सर्वाधिक पढ़ी गईं

Mutual Funds : म्यूचुअल फंड सिप को जारी रखना हो रहा हो मुश्किल तो इस ऑप्शन का करें इस्तेमाल, सुलझ जाएंगीं दिक्कतें 

म्यूचुअल फंड एएमसी, निवेश सलाहकारों और  ब्रोकिंग प्लेटफॉर्मों के मुताबिक मुश्किल आर्थिक हालात के दौरान निवेशक सिप को रोक सकते हैं.

November 23, 2021 3:03 PM
म्यूचुअल फंड निवेशक सिप को रुकवा सकते हैं

म्यूचुअल फंड में सिप ( Systematic Investment plan) के जरिये निवेश करने वाले निवेशकों के सामने कभी ऐसे मुश्किल हालात आ सकते  हैं, जब उनके पास इसे जारी रखने के लिए फंड न हो. नौकरी छूट जाने, वेतन कटौती या कुछ दूसरी आर्थिक दिक्कतों की  वजह से ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं. कोविड-19 की वजह से पैदा आर्थिक मुश्किलों की वजह से कई निवेशकों के सामने सिप को जारी रखना मुश्किल हो रहा था. लेकिन इस समस्या का हल है. 

‘SIP Pause’ का करें इस्तेमाल 

म्यूचुअल फंड एएमसी, निवेश सलाहकारों और  ब्रोकिंग प्लेटफॉर्मों के मुताबिक मुश्किल आर्थिक हालात के दौरान निवेशक सिप को रोक सकते हैं. इसके लिए उन्हें ‘SIP Pause’ विकल्प के इस्तेमाल की अनुमति होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नौकरी चली गई हो या फिर इनकम घट गई हो और निवेशक को लगता है कि यह अस्थायी है तो वह ECS बाउंस करने के बजाय ‘SIP Pause’ का इस्तेमाल कर सकता है. 

‘SIP Pause’ के लिए नहीं लगता है कोई चार्ज 

‘SIP Pause’  निवेशकों को हमेशा सिप इंस्टॉलमेंट को रोकने की सुविधा देता है. आप इस सुविधा का इस्तेमाल कर अपना इंस्टॉलमेंट कुछ दिनों के लिए रोक सकते हैं. इसके बाद इसे सुविधानुसार जारी रख सकते हैं. यानी अपनी आर्थिक हालत ठीक होने पर इसे जारी रख सकते हैं.  अच्छी बात यह है कि इस सुविधा को हासिल करने के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होता है.

Active vs Passive Investing: एक्टिव या पैसिव- म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए कौन अधिक बेहतर? समझकर करेंगे निवेश तो बढ़ जाएगा रिटर्न

SIP कैंसिल न कराएं, ‘SIP Pause’ का इस्तेमाल करें 

SIP कैंसिल करवाने की तुलना में हमेशा ‘SIP Pause’ का विकल्प अच्छा होता है क्योंकि इसे री-एक्टिवेट करना आसान होता है. सिप कैंसिल कराने की स्थिति में  ECS मैंडेट और सर्टफिकेशन की प्रक्रिया दोहरानी पड़ती है. कोटक म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, एलएंडटी, एडिलविस म्यूचुअल फंड, डीएसपी म्यूचुअल फंड समेत लगभग सभी म्यूचुअल फंड हाउस ‘SIP Pause’  की सुविधा देते हैं. ‘SIP Pause’ फैसिलिटी मुहैया कराने के पीछे म्यूचुअल फंड कंपनियों का यही तर्क होता है कि इससे ग्राहक या निवेशक उससे जुड़े रहें. अमूमन होता यह है कि ग्राहक एक बार सिप कैंसिल कराने के बाद दोबारा उसमें निवेश नहीं करते. 

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. Mutual Funds : म्यूचुअल फंड सिप को जारी रखना हो रहा हो मुश्किल तो इस ऑप्शन का करें इस्तेमाल, सुलझ जाएंगीं दिक्कतें 

Go to Top