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रिटायरमेंट नजदीक है तो कहां करें निवेश; इन 4 Tips से मिलेगी मदद, भविष्य होगा सुरक्षित

कई बार ऐसा होता है कि अधिकतर लोगों ने रिटायरमेंट के लिए बेहतर जगह निवेश तो किया हुआ है लेकिन जरूरत पड़ने पर उनके पास नगदी की समस्या हो जाती है.

April 28, 2019 8:08 AM
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Retirement: रिटायरमेंट की उम्र के करीब अधिकतर लोगों को मनोवैज्ञानिक दबाव से गुजरना पड़ता है. वे सबसे अधिक यही सोचकर परेशान रहते हैं कि जब उनकी सैलरी या बिजनस की आय कम हो गई तो वे क्या करेंगे. रिटायरमेंट के बाद इस तरह की परेशानी को कम से कम करने के लिए ही रिटायरमेंट से पहले ही व्यापक तरीके से प्लानिंग करनी होती है. हालांकि कई बार ऐसा होता है कि अधिकतर लोगों ने निवेश तो किया हुआ है लेकिन जरूरत पड़ने पर उनके पास नगदी की समस्या हो जाती है.

इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं. एक प्रोफेसर सदागोपान अपनी 30 साल की सर्विस के बाद अब रिटायर होने वाले हैं. उन्हें 25 लाख रुपये ग्रेच्युटी और प्रॉविडेंट फंड के तौर पर मिलेंगे जोकि उनकी और उनकी पत्नी की देख-रेख के लिए पर्याप्त नहीं कहा जा सकता है. वह एक फाइनेंसियल प्लानर के पास गए और वहां फाइनेंसियल प्लानर ने उन्हें निवेश के 4 प्रमुख स्टेप्स बताए.

Retirement: ‘एसेट रिच और कैश पुअर’ न बनें

अपने सलाहकार से बातचीत करते हुए सदागोपान को महसूस हुआ कि उनके ज्यादातर निवेश रीयल एस्टेट और गोल्ड बार में ब्लॉक्ड हैं. उन्हें समझ आया कि अपनी पूंजी को ऐसी जगह निवेश करना चाहिए जो कम से कम इतना लिक्विड हो कि हर महीने एक निश्चित आय दे सके. ऐसी परिस्थिति में रिटायर होने से पहले अपनी इनकम सोर्स को एनालइज करें और यह सुनिश्चित करें कि आपका निवेश आपकी आधारभूत जरूरतों के लिए हर महीने निश्चित आय दे सके. अगर आपने कोई ऐसी एफडी कराई है जो इंफ्लेशन के मुताबिक नहीं है या आपने ऐसी संपत्ति में निवेश किया है जो हर महीने जरूरत भर का किराया आपको नहीं दे पा रहा है तो इससे बचें. रिटायरमेंट होने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप ‘एसेट रिच और कैश पुअर’ न बनें. 112 महीने में पैसे डबल कर देगी यह स्कीम, Post Office की है गांरटी

सभी खर्चों की सूची बनाएं

सदागोपान ने एक और गलती कि वे अपने खर्च का आकलन करने में चूक गए. रिटायरमेंट के बाद आपकी लाइफस्टाइल बदल जाती है. रिटायरमेंट के बाद खर्च में कटौती कर ऐसे खर्चों पर फोकस करना चाहिए जो आपकी महत्त्वपूर्ण जरूरतों को पूरा कर सके. इसका सबसे आसान तरीका यह है कि आप अपनी फाइनेंसियल और पर्सनल क्षमता के आधार पर एक वर्तमान और दूसरा रिटायरमेंट प्लान की सूची तैयार कर लें. इसमें हर प्रकार के खर्चों के मासिक और सालाना आधार पर जोड़ें. इसके अलावा यह भी तय कर लें कि रिटायरमेंट के बाद आप बाकी की जिंदगी कहां गुजारना चाहते हैं. अगर आप अपना निवास शिफ्ट करने की सोच रहे हैं तो हर महीने का मेंटेनेस चार्ज भी ध्यान में रखें.

हेल्थ इंश्योरेंस पर अच्छा निवेश

40 साल से अधिक की उम्र के बाद स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ जाता है. ऐसे में अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग में इसे भी शामिल करें. इसकी प्लानिंग करते वक्त आप अपने लिए सबसे बेहतर और बजट में हेल्थ केयर की प्लानिंग कर लें. स्वास्थ्य बीमा को भी रिटायरमेंट की प्लानिंग में शामिल कर लें. रिटायरमेंट फंड में सबसे अधिक फोकस स्वास्थ्य बीमे पर करें.

वसीयत जरूर बनाएं, पार्टनर को दें निवेश की जानकारी

रिटायरमेंट से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपने जीवन बीमा पॉलिसी में अच्छा-खासा निवेश कर रखा हो. इसके नॉमिनी के तौर पर आपको अपने लाइफ पार्टनर को बनाना चाहिए. इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि आपके पार्टनर को आपके सभी निवेश और डॉक्युमेंट्स तक पहुंच हो. आपके सभी पासकोड्स या पिन नंबर्स भी आपके पार्टनर को पता होने चाहिए. अपनी वसीयत बनाना मत भूलिएगा क्योंकि आप यह कभी नहीं चाहेंगे कि आपके पार्टनर को आपके बच्चों पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़े.

By: Rahul Jain, Head-Personal Wealth Advisory, Edelweiss

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