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Family Pension Rule: सरकारी कर्मचारी की मौत में आरोपी जीवनसाथी को पेंशन मिलेगी या नहीं? जानिए क्या हैं इससे जुड़े प्रावधान

Family Pension Rule: अगर किसी सरकारी कर्मचारी की असमय मृत्यु हो जाती है तो उसके जीवनसाथी को पेंशन दी जाती है. हालांकि अगर फैमिली पेंशन पाने के हकदार शख्स पर कर्मी की हत्या का आरोप या इस अपराध में शामिल होने का आरोप लगा है तो ऐसी परिस्थिति में क्या होगा?

Updated: Jul 13, 2021 3:57 PM
Family Pension What if spouse or eligible person is accused of killing the employee Modi Government decides thisनए नियमों के मुताबिक अगर किसी सरकारी कर्मी की हत्या का आरोप उसके जीवनसाथी पर लगा है तो उसे पेंशन नहीं मिलेगी बल्कि कर्मी के परिवार के किसी अन्य योग्य सदस्य को पेंशन दी जाएगी.

Central Government Employee Family Pension Rule: अगर किसी सरकारी कर्मचारी की असमय मृत्यु हो जाती है तो उसके जीवनसाथी को पेंशन दी जाती है. हालांकि अगर फैमिली पेंशन पाने के हकदार शख्स पर कर्मी की हत्या का आरोप या इस अपराध में शामिल होने का आरोप लगा है तो ऐसी परिस्थिति में क्या होगा? इसे लेकर केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर (DoPPW) ने फैसला किया है कि ऐसी परिस्थिति में कर्मी की मौत के बाद परिवार के किसी अन्य योग्य सदस्य को फैमिली पेंशन दी जा सकती है. नए नियमों के मुताबिक ऐसे मामलों में सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 1972 के रूल 54(11-सी) के तहत रुकी हुई पेंशन को कर्मी के परिवार के अन्य योग्य सदस्य को फैमिली पेंशन मिलेगी जब तक कि कर्मी की हत्या को लेकर आपराधिक कार्रवाई जारी रहती है.

बच्चों के मामले में हत्यारोपी को नहीं बनाया जा सकेगा संरक्षक

अगर किसी सरकारी कर्मी की हत्या का आरोप उसके जीवनसाथी पर लगा है तो उसे पेंशन नहीं मिलेगी बल्कि कर्मी के परिवार के किसी अन्य योग्य सदस्य को पेंशन दी जाएगी. हालांकि कर्मी के परिवार का यह योग्य सदस्य अगर अवयस्क है तो उसे एक संरक्षक के जरिए पेंशन दी जाएगी. हालांकि बच्चे के संरक्षक के तौर पर पेंशन लेने के लिए हत्यारोपी जीवनसाथी को नहीं नियुक्त किया जा सकता. 16 जून 2021 की तारीख में DoPPW द्वारा जारी ऑफिस मेमोरेंडम के मुताबिक हत्यारोपी को अगर बरी कर दिया जाता है तो उन्हें पेंशन शुरू कर दिया जाएगा और कर्मी के परिवार के अन्य योग्य सदस्य को पेंशन मिलना बंद हो जाएगा. नए नियम लागू होने के पहले कर्मी की मौत के बाद सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 1972 के रूल 54(11-सी) के तहत रुकी हुई पेंशन को एरियर के तौर पर कर्मी के परिवार के अन्य योग्य सदस्य को दिया जाएगा.

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अभी ऐसी परिस्थिति में यह था नियम

इससे पहले कर्मी की हत्या या इस अपराध में शामिल होने के चलते उसके जीवनसाथी या पेंशन पाने का हक चला जाता था और ऐसे मामलों में अपराध में शामिल शख्स को पेंशन नहीं दी जाती थी बल्कि कर्मी के परिवार के किसी भी अन्य योग्य शख्स को भी पेंशन नहीं दी जाती थी. सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 1972 के रूल 54 (11-सी) के तहत किसी सरकारी कर्मी की मौत के बाद जिसे पेंशन मिला है, उस पर ही अगर कर्मी की हत्या का आरोप है तो उसकी पेंशन रोक दी जाती है. यह पेंशन तब तक रुकी रहती थी जब तक कि कानूनी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती थी. अब नए नियम से सरकारी कर्मी की मौत के बाद किसी योग्य शख्स को फैमिली पेंशन पाने का अधिकार दे दिया गया है.
(Article: Rajeev Kumar)

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