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EPFO: वित्त वर्ष 2019-20 के लिए EPF पर दो किस्तों में मिलेगा ब्याज, जानिए खाते में कब आएगी कितनी रकम

EPF Interest Rate: बीते 7 साल में EPF पर मिलने वाला ये सबसे कम ब्याज है. EPFO ने वित्त वर्ष 2018-19 में PF पर 8.65 फीसदी ब्याज दिया था.

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EPF Interest Rate: रिटायरमेंट फंड बॉडी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.5 फीसदी ब्याज निर्धारित किया है. सरकार हालांकि ब्याज का भुगतान दो किस्तों में करेगी. फिलहाल, EPFO की तरफ से सिर्फ 8.15 फीसदी ब्याज अक्टूबर में दिया जाएगा. शेष 0.35 फीसदी ब्याज का भुगतान दिसंबर माह में किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, ईपीएफओ ट्रस्टी बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया. इसका फायदा 6 करोड़ ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को होगा. यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 0.15 फीसदी कम है. वित्त वर्ष 2018-19 में EPF पर 8.65 फीसदी ब्याज दिया गया था.

सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि EPFO की निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई सेंट्रल बोर्ड आफ ट्रस्टी (CBT) की दिसंबर में दोबारा बैठक होगी, जिसमें सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में 0.35 फीसदी ब्याज ट्रांसफर करने पर फैसला किया जाएगा. यह मामला मीटिंग के एजेंडे में नहीं था, लेकिन बोर्ड के कुछ सदस्यों ने सब्सक्राइबर्स के खाते में ब्याज का पैसा जमा कराने में देरी का मसला उठाया.

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इस साल मार्च में हुई मीटिंग में श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता में बोर्ड ने 2019-20 के लिए 8.5 फीसदी ब्याज देने का ​फैसला किया था. सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्रालय ​बीते वित्त वर्ष के लिए ईपीएफओ सब्सक्रइबर्स को 8.5 फीसदी ब्याज देने पर अपनी मंजूरी पहले ही दे चुका है. इससे पहले ईपीएफओ ने पिछले वित्त वर्ष में 8.5 फीसदी ब्याज के भुगतान पर घाटे की भरपाई के लिए ईटीएफ में अपने कुछ निवेश से पैसा निकालने की योजना बनाई थी. लेकिन कोरोना लॉकडाउन के चलते मार्केट की खराब स्थिति को देखते हुए यह योजना टाल दी गई.

बीते 7 साल में EPF ब्याज दर

वित्त वर्षब्याज दर (% में)
2013-148.75
2014-158.5
2015-168.5
2016-178.5
2017-188.5
2018-198.5
2019-208.5

क्या है PF का हिसाब-किताब?

ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, वेतनभोगी कर्मचारियों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते की 12 फीसदी रकम पीएफ खाते में कंट्रीब्यूट करना जरूरी है. इतना ही कंट्रीब्यूशन कंपनी अपनी तरफ से देती है. हालांकि, कंपनी का कंट्रीब्यूश दो हिस्सों में जाता है. इसमें से 8.33 फीसदी रकम पेंशन स्कीम (EPS) में जाती है. वहीं, शेष 3.67 हिस्सा EPF खाते में जाता है.

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