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बैंक लॉकर में रखी आपकी कीमती चीजें कितनी हैं सेफ, जानें डिटेल

कई लोग ज्वैलरी, प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स, वसीयत आदि जैसी चीजों की सुरक्षा के लिए उन्हें बैंक के सेफ डिपॉजिट लॉकर में रखते हैं. इसकी वजह है कि घर में इनकी सेफ्टी को लेकर लोग आशंकित होते हैं कि कहीं ये चोरी न हो जाएं.

January 8, 2019 3:30 PM
are the things completely safe in bank lockersRepresentational Image

कई लोग ज्वैलरी, प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स, वसीयत आदि जैसी चीजों की सुरक्षा के लिए उन्हें बैंक के सेफ डिपॉजिट (लॉकर) में रखते हैं. इसकी वजह है कि घर में इनकी सेफ्टी को लेकर लोग आशंकित होते हैं कि कहीं ये चोरी न हो जाएं. लेकिन क्या बैंक लॉकर में आपके सामान की सुरक्षा की पूरी गारंटी होती है? आइए जानते हैं…

2017 में RBI ने एक RTI के जवाब में कहा था कि लॉकर्स में रखे सामान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं हैं. हालांकि, उन्हें लॉकर्स की सुरक्षा के लिए इंतजाम करने होते हैं. भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा, आग लग जाने, आतंकी हमला या चोरी आदि होने पर मुआवजा मिलेगा, इसकी गांरटी बैंक नहीं देते. हालांकि अगर बैंक की लापरवाही के चलते कस्‍टमर का नुकसान हुआ है तो बैंकों को मुआवजा देना होगा. इसके लिए कस्‍टमर को बैंक का दोषी होना साबित करना होगा.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

SBI के पूर्व CGM सुनील पंत के मुताबिक, लॉकर में रखे सामान के नुकसान के लिए बैंक इसलिए जिम्मेदार नहीं होते हैं क्योंकि लॉकर में क्या सामान है यह बैंक को मालूम नहीं होता है. बैंक केवल लॉकर एलॉट करते हैं, उसमें क्या सामान रखना है यह कस्टमर पर निर्भर करता है. बैंक किसी इमर्जेन्सी या किसी असामान्य परिस्थिति को छोड़कर नॉर्मल परिस्थिति में लॉकर का सामान चेक नहीं करते हैं. ऐसे में अगर किसी घटना या दुर्घटना में कस्टमर को बैंक लॉकर में रखे सामान का नुकसान होता है तो बैंक की ​कोई जिम्मेदारी नहीं बनती.

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बैंक नहीं देंगे कोई मुआवजा

पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व CGM जीएस बिंद्रा के मुताबिक, बैंक लॉकर्स में आम तौर पर चीजें घर से ज्यादा ही सेफ रहती हैं. इसकी वजह है कि बैंक अपनी तरफ से सुरक्षा के पूरे इंतजाम करते हैं. लेकिन किसी असामान्य परिस्थिति में लॉकर में रखे सामान को नुकसान होने पर बैंक आपको कोई मुआवजा नहीं देंगे. ये सारी चीजें लॉकर लेते वक्त बैंक के एग्रीमेंट में होती हैं, जिन्हें कस्टमर को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए.

कस्टमर्स क्या कर सकते हैं?

बैंक लॉकर में रखे सभी आइटम्स की लिस्ट बनाकर रखें ताकि हर बार लॉकर खोलने पर आप चेक कर सकें कि आइटम्स पूरे हैं या नहीं. अगर कोई सामान कम दिखता है तो बैंक को इस बारे में बताया जा सकता है ताकि वे जरूरी कदम उठा सकें. दूसरा यह कि महंगी चीजों का पहले से इंश्योरेंस करवा लें, उसके बाद लॉकर में रखें. हमेशा वॉल्ट तक आपके साथ आए बैंक इंप्लॉई के जाने के बाद ही लॉकर खोलें और बाद में अच्छे से बंद करें.

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