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कर्ज लेने से पहले यह जरूर ध्यान दें कि उसे चुकाना कैसे है.

Updated: Oct 25, 2019 2:29 PM
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Loan Repayment: कर्ज लेना अब मजबूरी ही नहीं बल्कि जरूरत भी बन गया है. चाहे आपको नया फ्लैट खरीदना हो या नई कार, बच्चों का हायर एजुकेशन हो या अन्य कोई भी जरूरत. फाइनेंस कराने का प्रॉसेस भी पहले जैसा जटिल नहीं रह गया है, इसलिए जरूरत पर लोग आसानी से बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस का रुख कर लेते हैं. हालांकि कई बार ऐसा होता है कि कर्ज लेने के पहले यह प्लान नहीं हो पाता कि इसे चुकाना कैसे है. इस दिशा में बेहतर प्लानिंग न होने से कई बार यह कर्ज बड़ी मुसीबत बनता जाता है और लोग डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं.

लेकिन अगर स्मार्ट ऑप्शन्स और पॉजिटिव मानसिकता है तो मुश्किल दौर में भी यह कर्ज चुकाना आसान हो जाता है. ऐसे लोग इनकम और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं, बजट बनाते हैं और रिसोर्स को मैनेज करते हैं और अंत में कर्ज से मुक्ति के तरीके खोजते हैं. यह आसान नहीं है लेकिन तरीकों का चयन करते वक्त सावधान रहने की जरूरत है. मौजूदा हालात यह समझने में मदद करता है कि इनकम के स्रोत क्या हैं और पैसा खर्च कहां होता है, कहां खर्च कम करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए.

योजना बनाएं और उसे फॉलो करें

घर और शिक्षा के लिए लोन है तो आपको ड्यू डेट से प्रीमियम का भुगतान शुरू करने के लिए पर्याप्त रकम रिजर्व रखना चाहिए. इस दिशा में कोई लापरवाही आपका क्रेडिट स्कोर खराब कर सकती है. अगर किसी ने शिक्षा के लिए कर्ज लिया है और वह जॉब न मिलने से उसका पेमेंट नहीं कर पा रहा तो उसे तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए और नौकरी खोजने के लिए मदद मांगनी चाहिए. ईमानदारी से अपने हालात के बारे में बताएं तो लेंडर न सिर्फ नौकरी खोजने में मदद करता है बल्कि कर्ज वापस करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय भी दे सकता है. इस तरह कोई भी EMI का दबाव कम कर सकता है.

बैंक कर्मचारियों के साथ चर्चा करें

सही कम्युनिकेशन कई साफ सीधे खतरों और समस्याओं का सामना करता है. बैंक कर्मचारियों के साथ चर्चा करके उन्हें अपनी मौजूदा आर्थिक हालात के बारे में बताएं और कर्ज चुकाने के लिए और वक्त मांगे. इस तरह कोई भी EMI का दबाव कम कर सकता है. साथ ही अधिक समय मिलने से आप कमाई के लिए और विकल्प की खोज सकेंगे.

रिफाइनेंस के लिए जा सकते हैं

एक बॉरोअर रिफाइनेंस के लिए जा सकता है. यानी अधिक आसान नियम और शर्तों पर कर्ज या अधिक अनुकूल शर्तों के साथ एक बदली गई योजना के अनुसार. मसलन, कई मामलों में लेंडर कमजोर को-एप्लिकेंट को एक मजबूत को-एप्लिकेंट के साथ रिप्लेस करने का मौका देता है.

मौजूदा संपत्ति मदद करती है

एसेट्स हमेशा वित्तीय संकट से निपटने में मदद करती है. वे किसी के कर्ज का पेमेंट करते हुए वाकई प्रभावी हो सकते हैं. एक उधारकर्ता बंधक का लाभ उठाने के लिए अपनी संपत्ति का इस्तेमाल कर सकता है, और यदि उसके पास शेयर हैं, तो इक्विटी की मदद से कर्ज संकट से छुटकारा पा सकता है. इसके साथ ही, ब्याज पर टैक्स कटौती के अलावा कोई भी कम ब्याज दरों और कम प्रीमियम पर बेनिफिट उठा सकता है, लेकिन कम रेट केवल तभी संभव है जब किसी के पास बेहतर क्रेडिट हिस्ट्री हो.

डेट सेटलमेंट की कोशिश करें

यदि नेगोशिएन स्किल्स बेहतर है तो कर्ज के बोझ को कम करने का एक और उपयोगी विकल्प यह है कि कर्जदाता से कुल राशि में छूट पाने के लिए एक छोटी अवधि में एकमुश्त भुगतान कर दें. फाइनेंस में, इस रणनीति को डेट सेटलमेंट कहा जाता है. लेकिन, इस विकल्प पर कैपिटलाइज करने के लिए किसी को डील बंद करने के लिए एकमुश्त भुगतान की पेशकश करने के लिए एक डिसेंट रकम होनी चाहिए. इसलिए, नेगोशिएन स्किल्स और पैसे का होना सफल डेट सेटलमेंट की शर्तें हैं. यहां, ऋण चुकाने से पहले लिखित डाक्यूमेंट्स के बारे में अतिरिक्त अलर्ट रहना चाहिए. उधारकर्ता के पास संबंधित अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित एक लिखित समझौता होना चाहिए.

(लेखक रचित चावला Finway के CEO हैं.)

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