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फेस्टिव सीजन में Home Loan लेते समय जरूर ध्यान रखें ये 10 बातें, नहीं होगा नुकसान

मौजूदा वक्त में किफायती हाउसिंग सेगमेंट में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई है और उम्मीद है कि यह 2018 और उसके बाद यह और बढ़े.

October 27, 2018 11:49 AM
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घर खरीदना जीवन का एक माइलस्टोन होता है. पहली नौकरी से ही लोगों को घर खरीदने की इच्छा बनी रहती है. चूंकि भारतीय कंज्यूमर में काफी बदलाव आए हैं, इसलिए हाउसिंग सेगमेंट में भी बदलाव देखे जा रहे हैं. एक ओर जहां सरकार की तरफ से से हाउसिंग फार आॅल पर जोर दिया जा रहा है.  वहीं दूसरी ओर, किफायती हाउसिंग सेगमेंट के भीतर नए-नए विकल्प सामने आ रहे हैं. साथ ही कंज्यूमर के लिए फाइनेंस यानी होम लेना भी पहले के मुकाबले अधिक सुलभ हुआ है.

मौजूदा वक्त में किफायती हाउसिंग सेगमेंट में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई है और उम्मीद है कि यह 2018 और उसके बाद और बढ़े. ऐसे में घर की मांग देश भर में बढ़ने की उम्मीद है. सरकारी अनुमानों के अनुसार, 2022 तक 4 करोड़ से अधिक शहरी घरों का निर्माण करने की जरूरत है.

बहरहाल, यदि आप इस फेस्टिव सीजन में मकान खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपको कुछ जरूरी बातों को ध्यान रखना चाहिए. जिससे कि आपको बाद में किसी भी तरह का आर्थिक और कानूनी दिक्कतों का सामना न करना पड़े. इस फेस्टिव सीजन में Home Loan लेने से पहले इन 10 बातों का ध्यान रखें…

संपत्ति लीगल है या नहीं

संपत्ति खरीदने से पहले, घर के सर्टिफिकेट आदि की जांच जरुर करनी चाहिए. बिल्डर की प्रतिष्ठा, पुराने योजनाओं के डिलीविरी का ट्रैक रिकॉर्ड देखना जरुरी है. RERA अप्रूवड योजनाओं के लिए, निर्माता की प्रोफाइल और प्रोजेक्ट डिटेल RERA की वेबसाइट पर ऑनलाइन चेक किया जा सकता है. डील को फाइनल करने से पहले प्रॉपर्टी के कागजातों की कानूनी जांच एक अच्छे वकील के जरिए की जानी चाहिए.

बजट का ध्यान रखें

ग्राहकों को EMI के जरिए पता लगाना चाहिए जो वे कितना मासिक भुगतान कर सकते हैं. EMI कर्ज राशि, कर्ज का कार्यकाल और ग्राहकों के शुरूआती योगदान के लिए मार्जिन पैसे पर निर्भर करता है. शुरूआती योगदान जितना अधिक होगा, कर्ज राशि उतनी ही कम होगी, जिसके परिणामस्वरूप EMI कम होगी.

ब्याज दर

ग्राहकों को विभिन्न बैंकों/HFCs द्वारा दी जाने वाली Home Loan की ब्याज दर जाननी चहिए. किसी को भी यह तय करना होगा कि क्या कोई ब्याज की फ्लोटिंग या निश्चित दर के तहत Home Loan चाहता है.

कर्ज से जुड़े शुल्क और चार्जेज को समझें

Home Loan में एसोसिएटेड फीस और चार्जेज जुड़ा होता है. प्रोसेसिंग फी आवेदन के समय देय सबसे सामान्य चार्ज है. उचित शुल्क के साथ कर्जदाता चुनना बेहतर है.

Home Loan का टेन्योर

ग्राहक 20 साल तक Home Loan का लाभ उठा सकते हैं. कुछ कंपनियां और बैंक 30 साल तक के लिए भी Home Loan देते हैं. कर्ज का कार्यकाल ग्राहक की रिटायरमेंट उम्र पर निर्भर करता है. ज्यादातर कंपनियां स्व-नियोजित ग्राहकों के लिए 65 साल तक कर्ज देती हैं. ध्यान रहे कि कर्ज का कार्यकाल जितना अधिक होगा, ब्याज का भुगतान उतना अधिक करना होगा.

डायरेक्ट लेनदेन

कर्ज लेने के दौरान खरीदारों को मिडलमैन से बचना चाहिए. उन्हें बैंक/HFC ब्रांच में जाने पर जोर देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी भी प्रकार की फीस के लिए किए गए सभी पेमेंट बैंकिंग चैनल के माध्यम से और केवल चेक/ECS के माध्यम से भुगतान किए जाते हैं.

Tax बेनिफिट्स

सालाना पेमेंट किए गए EMI के ब्याज हिस्से को कुल आय से धारा 24 के तहत अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कटौती के रूप में दावा किया जा सकता है. पेमेंट EMI का मुख्य भाग धारा 80C के तहत कटौती किया जा सकता है. इसके तहत अधिकतम राशि 1.5 लाख रुपये तक दावा किया जा सकता है.

PMAY के तहत CLSS सब्सिडी
सरकार ने PMAY के तहत CLSS सब्सिडी की घोषणा की है. यह पहली बार घर खरीदारों के लिए है. इके लिए कुछ कंडीशन्स है जिसे पूरा करना होगा. ग्राहकों को यह देखना चाहिए कि वे सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए पत्र हैं या नहीं.

डॉक्यूमेंटेशन

कर्ज आवेदन और डिसबर्सल डाक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर करते समय खरीददारों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सभी डाक्यूमेंट्स सही तरीके से लिखे गए हों. सादे पेपर पर कहीं भी हस्ताक्षर नहीं करना चाहिए. चेक भी सही तरीके से भरा जाना चाहिए और कोई भी खाली चेक नहीं देना चाहिए.

Home Loan का इंश्योरेंस कराएं

खरीददारों को Home Loan को कवर करने के लिए इंश्योरेंस का लाभ उठाना चाहिए. मोर्टगेज कंपनी उधारकर्ताओं को लागत पर इंश्योरेंस कवर के लिए एक विकल्प देती है. यह एक डिक्रिजिंग टर्म-प्लान है जहां कर्ज की चुकौती के अनुसार कवर राशि घटती है.

(इसके लेखक पवन गुप्ता मुत्थुट हाउसिंग फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के सीईओ हैं.)

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