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EPF Vs NPS: 5 फैक्ट्स से खुद तय करें कि बचत का कौन सा विकल्प बेहतर, ताकि न हो पैसों की दिक्कत

EPF Vs NPS: ईपीएफ और एनपीएस में कौन से विकल्प बेहतर

April 15, 2019 11:45 AM
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EPF Vs NPS saving Options: इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) आज के दौर में सबसे ज्यादा पॉपुलर सेविंग्स स्कीम में शामिल हैं. खासतौर से जब बात हो रिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल सेफ्टी की तो ये दोनों स्कीम सबसे बेहतर विकल्पों में हैं. दोनों स्कीम सरकारी हैं और दोनों में टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है. EPF में निवेश करना प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए जरूरी है, वहीं, NPS सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी भी इसमें निवेश कर सकते हैं. सवाल उठता है कि अगर एक ही स्कीम चुननी है तो कौन सी बेहतर है. हम दोनों स्कीम की जानकारी दे रहे हैं, जिसके आधार पर आप खुद चुनाव कर सकते हैं.

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रिटर्न

  • EPF में मिलने वाली ब्याज दरें EPFO द्वारा तय की जाती है. अभी EPF में 8.5 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज मिलता है.
  • वहीं, NPS में रिटर्न मार्केट लिंक्ड होता है. यानी फंड मैनेजर निवेश के जो विकल्प चुनता है, उसके द्वारा मिले रिटर्न पर यह तय होता है. यानी सब्सक्राइबर्स के पोर्टफोलियो के आधार पर उसे रिटर्न मिलता है. NPS में हाई रिटर्न की गुंजाइश होती है.

योगदान

  • EPF में इम्प्लॉई और इम्प्लॉयर का योगदान बराबर होता है. इम्प्लॉई अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी इसमें योगदान देता है. वहीं, इम्प्लॉयर द्वारा 12 फीसदी योगदान में से 8.33 फीसदी ईपीएस में जाता है.
  • जबकि NPS के तहत कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान सैलरी का 10 फीसदी होता है. वहीं, अब NPS के तहत सरकार की ओर से दिया जाने वाला योगदान बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया गया है. इससे पहले यह 10 फीसदी था.

टैक्स छूट का लाभ

  • EPF में 1.5 लाख रुपये तक किए गए योगदान का इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत छूट का लाभ मिलता है.
  • वहीं, NPS सब्सक्राइबर्स इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 CCD (1) और 80 CCD (1B) के तहत 2 लाख रुपये तक सालाना पर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं.

निवेश चुनने का विकल्प

  • EPF सब्सक्राइबर्स को निवेश के लिए अपना फंड मैनेजर चुनने की सुविधा नहीं होती है.
  • NPS सब्सक्रइबर्स को यह सुविधा है. अभी एनपीएस के तहत 7 फंड मैनेजर हैं, जिनमें HDFC पेंशन फंड, ICICI प्रूडेंशियल पेंशन, Kotak पेंशन फंड, LIC पेंशन फंड, Reliance कैपिटल पेंशन, SBI पेंशन फंड और UTI रिटायरमेंट सॉल्यूशंस हैं. एनपीएस सब्सक्राइबर्स समय समय पर अपने निवेश के विकल्प को बदलने के लिए दूसरा फंड मैनेजर चुन सकते हें.

किसके लिए जरूरी

  • अगर किसी संस्थान में 20 या 20 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे होते हैं तो कंपनी को EPF में रजिस्टर्ड कराना जरूरी होता है.
  • NPS सरकारी कर्मचारियों के जिए जरूरी है, वहीं निजी कर्मचारी भी इस स्कीम को चुन सकते ​हैं.

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