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Credit Card के 5 चार्ज जो आपके वित्तीय पोर्टफोलियो को नुकसान पहुंचा सकते हैं

भारत में बीते कुछ सालों से क्रेडिट कार्ड धारकों की तादाद बहुत तेज़ी से बढ़ी है. इसकी एक प्रमुख वजह यह भी है कि इसका इस्तेमाल बेहद ही आसान है और आप अपनी जरुरत अनुसार क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर कर्ज ले सकते हैं और बाद में तय अवधि के अन्दर पैसा चुका सकते हैं.

June 1, 2018 3:18 PM
भारत में बीते कुछ सालों से क्रेडिट कार्ड धारकों की तादाद बहुत तेज़ी से बढ़ी है.Source:(Reuters)

भारत में बीते कुछ सालों से क्रेडिट कार्ड धारकों की तादाद बहुत तेज़ी से बढ़ी है. इसकी एक प्रमुख वजह यह भी है कि इसका इस्तेमाल बेहद ही आसान है और आप अपनी जरुरत अनुसार क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर कर्ज ले सकते हैं और बाद में तय अवधि के अन्दर पैसा चुका सकते हैं. क्रेडिट कार्ड का सही से न इस्तेमाल करने की वजह से लोगों पर कर्ज का बोझ भी काफी तेज़ी से बढ़ रहा है. ध्यान देने वाली बात यह है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अगर आप समझदारी से नहीं करते है तो ऋण का बोझ तो आप पर बढ़ेगा ही साथ ही साथ जो अतिरिक्त चार्ज आप देंगे उसके कारण आपके फाइनेंशियल पोर्टफोलियो को भी नुकसान पहुंचेगा. यहां जरुरी बात यह है कि आपको क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय से करना चाहिए जिससे आप अतिरिक्त भुगतान से तो बचेंगे ही साथ ही साथ भविष्य में ऋण लेने में भी सुविधा देगा. क्रेडिट कार्ड गतिविधि और उसका पुनर्भुगतान आपके क्रेडिट स्कोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और अनुशासित नहीं होने से आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है.

अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने से बचने के लिए यहां हम आपको कुछ महत्वपूर्ण शुल्क के बारे में बता रहे है जो बैंक वसूलते हैं.

1. क्रेडिट कार्ड लेने पर जॉइनिंग फीस या सालाना शुल्क लिया जाता है

बहुत सी क्रेडिट कार्ड देने वाली कंपनियां और बैंक आपको मुफ्त में क्रेडिट कार्ड भी मुहैया कराती हैं. जिसका मतलब आपको जॉइनिंग फीस और सालाना शुल्क देने से छूट मिलती है. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जो क्रेडिट कार्ड आपको कई सारे लाभ देता है वह आपसे जॉइनिंग फीस चार्ज कर सकता है, इसके साथ ही अगर आपका वेतन या आय आवश्यक मानदंडों पर खरा नहीं उतरता है तो आपसे भी जॉइनिंग फीस ली जा सकती है. कुछ कंपनियां पहले साल शुल्क में आपको छूट प्रदान कर सकती है पर अगले वर्ष वह वसूल कर सकती है. हालांकि, अगर आप बैंक द्वारा निर्दिष्ट सीमा तक खर्च करते हैं तो आपको फीस देने से छूट मिल सकती है.

2. नकद निकासी शुल्क

आप अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किसी भी एटीएम से नकद निकासी के लिए कर सकते हैं पर ध्यान रहे यह विकल्प का उपयोग आप केवल आपात स्थिति में ही करें. हालांकि अन्य सभी लेनदेन के लिए ब्याज मुक्त अवधि है पर एटीएम से पैसे निकालने पर ब्याज दर तत्काल रूप से लागू होता है. यदि आप इस विकप्ल का इस्तेमाल करते है तो जितना जल्दी हो सके इसका भुगतान कर दें अन्यथा आपको भारी ब्याज दर से पैसा चुकाना पड़ सकता है.

3. ब्याज शुल्क देना पड़ सकता है

बहुत से क्रेडिट कार्ड आपको खर्च किए हुए पैसे पर भुगतान के लिए ब्याज मुक्त अवधि प्रदान करते हैं लेकिन कुछ प्रीमियम कार्ड में वित्त शुल्क देना होता है जिसे आपको वक्त रहते चुकाना होता है. हालांकि, एक बार ब्याज मुक्त अवधि समाप्त होने के बाद समय पर पूरा भुगतान नहीं होने पर बैंक आपसे ब्याज वसूल सकता है.

4. देरी से भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है

समय से देरी पर भुगतान पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां आप पर बहुत सारे चार्ज लगा सकती है और इससे बचने के लिए बेहतर होगा कि आप समय रहते भुगतान कर दें. यदि किसी कारणवश नहीं कर पाते हैं तो कम से कम न्यूनतम राशि भुगतान कर दें अन्यथा आप पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जा सकते हैं. यदि आप अपनी क्रेडिट सीमा या नकदी निकासी सीमा का उल्लंघन करते हैं तो आपसे अतिरिक्त शुल्क वसूला जा सकता है.

5. विदेशी लेन-देन शुल्क

जब भी आप अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग विदेशी लेन-देन के लिए करते हैं तो बैंक आप पर विदेशी मार्क-अप शुल्क लगा सकती है. आपसे 1.5 फीसदी से लेकर 4 फीसदी की दर पर शुल्क लिया जा सकता है. विदेशों में नकद निकासी कार्ड स्वाइप की तुलना में उच्च दर पर चार्ज की जाती है तो इन शुल्क से अगर आप खुद को बचाना चाहते है तो पर्याप्त तौर पर नकद अपने साथ लेकर जाएं.

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