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  1. कैश की जगह चेक से कर रहे हैं लेन-देन, 8 गलतियां पड़ेंगी भारी

कैश की जगह चेक से कर रहे हैं लेन-देन, 8 गलतियां पड़ेंगी भारी

जल्‍दबाजी में चेक के साथ की गई लापरवाही नुकसान की वजह बन सकती है.

September 8, 2018 6:58 PM
mistakes while transacting with cheque, digital transactionRepresentational image

डिजिटल पेमेंट को मिले प्रोत्साहन के चलते अब लोग कैश के अलावा पेमेंट के अन्य ऑप्शंस नेट बैंकिंग, कार्ड पेमेंट, चेक, ड्राफ्ट आदि को भी इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में अगर चेक से लेन—देन करना हो तो कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है. जल्‍दबाजी में चेक के साथ की गई लापरवाही नुकसान की वजह बन सकती है. इसलिए जरूरी है कि सावधानी से काम लिया जाए. आइए बताते हैं कि चेक से ट्रान्‍जैक्‍शन करते वक्‍त किन गलतियों से बचना चाहिए—

1. MICR कोड को नुकसान

चेक पर सबसे नीचे मौजूद सफेद पट्टी पर एक MICR कोड होता है. जब भी चेक का इस्‍तेमाल करें तो ध्यान रखें कि इस MICR कोड को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। चेक साइन करते वक्त या किसी अन्य वजह से इस डिटेल को नुकसान नहीं होना चाहिए.

2. अमाउंट भरने के बाद ‘/-‘ साइन न डालना

चेक में शब्‍दों और अंकों में अमांउट डालने के बाद उसके पीछे ‘/-‘ का साइन बनाना बेहद जरूरी है. शब्‍दों में यह साइन लगाने से पहले ‘ओनली’ लिख देना भी बेहतर रहता है. उदाहरण के तौर पर- Twenty Thousand only/- और 20000/- .यह साइन इस बात को दर्शाता है कि आपने जो अमाउंट भरा, वह इतने तक ही सीमित है। अगर ‘/-‘साइन नहीं लगाते हैं तो जालसाजों के लिए अमांउट बढ़ा लेने का अवसर पैदा हो जाता है।

3. चेक की डेट की अनदेखी

चेक उस पर डाली गई डेट यानी तारीख के बाद 3 महीने तक ही वैलिड रहता है. यानी इसे इसी अवधि में डिपॉजिट या विदड्रॉ करना होता है. इस अवधि के बाद ऐसा करने पर चेक आपके काम नहीं आएगा और आपको नुकसान झेलना पड़ेगा. इसके अलावा आप भी जब किसी को आगे की डेट में चेक से पेमेंट करें तो इस बात का ध्‍यान रखें. साथ ही चेक पर तारीख डालने में अगर कोई गलती हो जाए तो उसे ओवरराइट करने की बजाय दूसरे चेक इस्‍तेमाल करना बेहतर रहेगा. तारीख के साथ अन्य डिटेल्स में गलती होने पर भी नया चेक इस्तेमाल करना ही ठीक रहेगा.

4. शब्‍दों और फिगर्स के बीच ज्‍यादा स्‍पेस

जब भी किसी को चेक से पेमेंट करें तो नाम और अमांउट को लेकर शब्‍दों व फिगर्स के बीच ज्‍यादा स्‍पेस देने से बचें. ज्‍यादा स्‍पेस नाम और अमांउट में छेड़छाड़ होने की गुंजाइश पैदा कर देता है. इसके अलावा चेक कर लें कि जो अमाउंट शब्‍दों में भरा है, वहीं अमाउंट फिगर्स यानी अंकों में भी हो. बैंक चेक को तभी स्‍वीकार करेंगे जब दोनों तरह से अमाउंट मैच होगा. वर्ना चेक रिजेक्‍ट हो जाएगा.

5.अकाउंट पेई और बीयरर

अगर आप सीधे किसी के बैंक अकाउंट में पेमेंट करना चाहते हैं तो चेक पर अकाउंट पेई जरूर डालें. यह साइन चेक के लेफ्ट (बायीं) टॉप कॉर्नर पर डबल क्रॉस लाइन के बीच A/C Payee लिखकर बनाया जाता है. इस साइन से चेक का पेमेंट सीधा बैंक अकाउंट में होता है और इसे तुरंत भुनाया नहीं जा सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि चेक खोने की स्थिति में कोई जालसाज खुद को टार्गेट पर्सन बताकर उसके बदले कैश नहीं ले सकता है. अकाउंट पेई करते वक्‍त चेक पर राइट (सीधी) साइड में लिखे बीयरर को काट दें. वहीं अगर चेक कैश करने के लिए दे रहे हैं तो लेफ्ट टॉप कॉर्नर पर अकाउंट पेई साइन न बनाएं.

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6. बैलेंस से ज्‍यादा अमाउंट भर देना

चेक से पेमेंट करते वक्‍त पहले अपने बैंक अकाउंट के बैलेंस को चेक करें और उसके बाद ही चेक भरें. अगर बैलेंस से ज्‍यादा अमाउंट भर गया तो चेक बाउंस हो जाएगा और पेनल्‍टी लगेगी. इस वक्‍त चेक बाउंस पर पेनल्‍टी 500 रुपये प्‍लस GST तक है.

7. सिग्‍नेचर (हस्‍ताक्षर) पर ध्‍यान न देना

जब भी चेक साइन करें तो याद रखें कि आपको वैसे ही साइन करने हैं, जैसे संबंधित बैंक ब्रांच रिकॉर्ड में हैं. कई लोग अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग साइन रखते हैं. अगर आपने भी ऐसा किया हुआ है तो साइन करते वक्‍त सावधानी जरूर बरतें वर्ना चेक रिजेक्‍ट भी हो सकता है.

8. चेक की डिटेल्‍स अपने पास न रखना

जब भी किसी को चेक दें तो उसकी डिटेल्‍स जैसे चेक नंबर, अकाउंट का नाम, अमाउंट और डेट जरूर नोट कर लें. यह इनफॉर्मेशन चेक कैंसिल करने की जरूरत पड़ने पर आपके काम आ सकती है.

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