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कोरोना: मोदी सरकार बढ़ा सकती है इस सब्सिडी स्कीम की डेडलाइन, 31 मार्च आखिरी तारीख

मोदी सरकीर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) की आखिरी तारीख को बढ़ाने की सोच रही है.

March 28, 2020 4:53 PM
coronavirus crisis modi government can extend deadline of credit linked subsidy scheme under pradhanmantri awas yojanaमोदी सरकीर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) की आखिरी तारीख को बढ़ाने की सोच रही है.

देश में कोरोना को चलते 21 दिन के लिए लॉकडाउन लागू है. इसे देखते हुए मोदी सरकीर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) की आखिरी तारीख को बढ़ाने की सोच रही है. इसमें खासकर MIG-I और MIG-II के लिए बढ़ाने के बारे में विचार किया जा रहा है. वर्तमान में अगर कोई व्यक्ति PMAY CLSS स्कीम का फायदा लेना चाहता है, तो उसके लिए आखिरी तारीख 31 मार्च 2020 है. हालांकि, दूसरी कैटेगरी LIG/EWS के लिए आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 है.

EWS/LIG के लिए मार्च 2022 तक डेडलाइन

आधार हाउसिंग फाइनेंस के एमडी और सीईओ देव शंकर त्रिपाठी ने कहा कि क्रेडिट लिंक सब्सिडी (CLSS) MIG 1 और 2 के लिए मार्च 2020 तक जारी है जबकि यह EWS/LIG के लिए मार्च 2022 तक है. इस महत्वपूर्ण समय पर PMAY के भीतर CLSS को MIG 1 और 2 के लिए बढ़ाना संभव है जिससे जो लक्ष्य तय किया गया है, उसे प्राप्त कर सकें.

PMAY CLSS को हाउसिंग फोर ऑल के लक्ष्य के साथ लॉन्च किया गया था जिसमें योग्य कर्जधारक को बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों से सब्सिडी के साथ ब्याज दर पर होम लोन मिल जाता है. त्रिपाठी ने बताया कि 18 सितंबर के बाद इस स्कीम को जमीन पर लागू करने की रफ्तार कम हो गई क्योंकि लिक्विडिटी का संकट था. उनके मुताबिक बहुत सारी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां EWS/LIG को कर्ज देने में जुटी थां और अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से डिमांड में भी गिरावट आई.

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कोरोना से रियल एस्टेट पर होगा बहुत असर

मौजूदा समय में कोरोना वायरस की वजह से देश के हालात को देखते हुए रियल एस्टेट सेक्टर उन क्षेत्रों में है जिस पर असर होगा. त्रिपाठी ने कहा कि सराकर के बार-बार दखल देने के बाद सुधार के कुछ संकेत हैं. कोरोना वायरस के प्रकोप और उसके बाद 21 दिन के लॉकडाउन ने सभी आर्थिक गतिविधियों को रोक दिया है. इससे अनौपचारिक कारोबार, MSME और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर बड़ा असर हुआ है.

MIG-I, MIG-II और LIG/EWS के भीतर CLSS सब्सिडी व्यक्ति की आय पर निर्भर करती है. अलग-अलग श्रेणी में आने वाले कर्जधारकों के लिए सब्सिडी का अनुपात और राशि इसलिए अलग होती है.

जिनकी इनकम 6 लाख और 12 लाख रुपये के बीच है, वे MIG-I में आते हैं और उन्हें 4 फीसदी की ब्याज सब्सिडी 9 लाख तक की लोन राशि पर मिलती है. इसी तरह जिनकी आय 12 लाख और 18 लाख के बीच हैं, वे MIG-II में आते हैं और उन्हें 9 लाख रुपये तक की लोन राशि पर 3 फीसदी की ब्याज सब्सिडी मिलती है. LIG/EWS के लिए लोन की राशि 6 लाख और ब्याज सब्सिडी 6.5 फीसदी है.

जहां सभी सेगमेंट प्रभावित होंगे जिसमें मिडिल इनकम और लोअर इनकम ग्रुप शामिल हैं, सरकार को अपने सभी लोगों के लिए घर के लक्ष्य की तरफ दूसरे कदम लेने की भी जरूरत हो सकती है.

(Story: Sunil Dhawan)

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