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आर्थिक सुरक्षा के लिए क्या है निवेश का बेहतर तरीका? डावर्सिफिकेशन समेत इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

सेविंग और इनवेस्टमेंट, ये दोनों फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए अहम है, जिसका पालन करने के लिए बुनियादी जानकारी का होना बेहद जरूरी है.

आर्थिक सुरक्षा के लिए क्या है निवेश का बेहतर तरीका? डावर्सिफिकेशन समेत इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
फाइनेंशियल सिक्योरिटी हासिल करने के लिए आपको अपने पर्सनल फाइनेंस को बेहतर तरीके से मैनेज करना होगा.

फाइनेंशियल सिक्योरिटी हासिल करने के लिए आपको अपने पर्सनल फाइनेंस को बेहतर तरीके से मैनेज करना होगा. आपको अपनी सेविंग को एक के बजाय कई स्कीम में निवेश करना चाहिए. फाइनेंशियल सिक्योरिटी की यही कुंजी है. ऐसा करके आप अपना बेहतर पोर्टफोलियो तैयार करते हैं जो आपको मार्केट के उतार-चढ़ाव और जोखिम के खिलाफ तैयार होने में मदद करता है. साथ ही यह रिटायरमेंट से पहले और बाद में भी इनकम का एक ज़रिए बनाए रखने में मदद करता है. सेविंग और इनवेस्टमेंट, ये दोनों फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए अहम है, जिसका पालन करने के लिए बुनियादी जानकारी का होना बेहद जरूरी है.

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निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

इक्विटी में निवेश उन लोगों के लिए भी एक सुरक्षित विकल्प है जो एक तयशुदा फाइनेंशियल टारगेट के साथ आगे बढ़ने की योजना बना रहे हैं. बेहतर रिटर्न पाने के लिए निवेश करने से पहले इन अहम बातों का भी ध्यान रखना चाहिए.

  • लाइफ और हेल्थ इश्योरेंस में निवेश कर अपनी प्रापर्टी और फैमिली को सुरक्षित करें
  • खुद और फैमिली के जरूरी टारगेट को पूरा करने लिए फाइनेंशियल स्ट्रेटेजी बनाकर आगे बढ़े
  • बचत करने पर अधिक जोर दें
  • समय-समय पर निवेश किए गए फंड का अपडेट लेते रहें
  • मापने योग्य बेंचमार्क बनाकर चलें ताकि फाइनेंशियल सिक्योरिटी को मापा जा सकें

एक बार जब एक निवेशक इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ता है, तो उसे धन सृजन के लिए इनवेस्ट करने में आसानी होती है. टेक्नोलॉजी ने इसे और भी आसान बनाया है. आज के वक्त में निवेशक के पास अपने टारगेट के लिए कई सरकारी और प्राइवेट स्कीम मौजूद हैं. इक्विटी में निवेश करने के कई विकल्प हैं इसके लिए आप सिंगल स्टॉक (single stocks,), म्यूचुअल फंड (mutual funds), ईटीएफ (ETFs) या स्मॉलकेस में निवेश कर सकते हैं. यहां से निवेशक को अपेक्षाकृत अधिक रिटर्न मिलता है. हाल के दिनों में लंबी अवधि वाले स्कीम कों काफी लुभावना बना दिया गया है.

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निवेश में डावर्सिफिकेशन है बेहद जरूरी

डावर्सिफिकेशन  निवेश की कुंजी है. इसका इस्तेमाल सभी प्रकार के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है. एक ही स्कीम में अपनी सारी सेविंग न लगाकर कई तरह के स्कीम में निवेश करना चाहिए. इसके लिए बांड, रियल एस्टेट या डिजिटल एसेट्स कई स्कीम हैं. इनमें से हर एक के अपने फायदे हैं और ये आपके टार्गेट को को पूरा कराने में मददगार होते हैं.

(By Vasanth Kamath, Founder and CEO, smallcase)

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