC) चलाती है.

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क्या कहता है नियम

सरकार ने इंप्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस (सेंट्रल) रूल्स, 1950 के नियम 56A में ‘5000 रुपये’ की जगह ‘7500 रुपये’ कर, बदलाव करने का अपने प्रस्ताव रखा है. अभी नियम 56A के तहत बीमित महिला को या बीमित पुरुष को अपनी पत्नी के लिए मैटरनिटी खर्च के रूप में 5000 रुपये मिलते हैं. यह बेनिफिट उन मामलों में मिलता है, जिनमें डिलीवरी ऐसी जगह होती है जहां ESI स्कीम के तहत आवश्यक मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध न हों. मैटरनिटी खर्च केवल 2 डिलीवरी तक सीमित है.

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