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आपनाएं ये 5 फाइनेंशियल टिप्स, जीवनभर रहेगी आर्थिक आजादी

5 फाइनेंशियल टिप्स ​जिन्हें हर व्यक्ति को जरूर अपनाना चाहिए.

August 15, 2019 8:41 AM
best 5 tips for financial freedomआ​र्थिक आजादी भी जीवन का एक बड़ा पहलू है.

Independence Day 2019: आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस की 73वीं वर्षगांठ मना रहा है. हर देशवासी के लिए यह खास दिन है. आजादी का मतलब सिर्फ बोलने, रहने, घूमने आदि से नहीं है, बल्कि आ​र्थिक आजादी भी जीवन का एक बड़ा पहलू है. आर्थिक आजादी को सरल शब्दों में समझें, यह ऐसे आर्थिक फैसलों से हैं, जिससे आप समय से अपनी हर जिम्मेदारी बिना किसी परेशानी के पूरी कर लें. साथ ही ​रिटायरमेंट के बाद की भी उम्र आराम से गुजारे. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आइए जानते हैं ऐसे 5 टिप्स ​जो हर व्यक्ति को जरूर अपनाना चाहिए.

बचत और निवेश जरूर करें

प्रत्येक व्यक्ति को बचत और निवेश की अनिवार्यता को जरूर समझना चाहिए. कहने का मतलब यह कि जितना जरूरी ​कमाना है, उतना ही जरूरी बचाना और फिर उसे निवेश करना है. व्यावहारिक रूप से कहा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इनकम यानी आमदनी का 10 फीसदी जरूर बचत यानी सेविंग करनी चाहिए. इसके बाद इस बचत को निवेश यानी इन्वेस्ट करना चाहिए. यह फाइनेंशियल रूप से भविष्य में आत्मनिर्भर यानी स्वतंत्र रहने का मूल सिद्धांत हैं.

फाइनेंशियल गोल जरूर बनाएं

निवेश करना ही जरूरी नहीं होता है. बल्कि अहम यह है कि निवेश कहां करना, कितना करना और कितने समय के लिए करना है. इसका सीधा मतलब यह है कि प्रत्येक निवेशक को अपना वित्तीय लक्ष्य यानी फाइनेंशियल गोल जरूर निर्धारित करना चाहिए. यानी, वह मकान, कार, बच्चे की पढ़ाई, बच्चों की शादी आदि किन जरूरतों के लिए बचत और निवेश कर रहा है.

जब आप वित्तीय लक्ष्य तय कर लेते हैं तो निवेश के बारे में फैसला करना आसान रहता है. मसलन, आपको निवेश का कौन-सा विकल्प चुनना है, निवेश की रकम कितनी रखनी है और उसे कितने समय तक के लिए करना है, यह फैसला आसानी से कर सकते हैं.

बीमा और पेंशन फंड की न करें अनदेखी

प्रत्येक निवेशक को अपने मिड टर्म के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में कभी कुछ जरूरी चीजों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. जैसेकि, इंश्योरेंस यानी बीमा और रिटायरमेंट के बाद के लिए पेंशन के बारे में जरूर प्लान कर लेना चाहिए. हर निवेशक को जीवन बीमा यानी लाइफ इंश्योरेंस खासकर टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए. यह आपात परिस्थिति में आपको और आपके परिवार को आर्थिक झटकों से बचाता है.

दूसरा अहम पहलू है कि अधिकांश निवेशक रिटायरमेंट के बाद के जीवन को लेकर अधिक गंभीर नहीं दिखाई पड़ते हैं. जबकि यह जरूरी है कि नौकरी के शुरुआती दिनों से पेंशन फंड के बारे में जरूर प्लान कर लेन चाहिए. यह इसलिए अनिवार्य है कि जब आप नौकरी से रिटायर हो जाएं तो किसी दूसरे पर आश्रित न रहे. सम्मान के साथ अपना जीवन सुखद रूप से गुजार सकें.

इमरजेंसी कैश जरूर रखें

आमदनी, बचत और निवेश की स्ट्रैटजी के बीच एक अहम पहलू इमरजेंसी कैश का भी है. यानी, प्रत्येक नौकरीपेशा व्यक्ति को अपने मंथली घरेलू खर्चों के हिसाब से करीब तीन माह की रकम बतौर इमरजेंसी फंड रखनी चाहिए. यह इमरजेंसी फंड बैंक के सेविंग अकाउंट या लिक्विड फंड में रखा जा सकता है, जिसे आप 24 घंटे के नोटिस में निकाल सकते हैं.

उदाहरण से समझे, यदि किसी व्यक्ति का मंथली घरेलू खर्च 30,000 रुपये है तो उसे 90,000 रुपये इमरजेंसी कैश अवश्य रखना चाहिए. इमरजेंशी कैश अचानक जरूरत पर काम आते हैं. इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए. अन्यथा आपको मुश्किल समय में कर्ज लेना पड़ सकता है. आर्थिक रूप से अपने को स्वतंत्र रखने का अहम नियम है.

संपत्ति का डिस्ट्रीब्यूशन

फाइनेंशियल प्लानिंग का एक अहम पहलू एसेट डिस्ट्रीब्यूशन भी होता है. आसान शब्दों में इसे ऐसे समझें, यदि आपने अपनी पूरी जिम्मेदारियां पूरी कर ली है, पेंशन का भी इंतजाम कर लिया है तो आप यह न समझें अब आप पूरी तरह ‘स्वतंत्र’ हैं. अभी एक अहम काम करना है और वह है अपनी संपत्ति यानी एसेट का ​​वितरण.

आप अपने जीवन में ही अपनी संपत्तियों जैसेकि, मकान, दुकान, शेयर, बैंक बैलेंस, गोल्ड, वगैरह वगैरह का डिस्ट्रब्यूशन अपने आश्रितों या उत्तराधिकारियों में जरूर कर लें. इसे वसीयतनामा यानी विल के जरिए आप आसानी से कर सकते हैं. इसका फायदा यह है कि आपके जीवन काल में या आपके जाने के बाद परिवार में किसी भी तरह का विवाद नहीं होगा. तब जाकर आप सही मायने आर्थिक स्वतंत्रता के अपने उद्देश्यों को पूरा कर पाएंगे.

(बीएनपी फिनकैप के निदेशक एके निगम से बातचीत पर आधारित)

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