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फॉर्म 16 में हुए हैं बदलाव, अब इंप्लॉयर को देनी होगी ये जानकारी

नया फॉर्म 16 इस साल 12 मई से प्रभावी हुआ है.

May 28, 2019 8:03 AM

Changes in Form 16 for financial year 2018-19

किसी इंप्लॉयर द्वारा एक कर्मचारी को दिए जाने वाले सालाना वेतन TDS सर्टिफिकेट को फॉर्म 16 (Form 16) कहते हैं. केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी CBDT ने फॉर्म 16 में बदलाव की अधिसूचना जारी की है. नया फॉर्म 16 इस साल 12 मई से प्रभावी हुआ है. वित्त वर्ष 2018-19 के लिए फॉर्म 16 जारी करने वाले इंप्लॉयर्स को यह नए प्रारूप में जारी करना होगा.

फॉर्म 16 के भाग B में किए गए संशोधन के तहत धारा 10 के तहत दी जाने वाली छूटों जैसे HRA, LTA, ग्रैच्युटी आदि और आयकर अधिनियम 1961 के चैप्टर 6-A यानी धारा 80 के तहत स्वीकृत कटौतियों के बारे विस्तृत जानकारी देनी होगी. फॉर्म 16 में हुए महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी इस तरह है…

1. धारा 10 के तहत दी जाने वाली छूटें

मौजूदा व्यवस्था के तहत एक इंप्लॉयर के पास धारा 10 के तहत इंप्लॉई को दिए जाने वाले भत्तों की प्रकृति और संबंधित राशि का जिक्र करने का विकल्प होता है. कुछ इंप्लॉयर इसके तहत पूरी जानकारी देते हैं, जबकि कुछ धारा 10 के तहत दिए जाने वाले भत्तों को जोड़ कर समग्र राशि की जानकारी देते हैं. अब विभिन्न श्रेणियों के तहत इंप्लॉई को दिए जाने वाले जिन भत्तों की जानकारी फॉर्म 16 में देने की जरूरत होगी, उनका सारांश निम्नांकित है…

छूट प्राप्त भत्तेछूट की धारा
छुट्टी के दौरान यात्रा के लिए दी जाने वाली राशि10(5)
मृत्यु या सेवानिवृत्त होने की स्थिति में मिलने वाली ग्रैच्युटी10(10)
पेंशन के लिए वेतन से की गयी कटौती10(10A)
शेष रह गयी छुट्टियों के बदले दी गयी राशि10(10AA)
आवासीय किराया भत्ता10(13A)
धारा 10 के तहत दी जाने वाली छूट में शामिल कोई अन्य राशि

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2. चैप्टर 6-A के तहत की जाने वाली कटौतियां

Form 16 के अभी के प्रारूप में इंप्लॉयर के पास आयकर अधिनियम की धारा 80C से लेकर धारा 80U के तहत की जाने वाली कटौतियों की जानकारी देने का विकल्प होता है. छूट में शामिल भत्तों की ही तरह, कुछ इंप्लॉयर सारी कटौतियों की पूरी जानकारी मुहैया कराते हैं, जबकि कुछ अन्य सारे भत्तों को एक साथ जोड़ कर फॉर्म 16 में एक ही पंक्ति में काटी गई सारी राशि की एकमुश्त जानकारी दे देते हैं. अब विभिन्न श्रेणियों के तहत जिन कटौतियों की जानकारी देने की जरूरत है, वे इस तरह हैं…

 कटौतियां धारा
जीवन बीमा निगम के प्रीमियम का किया गया भुगतान, PPF में किया गया योगदान, आदि80 C
पेंशन मदों में किया गया योगदान80 CCC
पेंशन योजना में कर्मचारी द्वारा किया गया योगदान80 CCD (1)
अधिसूचित पेंशन योजना में करदाता द्वारा किया गया योगदान80 CCD (1B)
पेंशन योजना में नियोक्ता का योगदान80 CCD (2)
चिकित्सा बीमा के प्रीमियम का किया गया भुगतान80 D
उच्च शिक्षा के कर्ज पर किया गया ब्याज भुगतान80 E
अनुदान/दान80 G
बचत खाता पर ब्याज से होने वाली आय80 TTA
अध्याय 6-A के प्रावधानों के तहत कटौती की गयी कोई अन्य राशि

3. ये जानकारी भी देनी होगी Form 16 में

  • कर्मचारी द्वारा इंप्लॉयर को आवासीय संपत्ति से हुए लाभ या हानि के बारे में दी गई जानकारी
  • कर्मचारी द्वारा इंप्लॉयर को ‘अन्य आय’ श्रेणी के तहत हुई आय के बारे में दी गई जानकारी
  • अन्य इंप्लॉयर्स से मिले वेतन की पूरी राशि की जानकारी
  • आयकर अधिनियम की धारा 16 के तहत स्वीकृत मानक कटौतियां

Form 16 में हुए बदलाव के बारे में ऊपर दी गई जानकारी से यह सुनिश्चित होता है कि इंप्लॉयर्स को अब कर्मचारी को दी गई छूट और की गई कटौतियों समेत वेतन की जानकारी एक समान प्रारूप में देने की जरूरत होगी.

इंप्लॉइज व आयकर विभाग दोनों को होगी सहूलियत

ये संशोधन आकलन वर्ष 2019-20 के लिए अधिसूचित आयकर रिटर्न में किए गए बदलाव के अनुकूल हैं. इससे कर्मचारियों को आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दायर करने में सहूलियत होगी. साथ ही, आयकर विभाग को भी एक कर्मचारी द्वारा आय की दी गई जानकारी का मिलान इंप्लॉयर द्वारा जारी TDS सर्टिफिकेट यानी फॉर्म 16 के साथ करने में सुगमता होगी.

(यह आर्टिकल क्लियरटैक्स के फाउंडर व CEO अर्चित गुप्ता का है.)  

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