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Bharat Bond ETF Vs FD’s Vs Debt Funds: निवेश के लिये कौन-सा विकल्प सबसे बेहतर? जान लें रिटर्न, रिस्क और टैक्स का गणित

भारत बॉन्ड ETF के लॉन्च होने के बाद उसकी दूसरे निवेश के विकल्पों से तुलना की जा रही है.

December 15, 2019 8:01 AM
Bharat Bond ETF Vs Fixed Deposit Vs Debt Funds which option is better for investmentभारत बॉन्ड ETF के लॉन्च होने के बाद उसकी दूसरे निवेश के विकल्पों से तुलना की जा रही है.(Representational Image)

Bharat Bond ETF Vs FD Vs Debt Funds: भारत बॉन्ड ETF के लॉन्च होने के बाद उसकी दूसरे निवेश के विकल्पों से तुलना की जा रही है. भारत बॉन्ड ETF, बैंक फिक्सड डिपॉजिट और डेट फंड, ये तीनों विकल्प उन लोगों के लिये हैं जो ज्यादा रिस्क लिये बिना पैसे की बचत करना चाहते हैं. आइए हम बैंक फिक्सड डिपॉजिट (FD’s), भारत बॉन्ड ETF और डेट फंड की उनकी अवधि, सुरक्षा, रिटर्न, खरीदने की प्रक्रिया और टैक्स के आधार पर तुलना करते हैं.

डिपॉजिट की समयावधि

बैंक FD में व्यक्ति कम से कम 7 दिन और अधिकतम 10 साल के लिये निवेश कर सकता है. मेच्योरिटी से पहले विद्ड्रॉल करने पर पेनल्टी लग सकती है. डेट फंड्स में कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होता इसलिये आप कभी भी राशि का विद्ड्रॉल बिना किसी पेनल्टी दिये कर सकते हैं. हालांकि, स्कीम में एक्जिट लोड हो सकता है, जिसके लिये आप पर कुछ चार्ज लग सकता है. भारत बॉन्ड ETF दो तरह के होते हैं- 3 साल के लिये और 10 साल के लिये. ये दोनों स्कीम इसी अवधि के बाद मेच्योर होती है लेकिन कोई व्यक्ति बीच में बाहर निकल सकता है. इसके लिये उसे यूनिट्स को स्टॉक एक्सचेंज में बेचना होगा.

सुरक्षा

तीनों ही विकल्पों में पूरी राशि पर कोई साफ गारंटी नहीं है. हालांकि, बैंक एफडी में ऐसा माना जाता है कि सरकार बैंक को डिफॉल्ट नहीं करने देगी. बैंक में जमा राशि पर, जिसमें सेविंग्स अकाउंट, एफडी आदि शामिल हैं, डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत 1 लाख रुपये तक की गारंटी है. डेट फंड में रिटर्न और प्रिंसिपल अमाउंट पर कोई गारंटी नहीं है. यह देखा गया है कि डेट फंड का कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश करना दूसरे डेट फंड में निवेश करने के मुकाबले ज्यादा जोखिम भरा है.

भारत बॉन्ड ETF में निवेश डेट फंड के मुकाबले ज्यादा सुरक्षा है. भारत बॉन्ड ETF मुख्य तौर पर AAA रेटिंग्स वाले PSU बॉन्ड में निवेश करेंगे जो उन्हें डेट फंड से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाता है. मेच्योरिटी तक भारत बॉन्ड ETF को रखना बैंक एफडी जितना ही सुरक्षित है. हालांकि, कोई साफ गारंटी नहीं है.

टैक्स

बैंक एफडी में कमाई गई ब्याज पर टैक्स लगता है. यह एक व्यक्ति के टैक्स रेट पर आधारित है. डेट फंड और भारत बॉन्ड ETF में शॉर्ट टर्म गेंस जो 3 साल के अंदर के गेंस पर बैंक एफडी की तरह ही व्यक्ति के टैक्स रेट पर आधारित टैक्स लगेगा. हालांकि लॉन्ग टर्म गेंस जो 36 महीने के बाद हैं, उनमें 20 फीसदी टैक्स लगेगा, वह भी इंडैक्सेशन के फायदों को देखने के बाद. डेट फंड और भारत बॉन्ड ETF में लॉन्ग टर्म गेंस पर बैंक एफडी के मुकाबले टैक्स के मामले में ज्यादा फायदा है.

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रिटर्न

वर्तमान में 1 साल से 10 साल के लिये बैंक एफडी पर ब्याज दर 6.5 फीसदी है. एक बार निवेश करने पर वही रेट पर व्यक्ति को रिटर्न मिलता रहेगा. लेकिन डेट फंड में रिटर्न भविष्य में कई चीजों पर निर्भर रहता है जिसमें अर्थव्यवस्था में ब्याज दर की मूवमेंट शामिल है. कई तरह के डेट फंड मौजूद हैं इसलिये सही तुलना करना जरुरी है. भारत बॉन्ड ETF में 5 दिसंबर को Nifty BHARAT Bond Index April 2023 पर 6.69 फीसदी और Nifty BHARAT Bond Index April 2030 पर 7.58 फीसदी है. एक्सपेंस रेश्यो को एडजस्ट करके रिटर्न ज्यादा या कम हो सकते हैं.

कैसे निवेश करें

बैंक एफडी में निवेश करना बेहद आसान है. आप बैंक की ब्रांच पर जाकर या ऑनलाइन भी इसे खोल सकते हैं. कुछ बैंकों ने बैंक एफडी बिना सेविंग्स अकाउंट के खोलना शुरू किया है. डेट फंड के लिये आपको म्यूचुअल फंड की वेबसाइट या इन्टरमीडियरी के जरिये करना होगा. भारत बॉन्ड ETF में निवेश के लिये आपको डीमैट अकाउंट या Edelweiss Bharat Bond Funds of Funds (FOF) के जरिये कर सकते हैं. इसके लिये एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा.

 

Story: Sunil Dhawan

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