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इस तरह करें रिटायरमेंट प्लानिंग; बुढ़ापा गुजरेगा शानदार, हर समय जेब में होंगे पैसे

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद न सिर्फ आपकी जरूरतों बल्कि आपकी लाइफ स्टाइल भी आपके खर्च निर्धारित करती है.

May 30, 2019 12:57 PM
retirement planning, financial planning, Post-retirement lifestyle, retirement corpus, income tax, income tax return,रिटायरमेंट प्लानिंग, best retirement planning,रिटायरमेंट के करीब अधिकतर लोगों का मानना है कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद कम पैसे की जरूरत पड़ेगी. (Illustration: SHYAM Kumar Prasad)

Retirement Planning: रिटायरमेंट की योजना पहले से ही बनाए रखना बेहतर फैसला होता है. हालांकि उससे भी बेहतर फैसला यह होगा कि आप रिटायरमेंट के बाद अपनी वित्तीय जरूरतों पर अभी से स्पष्ट हो जाएं. अधिकतर लोगों का मानना है कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद अधिक पैसों की जरूरत नहीं पड़ने वाली है. हालांकि ऐसा सोचना सही नहीं है. रिटायरमेंट के बाद न सिर्फ आपकी जरूरतों बल्कि आपकी लाइफ स्टाइल भी आपके खर्च निर्धारित करती है. ऐसे में पहले से ही सुनिश्चित हो जाना चाहिए और रिटायरनमेंट प्लानिंग में रिटायरमेंट के बाद सभी प्रकार के खर्चों की भी गणना कर लेनी चाहिए. नीचे कुछ मानक दिए गए हैं जिनके आधार पर आप अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को एक बार फिर तय कर सकते हैं.

रिटायरमेंट के बाद की लाइफस्टाइल

ऐसा जरूरी नहीं है कि आप रिटायरमेंट के बाद आराम ही करना चाहिए, कुछ लोग रिटायरमेंट के बाद भी एक्टिव रहना चाहते हैं. रिटायरमेंट के बाद आप अपने ट्रैवलिंग के शौक से लेकर बहुत सी ऐसी एक्टिविटी करने की सोच रहे हों जो आप रोजगार अध्यक्ष रहते हुए नहीं कर पाएं हों तो ऐसी किसी भी परिस्थिति के लिए आपको सेविंग पर अधिक फोकस करना पड़ेगा. सेविंग का जनरल रूल ऑफ थंब है कि भविष्य के लिए बचत करने के लिए 70 फीसदी प्री-टैक्स इनकम को टारगेट करना चाहिए लेकिन अगर आप रिटायरमेंट के बाद भी एक्टिव रहना चाहते हैं तो यह 90 फीसदी होना चाहिए.

स्वास्थ्य

रिटायरमेंट प्लानिंग में स्वास्थ्य बहुत महत्त्वपूर्ण फैक्टर है लेकिन अधिकतर लोग इसे अधिक गंभीरता से नहीं लेते हैं. अधिकतर लोग यह मानकर चलते हैं कि जब वे रिटायर होंगे तो उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं होगी लेकिन वास्तविक में स्थिति इसके ठीक उलट होती है. हो सकता है कि आपको या आपके जीवनसाथी को बड़ी स्वास्थ्य समस्या हो जिसे जिंदगी भर उपचार की जरूरत पड़ेगी, ऐसी परिस्थिति में आपको पहले से प्लानिंग करके चलना है और बड़ी राशि भविष्य के लिए जुटाकर रखनी है.

परिवार

आप शादीशुदा हैं या नहीं, आपके पास बच्चे हैं या नहीं, इसके आधार पर अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करें. आपको अपने और अपने जीवनसाथी के लिए इतनी राशि का इंतजाम पहले ही कर लेना चाहिए ताकि देखभाल के भी खर्च आराम से भुगतान कर सकें.

वित्तीय सलाहकार से सलाह

खुद से सभी निवेश की योजना बनाने की बजाय वित्तीय सलाहकार के साथ मिलकर इस पर काम करना अधिक बेहतर है. किसी इन्वेस्टमेंट एडवाइजर के साथ मिलकर फाइनेंसियल प्लानिंग और एसेट अलोकेशन के निर्णय से आप अपनी बचत और इन्वेस्टमेंट गोल को आसानी से हासिल कर सकेंगे. अगर आपने अभी तक किसी इन्वेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह नहीं ली है तो अब जरूर ले लें. उनकी मदद से आपको अपने पोर्टफोलियो पर रिटर्न बढ़ाने में मदद मिलेगी.

(Article: P Saravanan, Professor of Finance & Accounting,IIM Tiruchirappalli)

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