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क्या है GPF? PF और PPF से कैसे है अलग

सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दर बढ़ाकर 8% कर दी है.

Updated: Oct 17, 2018 11:42 AM

difference between general provident fund GPF PF and PPF

सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दर बढ़ाकर 8 फीसदी कर दी है. पहले यह 7.6 फीसदी थी. अब सवाल यह है कि GPF आखिर है क्या और क्या इसका लाभ हर तरह के इंप्लॉई को मिलता है. साथ ही यह प्रोविडेंट फंड (PF) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से किस तरह अलग है. आइए आपको देते हैं इन्हीं सवालों के जवाब-

क्या है GPF?

GPF एक तरह का प्रोविडेंट फंड अकाउंट ही है लेकिन यह हर तरह के इंप्लॉइज के लिए नहीं होता है. GPF का फायदा केवल सरकारी कर्मचारियों को ही मिलता है और वह भी रिटायरमेंट के वक्त. इसका फायदा लेने के लिए सरकारी कर्मचारियों को अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा जीपीएफ में डालना होता है. सरकारी कर्मचारियों के एक निश्चित वर्ग के लिए जीपीएफ में योगदान करना अनिवार्य है.

कैसे करता है काम?

GPF अकाउंट में सरकारी कर्मचारी को इंस्टॉलमेंट में एक निश्वित वक्त तक योगदान देना होता है. अकाउंट होल्डर GPF खोलते वक्त नॉमिनी भी बना सकता है. अकाउंट होल्डर को रिटायरमेंट के बाद इसमें जमा पैसों का भुगतान किया जाता है, वहीं अगर अकाउंट होल्डर को कुछ हो जाए तो नॉमिनी को भुगतान किया जाता है.

GPF से लोन लेने की भी सुविधा है और खास बात यह है कि लोन ब्याज मुक्त होता है. कोई कर्मचारी अपने पूरे करियर में कितनी ही बार GPF से लोन ले सकता है यानी इसकी कोई निश्चित संख्या नहीं है.

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PF, PPF से कैसे अलग

PF अकाउंट किसी भी इंप्लॉई का हो सकता है. फिर वह सरकारी नौकरी में हो या प्राइवेट. इसे इंप्लॉयर द्वारा खोला जाता है और इंप्लॉई व इंप्लॉयर दोनों की ओर से 12-12 फीसदी का योगदान दिया जाता है. इंप्लॉयर के 12 फीसदी में से 8.33 फीसदी इंप्लॉई की पेंशन में जाता है. इंप्लॉई अपने PF फंड को जरूरत पड़ने पर विदड्रॉल कर सकता है.

वहीं PPF अकांउट को कोई भी नागरिक खुद से खुलवा सकता है. इसके लिए उसका इंप्लॉई होना जरूरी नहीं है. यह सेविंग्स कम टैक्स सेविंग्स अकाउंट होता है. इसका फायदा यह है कि इसमें होने वाला डिपॉजिट टैक्स फ्री रहता है, उस पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसे पर भी टैक्स नहीं लगता है. PPF का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है. इसमें सालाना 500 रुपये के न्यूनतम निवेश से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है. PPF पर इस वक्त ब्याज दर 8 फीसदी है. इससे भी अकाउंट ओपनिंग के तीसरे वित्त वर्ष से लोन लिया जा सकता है, जिसके लिए कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती. हालांकि इस लोन पर ब्याज का भुगतान करना होता है. PPF अकाउंट के लिए नॉमिनी भी बनाया जा सकता है और इसे नाबालिग के नाम पर भी खुलवाया जा सकता है.

(Sorce: bankbazaar.com and Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions )

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