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PMSYM: ​जीवनसाथी की पेंशन का भी इंतजाम करती है यह स्कीम, जानें A to Z डिटेल

PMSYM के तहत 15,000 रुपये से कम आय वाले व्यक्ति को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने मिनिमम 3000 रुपये पेंशन का प्रावधान किया गया है.

October 7, 2019 7:29 AM
full detail of Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-dhan (PM-SYM) scheme including family pension featureImage: PTI

अंतरिम बजट 2018-19 में असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) का एलान किया गया था. इसके तहत 15,000 रुपये से कम आय वाले व्यक्ति को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने मिनिमम 3000 रुपये पेंशन का प्रावधान किया गया है. इस पेंशन को पाने के लिए कर्मचारी को हर महीने एक तय रकम का अंशदान करना होगा और उतना ही अंशदान सरकार की तरफ से भी होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पेंशन स्कीम में लाभार्थी की मृत्यु के बाद पेंशन का क्या होगा?

PM-SYM के नियमों के मुताबिक, इस पेंशन स्कीम में फैमिली पेंशन का भी प्रावधान है. इसके चलते अगर पेंशन पाते हुए लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद उसका जीवनसाथी पेंशन का हकदार होगा. लेकिन इस फैमिली पेंशन प्रावधान के साथ एक शर्त भी जुड़ी है, वह यह कि लाभार्थी के जीवनसाथी को लाभार्थी को मिलने वाली पेंशन का 50 फीसदी ही मिलेगा. इसके अलावा जीवनसाथी के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य इस स्कीम के तहत लाभार्थी की पेंशन पाने का हकदार नहीं है.

अगर अंशदान करते हुए 60 साल से पहले हो जाए मृत्यु तो…

यदि लाभार्थी PM-SYM में नियमित अंशदान दे रहा है और किसी कारणवश उसकी मृत्यु 60 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है तो लाभार्थी का जीवनसाथी योजना में शामिल होकर नियमित अंशदान करके योजना को जारी रख सकता है. अगर वह ऐसा नहीं करना चाहता है तो कोष द्वारा अर्जित एकत्रित वास्तविक ब्याज या बचत बैंक ब्याज दर, जो भी अधिक हो, के साथ लाभार्थी का अंशदान लेकर योजना से बाहर निकल सकता है.

यदि लाभार्थी ने नियमित अंशदान किया है और 60 वर्ष की आयु से पहले किसी कारणवश से स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है और योजना के अंतर्गत अंशदान करने में अक्षम होता है तो उसका जीवनसाथी नियमित अंशदान करके इस योजना को आगे जारी रख सकता है. या फिर कोष द्वारा अर्जित एकत्रित वास्तविक ब्याज या बचत बैंक ब्याज दर, जो भी अधिक हो, के साथ लाभार्थी का अंशदान प्राप्त कर योजना से बाहर निकल सकता है. सब्सक्राइबर और उसके जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के बाद संपूर्ण राशि कोष में जमा करा दी जाएगी.

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कौन ले सकता है PM-SYM का लाभ

– असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला 18-40 साल का कोई भी कर्मचारी PM-SYM का लाभ उठा सकता है. इनमें श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, मिड डे मील श्रमिक, सिर पर बोझ ढोने वाले श्रमिक, ईंट-भट्टा मजदूर, चर्मकार, कचरा उठाने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चालक, भूमिहीन मजदूर, खेतिहर मजदूर, निर्माण मजदूर, बीड़ी मजदूर, हथकरघा मजदूर, चमड़ा मजदूर, ऑडियो-वीडियो श्रमिक और इसी तरह के अन्य व्यवसाय के श्रमिक शामिल हैं.

– योजना का लाभ लेने के लिए इनकी मासिक आय 15,000 रुपये प्रति महीने या उससे कम होनी चाहिए.

– पात्र व्यक्ति नई पेंशन योजना (NPS), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) योजना या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लाभ के अंतर्गत कवर नहीं होने चाहिए और उसे आयकरदाता नहीं होना चाहिए.

व्यक्ति कैसे कर सकता है अंशदान

PM-SYM से जुड़ने वाले व्यक्ति का अंशदान उसके बचत बैंक खाता/जनधन खाता से “ऑटो डेबिट” सुविधा के माध्यम से किया जाएगा. PM-SYM योजना में शामिल होने की आयु से 60 वर्ष की आयु तक अभिदाता को निर्धारित अंशदान राशि देनी होगी. व्यक्ति की उम्र के आधार पर उसे मिनिमम 3000 रुपये की पेंशन हर माह पाने के लिए कितना अंशदान करना होगा, ये इस तरह है….

full detail of Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-dhan (PM-SYM) scheme including family pension feature

अगर नियमित नहीं हुआ अंशदान तो…

यदि सब्सक्राइबर ने निरंतर रूप से अपने अंशदान का भुगतान नहीं किया है तो उसे सरकार द्वारा निर्धारित दंड राशि के साथ पूरी बकाया राशि का भुगतान करके अंशदान को नियमित करने की अनुमति होगी.

कैसे होगा स्कीम में रजिस्ट्रेशन

PM-SYM के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कर्मचारी के पास मोबाइल फोन, बचत बैंक खाता और आधार संख्या होना अनिवार्य है. पात्र सब्सक्राइबर नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर जाकर आधार नंबर और बचत बैंक खाता/जनधन खाता संख्या को स्वप्रमाणित यानी सेल्फ वेरिफिकेशन करके PM-SYM के लिए नामांकन करा सकते हैं. बाद में सब्सक्राइबर को PM-SYM वेब पोर्टल पर जाने और मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की सुविधा दी जाएगी और वे आधार संख्या/स्वप्रमाणित आधार पर बचत बैंक खाता/जनधन खाता का इस्तेमाल करते हुए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. पहले महीने की अंशदान राशि का भुगतान नकद रूप में होगा और इसकी रसीद दी जाएगी.

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योजना से बाहर निकलना और वापसी

असंगठित मजदूरों के रोजगार के अनिश्चित स्वभाव को देखते हुए योजना से बाहर निकलने के प्रावधान लचीले रखे गए हैं. योजना से बाहर निकलने के प्रावधान निम्नलिखित हैं:

– यदि सब्सक्राइबर 10 साल से कम की अवधि में योजना से बाहर निकलता है तो उसे केवल लाभार्थी के अंशदान के हिस्से को बचत बैंक ब्याज दर के साथ दिया जाएगा.

– यदि सब्सक्राइबर 10 वर्षों या उससे अधिक की अवधि के बाद लेकिन 60 वर्ष की आयु होने से पहले योजना से बाहर निकलता है तो उसे लाभार्थी का अंशदान कोष द्वारा अर्जित संचित ब्याज के साथ या बचत बैंक ब्याज, दर जो भी अधिक हो, के साथ दिया जाएगा.

– NSSB की सलाह पर सरकार द्वारा तय योजना से बाहर निकलने का कोई अन्य प्रावधान.

सहायता केन्द्र और कोष प्रबंधन

एलआईसी के सभी शाखा कार्यालयों, ESIC/EPFO के कार्यालयों और केन्द्र व राज्य सरकारों के सभी श्रम कार्यालयों द्वारा असंगठित श्रमिकों को योजना, उसके लाभों और प्रक्रियाओं के बारे में बताया जाएगा. PMSYM केन्द्र की योजना है, जिसका संचालन श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा किया जाएगा. इसे भारतीय जीवन बीमा निगम और CSC के माध्यम से लागू किया जाएगा. LIC पेंशन फंड मैनेजर होगी और पेंशन भुगतान के लिए उत्तरदायी होगी.

Source: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

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