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इस तरह युवाओं को डालनी चाहिए बचत की आदत, सेविंग्स से लेकर वेल्थ क्रिएशन का लक्ष्य होगा आसानी से पूरा

पहले अधिकतर लोग रिटायरमेंट और इमरजेंसी एक्सपेंसेज को लेकर पैसे बचाते थे. हालांकि अब लोगों का फोकस फाइनेंसियल प्लानिंग और इंवेस्टमेंट प्लानिंग पर है.

April 16, 2021 4:25 PM
From savings to wealth creation How to manage money know here financial planning investment planningबचत के लिए लोगों को शुरुआत करनी चाहिए चाहे रकम कितनी भी कम हो क्योंकि छोटी राशि से की गई बचत लांग टर्म में बड़ी राशि बन जाएगी.

पहले अधिकतर लोग रिटायरमेंट और इमरजेंसी एक्सपेंसेज को लेकर पैसे बचाते थे. हालांकि अब लोगों का फोकस फाइनेंसियल प्लानिंग और इंवेस्टमेंट प्लानिंग पर है. अब लोग फाइनेंसियल इंडेपेंडेंस और वेल्थ क्रिएशन पर भरोसा करने लगे हैं. फाइनेंसियल इंडेपेंडेंस का मतलब सिर्फ अपने खर्चों के लिए फंड का प्रबंध करना नहीं है बल्कि बचत करना और निवेश करने को लेकर भी है. यानी कि अगर आप अपनी कमाई के एक हिस्से की बचत कर पाते हैं और निवेश भी कर पाते हैं तो यह वित्तीय स्वतंत्रता है. बचत के लिए लोगों को शुरुआत करनी चाहिए चाहे रकम कितनी भी कम हो क्योंकि छोटी राशि से की गई बचत लांग टर्म में बड़ी राशि बन जाएगी.
बचत को कैश के रूप में या सेफ सिक्योरिटीज में लिक्विड एसेट्स के रूप में किया जाता है जबकि निवेश लांग टर्म प्रॉसेस है जिसके तहत स्टॉक्स की खरीदारी, रीयल एस्टेट व फिक्स्ड एसेट्स की खरीदारी शामिल है. निवेश के लिए विकल्पों की समझ होनी जरूरी है लेकिन बचत के लिए सिर्फ अपने खर्चों का रिकॉर्ड रखना, हर महीने के बचट का आकलन करना, खर्च को कम करना, बचत लक्ष्य का निर्धारण करना, फाइनेंसियल प्रॉयोरिटीज डिसाइड करना और अपनी बचत के ग्रोथ को ट्रैक करना होता है.

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इस तरह कर सकते हैं सेविंग्स

  • अपने आय के स्रोत का आकलन करें.
  • घर के किराए, यूटिलिटीज व स्वास्थ्य खर्च जैसे जरूरी और नियमित खर्चों के लिए फंड्स को एक तरफ रख दें.
  • छुट्टियों व मूवी आउटिंग जैसे कुछ ऐसे खर्चों के लिए भी कुछ पैसे अलग कर लें जो स्वाभवत: अनियिमित होते हैं.
  • शेष रकम को सेविंग के तौर पर रखें.

बजटिंग पर रखें फोकस

आप कितनी बचत कर रहे हैं या कर सकते हैं, इस पर सबसे अधिक प्रभाव बजट का पड़ता है. एक बजट बनाकर उसके मुताबिक खर्च करने पर बचत और निवेश जारी रख सकते हैं. इसके अलावा गैरजरूरी चीजों पर खर्च न हो, इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है. सफलतापूर्वर बचत के लिए एबीसीडी के मंत्र को फॉलो करें.

  • ए- इसका मतलब है आय, खर्च और बचत को अरेंज करना.
  • बी- इनकम के मुताबिक बजटिंग और खर्चों को बैलेंस करना.
  • सी- बचत को लेकर कांसिस्टेंट अप्रोच
  • डी- शॉर्ट-टर्म सेविंग्स को लांग-टर्म इंवेस्टमेंट्स में डेवलप करना.

युवाओं को अपनी कमाई के एक हिस्से को बचत करने की नियमित आदत बनानी चाहिए. इसके लिए युवाओं को अपने खर्चों को ट्रैक करना चाहिए और इसे नियमित तौर पर हर 15 दिन पर एनालाइज करना चाहिए. इससे गैर-जरूरी खर्चों को चेक करने और महीने के अगले 15 दिन इस पर नियंत्रण रखने की कोशिश करनी चाहिए.

युवा पीढ़ी को पैसे बचाने के लिए आसान टिप्स

  • सेल्फ कंट्रोल सीखें और बचत को अपनी आदत में शुमार करें.
  • अपनी पूंजी को कई हिस्सों में बांटना सीखें और अपनी पूरी कमाई को कई हेड्स में एलोकेट करें.
  • छोटे निवेश से शुरूआत करें और पेऑफ को एनालाइज करें.
  • एक आपातकालीन कोष की शुरुआत करें.
  • कमाएं, बचाएं और खर्च करें. अधिकतम कोशिश करें कि क्रेडिट का इस्तेमाल न करना पड़े.

(Article by TV Raman, Professor, Finance, Amity Business School, Amity University)

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