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नौकरीपेशा हैं तो ग्रेच्युटी के बारे में जान लें ये 4 फैक्ट, कैलकुलेशन के लिए ये फॉर्मूला आएगा काम

नौकरी करने वाला हर शख्स ग्रेच्युटी के बारे में सुनता है लेकिन यह क्या है और कौन इसे ले सकता है, इसकी जानकारी कइयों को नहीं होती.

November 12, 2018 11:56 AM

Facts about gratuity

नौकरी करने वाला हर शख्स ग्रेच्युटी के बारे में सुनता है लेकिन यह क्या है और इसे कैसे पाया जाता है इसकी जानकारी कइयों को नहीं होती. साथ ही इससे जुड़े फैक्ट जैसे इस पर टैक्स छूट के नियम क्या हैं, इसके बारे में भी जानकारी का अभाव नुकसान की वजह बनता है. आइए आपको बताते हैं ग्रेच्युटी के बारे में ऐसी ही कुछ बेसिक डिटेल्स-

1. कौन है ग्रेच्युटी पाने का हकदार?

पेमेंट आॅफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के सेक्शन 3 के मुताबिक, 10 या उससे ज्यादा इंप्लॉई वाली कोई भी फैक्ट्री, खान, आॅयल फील्ड, प्लांटेशंस, पोर्ट, रेलवे कंपनी, दुकान या अन्य एस्टेबिलिशमेंट को अपने इंप्लॉइज को ग्रेच्युटी देनी होगी. अगर बाद में इंप्लॉइज कम हो जाते हैं तो भी हकदार इंप्लॉइज को ग्रेच्युटी दी जाएगी. इसके दायरे में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स, टेंपरेरी स्टाफ, ओवरसीज असाइनमेंट या डेपुटेशन पर रखे गए इंप्लॉई भी आते हैं. हालांकि अप्रेंटिस को यह सुविधा नहीं है.

2. कब मिलती है ग्रेच्युटी?

ग्रेच्युटी पाने के लिए इंप्लॉई को किसी एस्टेबिलिशिमेंट में लगातार 5 साल नौकरी करना जरूरी है. इसके बाद नौकरी छोड़ने या रिटायर होने, मृत्यु होने या बीमारी अथवा एक्सीडेंट में अक्षम होने पर ग्रेच्युटी का पैसा भी मिलता है.

हालांकि मृत्यु या अक्षम हो जाने पर ग्रेच्युटी अमाउंंट दिए जाने के लिए नौकरी के 5 साल पूरे होना जरूरी नहीं है. मृत्यु के मामले में ग्रेच्युटी अमाउंट उसके नॉमिनी को मिलेगा, नॉमिनी न होने पर उसके उत्तराधिकारी को दिया जाएगा.

3. कितने दिन में मिल जाती है?

इंप्लॉयर के लिए इंप्लॉई के नौकरी छोड़ने, रिटायर होने, मृत्यु या उसके अक्षम होने पर 30 दिन के अंदर ग्रेच्युटी दिए जाने का प्रावधान है. अगर तय अवधि के अंदर ऐसा नहीं होता है तो बाद में इंप्लॉयर को सरकार द्वारा तय ब्याज के साथ ग्रेच्युटी अमाउंट का भुगतान करना होगा.

4. टैक्स छूट का कैसे मिलता है लाभ?

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के मुताबिक, ग्रेच्युटी पर कई बार टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है लेकिन 20 लाख रुपये तक की ही ग्रेच्युटी पर आपको छूट मिलती है. यानी इस लिमिट से ज्यादा ग्रेच्युटी अमाउंट पर आपको टैक्स देना होगा. अगर आप एक से ज्यादा जगह काम कर रहे हैं, पुराने इंप्लॉयर से ग्रेच्युटी ले चुके हैं तो आगे आपकी टैक्स छूट लेने वाली लिमिट घटती जाएगी. उदाहरण के तौर पर अगर आपने एक जगह से 5 लाख की ग्रेच्युटी ली है और इस पर टैक्स छूट का लाभ लिया है तो दूसरी जगह पर आपके लिए टैक्स छूट लेने के लिए लिमिट अब 20 लाख से घटकर 15 लाख ही रह जाएगी क्योंकि आप 5 लाख पर पहले ही छूट ले चुके हैं.

ऐसे करें कैलकुलेट

आपको कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी इसकी कैलकुलेशन एक फॉर्मूले के जरिए की जा सकती है. यह फॉर्मूला है—

आखिरी सैलरी (बेसिक+DA)*नौकरी के वर्ष*15/26

इसे एक उदाहरण से समझें—

माना किसी ने 10 सालों तक लगातार एक जगह काम किया है और वहां उसकी आखिरी सैलरी 70000 रुपये है. ऐसे में उसकी ग्रेच्युटी यह रहेगी.

70000*10*15/26=4,03,846

इस तरह उस इंसान को 4.03 लाख रुपये ग्रेच्युटी के तौर पर हासिल होंगे. टैक्स की बात करें तो चूंकि यह अमाउंट 20 लाख की लिमिट के अंदर है, इसलिए इस पर टैक्स नहीं बनेगा लेकिन किसी अन्य जगह नौकरी करने के बाद ग्रेच्युटी का हकदार होने पर टैक्स छूट की लिमिट घटकर 15.96 लाख (20 लाख-4.03 लाख) रुपये रह जाएगी.

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