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सपनों का घर खरीदना चाहते हैं? इन पांच खर्चों को अपने प्लानिंग में जरूर करें शामिल, वरना हो सकता है धोखा

अगर आप एक अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो आपको उस पर GST का भुगतान करना होगा. अगर संपत्ति अफोर्डेबल हाउस की परिभाषा के अंतर्गत आती है तो GST की गणना घर के मूल्य के एक प्रतिशत पर की जाती है.

Updated: Oct 04, 2021 5:45 PM
5 important costs you should be aware of while buying a houseघर खरीदने के लिए बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए इन पांच लागतों के बारे में जानना चाहिए.

अपना घर बनाना हर किसी का सपना होता है. इससे ना सिर्फ आपको रहने के लिए एक छत मिलता है, बल्कि समाज में लोगों के बीच आपकी इज्जत भी बढ़ती है. घर खरीदना आम तौर पर किसी के जीवन में सबसे बड़ी खरीदारी होती है और इसके लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करना जरूरी होता है. घर खरीदने में पहला कदम इसकी वास्तविक लागत को समझना और उसका मूल्यांकन करना है. ऐसा हो सकता है बिल्डर या सेलर द्वारा अनुमानित स्वामित्व की लागत और स्वामित्व की वास्तविक लागत के बीच अंतर हो. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमेशा कुछ छिपे हुए शुल्क और अतिरिक्त खर्च होते हैं, जिनका भुगतान आपको करना पड़ सकता है. अगर आप इनके लिए पहले से प्लानिंग नहीं करते हैं तो आमतौर पर वास्तविक लागत खरीद के समय बढ़ जाती है. इससे आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग प्रभावित हो सकती है.

अपने सपनों का घर खरीदने से पहले आपको इन पांच महत्वपूर्ण अतिरिक्त लागतों के बारे में पता होना चाहिए ताकि आप बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग कर सकें.

1. स्टांप ड्यूटी

स्टांप ड्यूटी प्रॉपर्टी संबंधी लेनदेन पर सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक अनिवार्य कर है. यह सेल एग्रीमेंट को प्रमाणित करता है, यानी संपत्ति की बिक्री या खरीद के सबूत के तौर पर काम आता है. स्टांप ड्यूटी शुल्क संपत्ति के मूल्य के 4% से 7% के बीच हो सकते हैं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपना घर किस राज्य में खरीद रहे हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप जिस घर को खरीद रहे हैं, उसका मूल्य 50 लाख रुपये है तो आपको स्टांप शुल्क के रूप में दो लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे.

2. रजिस्ट्रेशन फीस

खरीदार के नाम पर संपत्ति को पंजीकृत करने और संपत्ति के स्वामित्व के रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए खरीद के समय सरकार द्वारा लगाया जाने वाला यह एक और अनिवार्य शुल्क है. ज्यादातर राज्यों में, रजिस्ट्रेशन लागत घर के मूल्य का एक प्रतिशत है. इस आधार पर, 50 लाख रुपये मूल्य के घर के लिए, आपको रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करना होगा. रजिस्ट्रेशन फीस आपके द्वारा भुगतान किए जाने वाले स्टांप शुल्क से अलग हैं.

3. वस्तु एवं सेवा कर (GST)

अगर आप एक अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो आपको उस पर GST का भुगतान करना होगा. अगर संपत्ति अफोर्डेबल हाउस की परिभाषा के अंतर्गत आती है तो GST की गणना घर के मूल्य के 1% पर की जाती है. ऐसा नहीं होने पर, संपत्ति के मूल्य का 5% जीएसटी लगाया जाएगा. अफोर्डेबल प्रॉपर्टी का मतलब एक ऐसे घर से है जिसका मूल्य 45 लाख रुपये से कम हो और उसका क्षेत्रफल महानगरों में 60 वर्ग मीटर और अन्य जगहों पर 90 वर्ग मीटर से कम हो. इसलिए, अगर अंडर-कंस्ट्रक्शन अफोर्डेबल प्रॉपर्टी का मूल्य 40 लाख रुपये है, तो खरीदार को GST के तौर पर 40,000 रुपये देने होंगे. अगर मूल्य 50 लाख रुपये है, तो भुगतान किया जाने वाला जीएसटी 2.5 लाख रुपये होगा. हालांकि, पूर्ण (रेडी-टू-ओन) संपत्तियों या पुरानी संपत्ति के रिसेल पर कोई GST नहीं है.

4. एडवांस मेंटेनेंस चार्ज

एडवांस मेंटेनेंस चार्ज भी आपके घर की लागत को प्रभावित कर सकता है. बिल्डर्स इन्हें एक या दो साल के लिए एडवांस में कलेक्ट कर सकते हैं और यह राशि संपत्ति और अपार्टमेंट परिसर के आकार और स्थान के आधार पर लाखों में जा सकती है. आमतौर पर, मेंटेनेंस चार्ज के तहत भवन की सुरक्षा, लिफ्ट शुल्क, संपत्ति के रखरखाव के लिए शुल्क और पानी व बिजली के शुल्क समेत अन्य शामिल हैं.

5. पार्किंग अलॉटमेंट का शुल्क

कई घर खरीदार सोचते हैं कि एक बार जब वे अपने नए घर में होंगे, तो उन्हें अपने वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क नहीं देना होगा. यह सच नहीं है. हाउसिंग सोसायटी या बिल्डर डेडिकेटेड पार्किंग अलॉट करने के लिए भी मोटी रकम  लेते हैं. अगर आपके पास एक से ज्यादा वाहन हैं, तो आपको अतिरिक्त पार्किंग के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं. आम तौर पर पार्किंग अलॉटमेंट के लिए एकमुश्त रकम देनी होती है, जो लाखों में भी हो सकती है. कुछ सोसायटीज़ में सालाना पार्किंग चार्जेज भी लिए जा सकते हैं.  इनके अलावा, रिसेल ट्रांजैक्शन के मामले में कुछ इलाकों में ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम (TM) शुल्क देना पड़ सका है. कुछ रेजिडेंट एसोसिएशन भी इस तरह का ट्रांसफर शुल्क वसूल करते हैं.

यह सभी अलग-अलग तरह के चार्जेज कुल मिलाकर आपके घर की अंतिम  लागत को 10-15% तक बढ़ा सकते हैं. ध्यान देने की बात यह है कि अगर आप संपत्ति खरीदने के लिए होम लोन लेना चाहते हैं, तो कुल लागत का आकलन करते समय इन सभी अतिरिक्त खर्चों को भी ध्यान में रखना होगा. इससे आपके घर की खरीदारी काफी आसान हो जाएगी.

(Article: Adhil Shetty)

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