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EPF Calculator: 25 की उम्र में 14,000 रु है बेसिक सैलरी, 8.1% ब्‍याज के हिसाब से रिटायरमेंट पर कितना मिलेगा फंड

EPF Calculator: अगर EPF के पैसों को बिना समय समय पर विद्ड्रॉल किए रिटायरमेंट तक रखें तो अच्‍छा खासा फंड तैयार किया जा सकता है.

EPF Calculator: 25 की उम्र में 14,000 रु है बेसिक सैलरी, 8.1% ब्‍याज के हिसाब से रिटायरमेंट पर कितना मिलेगा फंड
EPF: नौकरीपेशा के लिए प्रोविडेंट फंड बचत का बेहतर विकल्‍प है.

Employees provident Fund: नौकरीपेशा के लिए प्रोविडेंट फंड बचत का बेहतर विकल्‍प है. ऑर्गेनाइज्‍ड सेक्‍टर में काम करने वाले ज्‍यादातर कर्मचारी EPFO के सदस्‍य हैं. EPFO आज की तारीख में करोड़ों अकाउंट होल्डर्स के खातों को मैनेज कर रहा है. इन अकाउंट्स में एम्प्लॉई और एम्प्लॉयर दोनों का बेसिक और डियरनेस अलाउंस मिलाकर 24 फीसदी हिस्सा डिपॉजिट होता है. हर साल इस EPF अकाउंट में जमा राशि पर सरकार ब्याज तय करती है. अभी इस पर ब्‍याज दर 8.1 फीसदी सालाना है.

बड़ा फंड तैयार करने में मददगार

बहुत से लोगों को निवेश और बचत करते समय EPF के महत्‍व का अंदाजा नहीं होता है. लेकिन अगर EPF के पैसों को बिना समय समय पर विद्ड्रॉल किए रिटायरमेंट तक रखें तो अच्‍छा खासा फंड तैयार किया जा सकता है. बहुत से लोगों को इस पर ब्‍याज के कैलकुलेशन का पता नहीं होता है. हम आपको य‍हां बताते हैं कि आप रिटायरमेंट तक कितना फंड तैयार कर सकते हैं. ध्‍यान देने वाली बात है कि PF अकाउंट में जो राशि पेंशन फंड में जाती है, उस पर कोई ब्याज कैलकुलेट नहीं होता है.

कैलकुलेशन: अगर 25 की उम्र में 14000 है बेसिक सैलरी

उम्र: 25 साल
बेसिक सैलरी + DA: 14000 रु
रिटायरमेंट की उम्र: 58 साल
कर्मचारी की ओर से मंथली योगदान: 12 फीसदी
एम्‍प्‍लॉयर की ओर से मंथली योगदान: 3.67 फीसदी
EPF पर करंट ब्‍याज दर: 8.1 फीसदी
सैलरी में सालाना इंक्रीमेंट: 10 फीसदी
रिटायरमेंट पर फंड: 2,40,72,613 रुपये

EPF में बढ़ा सकते हैं योगदान

इसमें ब्याज की समीक्षा हर साल होती है, लेकिन इसका फायदा यह है कि कंपाउंडिंग ब्याज होने से लंबी अवधि में इसका फायदा मिलता है. EPF में यह सुविधा है कि आप अपना मंथली योगदान बढ़ाने का भी विकल्‍प अपनी कंपनी से ले सकते हैं. बहुत सी कंपनियां ज्‍वॉइनिंग के समय यह विकल्‍प देती हैं.

कैसे की जाती है PF पर ब्याज की गणना

PF अकाउंट में हर महीने जमा पैसे यानि मंथली रनिंग बैलेंस के आधार पर ब्याज की गणना की जाती है. लेकिन, इसे साल के आखिर में जमा किया जाता है. EPFO के नियमों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की आखिरी तारीख को बैलेंस राशि में से सालभर में अगर कोई राशि निकाली गई है तो उसे घटाकर 12 महीने का ब्याज निकाला जाता है. EPFO हमेशा खाते का ओपनिंग और क्लोजिंग बैलेंस लेता है. इसका आकलन करने के लिए मासिक रनिंग बैलेंस को जोड़ा जाता है और ब्याज के रेट/1200 से गुणा कर दिया जाता है.

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