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अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना: फिजिकली क्लेम की अनिवार्यता खत्म, ऑनलाइन दावा होगा मान्य; लेकिन ये शर्त है लागू

यह पाया गया कि एफिडेविट फॉर्म में दावा प्रस्तुत करने की शर्त से दावेदारों को असुविधा हो रही है.

Updated: Nov 08, 2020 6:23 PM
Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana, Claims through Affidavit Form no longer required now, ESIC

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) के तहत शर्तों में ढील प्रदान की है. निगम ने फैसला किया है कि अब से स्कीम के तहत लाभ का क्लेम करने वाले ऐसे दावाकर्ता जिन्होंने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत ऑनलाइन दावा प्रस्तुत किया है और आवश्यक दस्तावेजों जैसे आधार एवं बैंक विवरणों की स्कैन्ड कॉपी अपलोड की हैं, को प्रत्यक्ष दावा प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है. यदि दावे के समय दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड नहीं किए गए हैं तो दावेदार अपेक्षित दस्तावेजों के साथ विधिवत हस्ताक्षरित दावे का प्रिंट-आउट प्रस्तुत करेगा.

शपथ-पत्र यानी एफिडेविट फॉर्म में दावा प्रस्तुत करने की शर्त को भी हटाया गया है. श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि योजना के हितलाभार्थियों की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करते हुए यह पाया गया कि एफिडेविट फॉर्म में दावा प्रस्तुत करने की शर्त से दावेदारों को असुविधा हो रही है. इसलिए इस शर्त को हटाया गया है.

क्या है यह स्कीम

अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत रोजगार खोने वाले संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिलती है. यह एक तरह से बेरोजगारी भत्ता होता है, जिसका लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलता है जो ESI स्कीम के तहत कवर हैं. यानी उनके मासिक वेतन में से ESI अंशदान कटता हो. स्कीम के तहत बेरोजगार होने के बाद सरकार की ओर से अधिकतम 90 दिन यानी 3 महीने तक आर्थिक राहत दी जाएगी. अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना 1 जुलाई 2018 से प्रभावी है. शुरुआत में इसे दो साल के पायलट बेसिस पर लागू किया गया था. पहले इस स्कीम को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाया गया था लेकिन अब इसका फायदा 30 जून 2021 तक लिया जा सकता है. भले ही कोई व्यक्ति ESIC से बीमित हो, लेकिन किसी गलत व्यवहार की वजह से उसे कंपनी से निकाला गया हो, व्यक्ति पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो, या अगर व्यक्ति ने रिटायरमेंट की तारीख से पहले रिटायरमेंट (VRS) लिया हो तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

कोविड काल में नौकरी गंवाने वालों को क्या है छूट

कोविड19 महामारी के दौरान नौकरी खोने वाले कर्मचारियों के लिए अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के नियमों में कुछ ढील दी गई है, वहीं जिनकी नौकरी महामारी के आने से पहले गई है, उनके लिए यह स्कीम अपनी वास्तविक पात्रता शर्तों के साथ लागू है. स्कीम के तहत कोविड19 महामारी का काल 24 मार्च से 31 दिसंबर 2020 तक माना गया है.

जिनकी नौकरी कोविड काल में गई है, उनके लिए योजना के तहत सरकार की ओर से राहत का अमाउंट नौकरी जाने से पहले के 4 कॉन्ट्रीब्यूशन पीरियड के दौरान के प्रतिदिन के औसत वेतन के 50 फीसदी के बराबर होगा. पहले यह लिमिट 25 फीसदी थी. राहत बेरोजगार होने के बाद अधिकतम 90 दिन यानी 3 महीने तक दी जाएगी. पात्रता शर्तों में ये छूट केवल 24 मार्च से 31 दिसंबर 2020 तक की अवधि के लिए लागू होगी. 23 मार्च 2020 को या उससे पहले और 1 जनवरी 2021 को या उसके बाद बेरोजगार हुए बीमित व्यक्तियों के लिए अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना की वास्तविक पात्रता शर्तें लागू होंगी.

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स्कीम का लाभ लेने के लिए शर्तें

1. बीमित व्यक्ति ने नौकरी जाने से पहले कम से कम 2 साल नौकरी की हो और अंशदान की अवधि में कम से कम 78 दिन अंशदान किया हो.
2. क्लेम नौकरी जाने के लिए 30 दिन के अंदर करना होगा.
3. क्लेम फॉर्म को सीधे ESIC ब्रांच कार्यालय को ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है. ESIC की वेबसाइट पर जाकर अटल बीमित व्‍यक्ति कल्‍याण योजना का फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं.

https://www.esic.nic.in/attachments/circularfile/93e904d2e3084d65fdf7793e9098d125.pdf

4. फॉर्म मिलने के 15 दिन के अंदर क्लेम का पैसा बीमित व्यक्ति के बैंक खाते में आ जाएगा. व्यक्ति की पहचान के लिए आधार का इस्तेमाल होगा.

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