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5 साल में ELSS फंड ने दिए 14% तक रिटर्न, निवेश के लिए ये हो सकते हैं बेस्ट विकल्प

ELSS Vs FD: टैक्स बचाने के लिए कौन सा विकल्प है बेस्ट

July 20, 2019 7:57 AM
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समय के साथ ही महंगाई में तेजी से इजाफा हो रहा है. ऐसे में बचत किसी के लिए भी बहुत खास हो जाता है.इस वजह से भविष्य के लिए कम उम्र से ही फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू करना जरूरी होता है. इसी क्रम में टैक्सेशन भी है जो आपके बचत का एक बड़ा हिस्सा कम कर देती है. इसलिए समझदारी यह है कि निवेश करते समय ऐसा विकल्प चुनें, जिसमें टैक्स बचत का भी लाभ मिलता हो.

आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत सरकार कई स्कीम में निवेश पर छूट देती है. इसके लिए 5 साल की एफडी और म्यूचुअल फंड की कटेगिरी इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) पॉपुलर विकल्प हैं. लेकिन इसमें भी निवेश करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि कहां ज्यादा फायदा मिल सकता है. अगर पिछले 5 साल के प्रदर्शन पर निगाह डालें तो ELSS ने 14 फीसदी तक की दर से सालाना रिटर्न दिया ​है.

 

Tax Saver ELSS

सेक्शन 80C के तहत अगर छूट का लाभ लेना चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड की कटेगिरी इक्व्टिी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स यानी ELSS भी बेहतर विकल्प हो सकता है. एक्सपर्ट भी टैक्स सेविंग के लिए इसमें निवेश की सलाह देते हैं क्योंकि इसमें लॉक-इन पीरियड सिर्फ 3 साल का होता है. वहीं, एक्सपर्ट की निगरानी में इक्विटी में निवेश का मौका भी मिलता है, जहां ज्यादा रिटर्न की गुंजाइश रहती है.

ELSS में हायर रिटर्न की गुंजाइश

ELSS को मार्केट में बेस्ट इन्वेस्टमेंट इन्स्ट्रूमेंट में से एक माना जाता है. इसकी वजह है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि में हायर रिटर्न देने की संभावना होती है. हालांकि कोई भी इक्विटी रिटर्न गांरटीड नहीं है, लेकिन ELSS फंड ने पिछले 5 साल में 14 फीसदी सालाना की दर से रिटर्न दिया है. यह अन्य पॉपुलर सेविंग इंस्ट्रमेंट्स जैसे FD और PPF पर लगभग 8 फीसदी तक सालाना ब्याज से मिले रिटर्न से बहुत ज्यादा है.

ये ELSS हो सकते हैं बेस्ट विकल्प

Tata इंडिया टैक्स सेविंग्स फंड

एसेट्स: 1903 करोड़ (30 जून, 2019)
एक्सपेंस रेश्यो: 2.12% (30 जून, 2019)
लांच डेट: 31 मार्च, 1996
लांच के बाद से रिटर्न: 18.94 फीसदी
5 साल का रिटर्न: 14.10 फीसदी
मिनिमम एसआईपी: 500 रुपये

Axis लांग टर्म इक्विटी फंड

एसेट्स: 19718 करोड़ (30 जून, 2019)
एक्सपेंस रेश्यो: 1.81% (30 जून, 2019)
लांच डेट: 29 दिसंबर, 2009
लांच के बाद से रिटर्न: 17.11 फीसदी
5 साल का रिटर्न: 13.66 फीसदी
मिनिमम एसआईपी: 500 रुपये

Kotak टैक्स सेवर

एसेट्स: 942 करोड़ (30 जून, 2019)
एक्सपेंस रेश्यो: 2.43% (30 जून, 2019)
लांच डेट: 23 नवंबर, 2005
लांच के बाद से रिटर्न: 11.50 फीसदी
5 साल का रिटर्न: 13.02 फीसदी
मिनिमम एसआईपी: 500 रुपये

आदित्य बिरला सनलाइफ टैक्स रीलीफ

एसेट्स: 8850 करोड़ (30 जून, 2019)
एक्सपेंस रेश्यो: 2.03% (30 जून, 2019)
लांच डेट: 29 मार्च, 1996
लांच के बाद से रिटर्न: 23.74 फीसदी
5 साल का रिटर्न: 12.56 फीसदी
मिनिमम एसआईपी: 500 रुपये

(सोर्स: www.valueresearchonline.com)

क्या है ELSS?

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स को आमतौर पर टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड स्कीम के नाम से जाना जाता है. ELSS के तहत आपके द्वारा इन्वेस्ट किए पैसे को म्यूचुअल फंड कंपनियां शेयर मार्केट में लगाती हैं, जो विभिन्न सेक्टर्स के होते हैं. आम तौर पर फंड का मिनिमम 80 फीसदी इक्विटी और उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है.

(नोट: हमने ये रिपोर्ट म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन के आधार पर दी है. यह निवेश की सलाह नहीं है. बाजार के अपने जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

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