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इस साल उठाएं 3 जरूरी कदम, आपके पास नहीं होगी पैसों की कमी

Financial Planning : इस साल 3 जरूरी तरीके से करें फाइनेंशियल प्लानिंग

February 10, 2019 8:42 AM
from balanced fund investment to retirement planning these tips will help to acheive financial goalsPF : कैसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग

PF : जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी अपना फाइनेंशियल गोल (Financial Planning) तय कर लेना और उसी हिसाब से चलना किसी की भी लाइफ बदल सकता है. आपको शुरू से ही अपने गोल पता होने चाहिए. जब आप अपने फाइनेंस पर पूरी तरह से कंट्रोल रखते हैं तो निश्चित रूप से आपका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और आप आने वाले दिनों में भी किसी भी फाइनेंशियल इमरजेंसी से निपटने के लिए खुद को तैयार पाते हैं. साल 2019 में जब एक महीना बीत चुका है तो हम अपने फाइनेंशियल गोल्स के साथ बहुत सहज नहीं हो सकते हैं. ऐसे में साल 2019 के लिए हम आपको कुछ जरूरी उपाय बता रहे हैं जो आपको वित्तीय रूप से मजबूती दे सकते हैं.

1. निवेश को बैलेंस करें

2018 में इक्विटी मार्केट में काफी अस्थिरता देखी गई है. बहुत से लोग हैं, जिन्हें इस दौरान निगेटिव रिटर्न मिला. ऐसे में अपने पोर्टफोलियो में लाल निशान देखकर निवेशक सतर्क हो गए हैं. वे इस बात से डरे हैं कि आगे भी उनका नुकसान हो सकता है. लेकिन शेयर बाजार में थोड़े समय के लिए आने वाली अस्थिरता की वजह से घबराने की बजाए, लंबी अवधि के लिए अपनी रणनीति बनाने पर ध्यान देना चाहिए. इसलिए 2019 में अपने निवेश का कुछ हिस्सा इक्विटी में निवेश करें. वहीं निवेश को बैलेंस करने के लिए कुछ हिस्सा डेट फंड्स में भी निवेश कीजिए ताकि मार्केट में वोलेटिलिटी या मंदी आने पर आपके निवेश पर जोखिम कम हो सके.

2. शॉर्ट टर्म डेट फंड्स में निवेश करें

कुछ लोग शॉर्ट टर्म डेट फंड्स में निवेश करने से डरते हें क्योंकि इनके साथ बहुत से रिस्क जुड़े होते हैं. लेकिन अगर आप अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं तो शोर्ट टर्म डेट फंड्स में भी कुछ हिस्सा निवेश करना बेहतर है. आप इसके रिस्क को NPS में निवेश करके भी बैलेंस कर सकते हैं. NPS उन लोगों के लिए अच्छी स्कीम है जो जल्दी रिटायर होना चाहते हैं और रिस्क कम लेना पसंद करते हैं.

NPS में निवेश करने के फायदे

-PPF जैसी टैक्स सेविंग स्कीम से ज्यादा रिटर्न

-NPS में निवेश के जरिए टैक्स छूट का भी लाभ उठा सकते हैं.

-निवेश के 3 साल बाद जरूरत पड़ने पर निवेश की गई 25 फीसदी रकम निकाली जा सकती है.

ऐसा कर अगर आप शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म निवेश में तालमेल रखते हैं तो एक बैलेंस पोर्टफोलियो बना सकेंगे.

3. रिटायरमेंट को ध्यान में रखें

उम्र के साथ-साथ निवेश के तरीके भी बदल जाते हैं. कुझ लोगों का ध्यान रिटर्न कमाने और ग्रोथ के लिए ज्यादा रिस्क लेने पर होता है तो वहीं कुछ लोग सतर्क होकर निवेश करते हैं. 60 साल की उम्र में जहां ज्यादातर लोग रिटायर होने की सोचते हैं, बहुत लोगों को यह डर सताता है कि वो अपनी जमा की गई जमा-पूंजी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. अच्छे रिटर्न के लिए कैश को बनाए रखें, रिस्क फैक्टर को कम करें. फिक्स रिटर्न और मार्केट से संबधित निवेश में तालमेल बैठाना जरुरी है.

इसलिए 2019 में निवेश करते समय रिटायरमेंट को कुछ ऐसे प्लान करें:

-हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का होना बेहद जरुरी है. हेल्थ इंश्योरेंस का मुख्य उद्देश्य किसी हेल्थ इमरजेंसी में आर्थिक मदद कर सकता है. सेक्शन 80D में अब सीनियर सिटीजन को हेल्थ इंश्योरेंस में किए गए निवेश पर 50,000 रुपये तक की छूट मिलेगी.

-सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में भी 8.3 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. एक व्यक्ति इस स्कीम में 15 लाख तक निवेश कर सकता है और सेक्शन 80D के तहत 1.5 लाख तक की इनकम टैक्स में डिडक्शन पा सकता है.

(इसके लेखक राहुल जैन एडलवाइज वेल्थ मैनेजमेंट के EVP हैं.)

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