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Investment Tips : बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में बढ़ रही है निवेशकों की दिलचस्पी, क्या कम जोखिम में ज्यादा लाभ दिला सकता है यह फंड?

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड एक तरह का हाइब्रिड म्यूचुअल फंड होता है, जो डेट और इक्विटी स्कीम दोनों में निवेश कर सकता है

September 15, 2021 9:24 PM
बैलेंस्ड एडवांटेज फंड फ्यूचर और ऑप्शन जैसे डेरिवेटिव का इस्तेमाल करते हैं ताकि अनहेज्ड इक्विटी एक्सपोजर को घटाया जा सके

आजकल बैलेंस्ड एडवांटेज ( Balanced Advantage fund)फंड काफी चर्चा में हैं. ज्यादातर निवेश सलाहकार इसमें निवेश की सलाह दे रहे हैं. शेयर मार्केट में जब भी बड़ा उछाल आता है तो इसके बाद करेक्शन की बातें होने लगती है. ऐसे ही अस्थिर दौर में बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश को लेकर चर्चा तेज हो जाती है. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड को डायनेमिक इक्विटी एसेट एलोकेशन फंड ( Dynamic Equity asset alloaction Fund) भी कहा जाता है. क्या यह निवेशकों को कम जोखिम में हाई रिटर्न दे सकता है.

कैसे काम करता है बैलेंस्ड एडवांटेज फंड?

आखिर बैलेंस्ड एडवांटेज फंड होता क्या है और यह कैसे काम करता है? दरअसल बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ( Balanced Advantage fund) एक तरह का हाइब्रिड म्यूचुअल फंड होता है, जो डेट और इक्विटी स्कीम दोनों में निवेश कर सकता है. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की कोशिश रहती है कि वह 65 फीसदी इक्विटी एक्सपोजर को मेंटेन रखे. इन पर इक्विटी फंड्स के तौर पर टैक्स देनदारी होती है. यह टैक्स दर 15 फीसदी होती है. अगर आप इस फंड को एक साल के भीतर भुनाते हैं तो आपको 15 फीसदी का कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ता है. एक लाख रुपये से ज्यादा के कैपिटल गेन्स पर 10 फीसदी टैक्स लगता है.

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड फ्यूचर और ऑप्शन जैसे डेरिवेटिव का इस्तेमाल करते हैं ताकि अनहेज्ड (Unhedged) इक्विटी एक्सपोजर को घटाया जा सके. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड स्टॉक सेलेक्शन और एसेट एलोकेशन के जरिये निवेशकों के लिए रिटर्न पैदा करते हैं. अक्सर सही समय पर फंड मैनेजर इक्विटी और डेट के बीच निवेश शिफ्ट करते रहते हैं. इससे निवेशक का जोखिम कम हो जाता है.

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बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश कितना कारगर ?

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड इक्विटी और फिक्स्ड इनकम (बॉन्ड) के बीच आवंटन को घटाते बढ़ाते रहते हैं . जब बाजार में शेयरों की कीमत जरूरत से ज्यादा होती है, तो ये फंड बॉन्ड में अधिक पैसा लगाते हैं. वहीं, जब भाव लुढ़क जाते हैं तो ये बॉन्ड से पैसा निकालकर शेयरों में निवेश करते हैं. इन स्कीमों के पोर्टफोलियो में इक्विटी वाला हिस्सा आमतौर पर 30 फीसदी से 80 फीसदी के बीच होता है. कुछ फंड इस सीमा से भी ज्यादा पैसा इक्विटी यानी शेयरों में लगाते हैं.

मार्केट में कुछ अच्छे बैलेंस्ड एडवांटेज फंड मौजूद हैं. आदित्य बिड़ला सनलाइफ एडवांटेज फंड, आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल बैलेंस्ड एडवांटेज फंड और Invesco India Dynamic fund , HDFC Balanced fund कुछ ऐसे फंड है जिनमें वित्तीय सलाहकार से सलाह के बाद निवेश किया जा सकता है. जोखिम न लेने वाले निवेशकों को ये पसंद आ सकते हैं लेकिन बंपर रिटर्न की उम्मीद रखने वालों को यह निराश कर सकता है. कुछ वित्तीय सलाहकार हाइब्रिड इक्विटी फंड या शुद्ध बैलेंस्ड फंड में निवेश की राय देते हैं. इस तरह की स्कीमों में एसेट आवंटन सीमित दायरे में तय होता है. इनकी सब-कैटेगरी में एग्रेसिव, बैलेंस्ड और कनजर्वेटिव शामिल हैं.

( यह लेख महज जानकारी के लिए है. निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला करने से पहले अपने सलाहकार से जरूर संपर्क कर लें.)

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