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  1. क्रिकेट वर्ल्ड कप से सीखें कमाई के तरीके, ये 4 सबक आएंगे काम

क्रिकेट वर्ल्ड कप से सीखें कमाई के तरीके, ये 4 सबक आएंगे काम

क्रिकेट केवल एक खेल ही नहीं है. इसकी स्पोर्ट्समैन स्प्रिट, लगन और आखिरी बॉल तक उम्मीद न छोड़ने का एटीट्यूड बेहद महत्व रखता है. इससे इन्वेस्टर्स काफी कुछ सीख सकते हैं.

June 3, 2019 4:45 PM

 

4 smart money lessons to learn from cricket world cup(Illustration: Shyam Kumar Prasad)

ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है. देश समेत पूरी दुनिया में क्रिकेट की खुमारी पीक पर है. क्रिकेट केवल एक खेल ही नहीं है. इसकी स्पोर्ट्समैन स्प्रिट, लगन और आखिरी बॉल तक उम्मीद न छोड़ने का एटीट्यूड बेहद महत्व रखता है. इससे इन्वेस्टर्स काफी कुछ सीख सकते हैं. इस रिपोर्ट में क्रिकेट से सीखी जा सकने वाली ऐसी ही 4 बातों का जिक्र किया गया है, जिसे अपने फाइनेंस की प्लानिंग में अपनाया जा सकता है….

अच्छी शुरुआत ले जाती है अच्छे स्कोर की ओर

क्रिकेट में अगर शुरुआती 10 ओवर में अच्छे रन बना लिए जाएं तो 300 रन का स्कोर बनाना काफी आसान हो जाता है. वहीं अगर शुरुआत के बजाय खेल के आखिर में ज्यादा रन बनाने की कोशिश की जाए तो विकेट गिर भी सकते हैं और पर्याप्त रन भी नहीं बनेंगे. इसी तरह फाइनेंशियल प्लानिंग भी है. यहां भी जीवन के शुरुआती साल महत्वपूर्ण होते हैं. अगर फाइनेंशियल प्लानिंग जल्दी शुरू कर ली जाए तो आप बाद के लिए एक अच्छा फंड जोड़ा जा सकता है.

बैलेंस्ड टीम लक्ष्य हासिल करने में मददगार

वर्ल्ड कप जीतना हर ​टीम का सपना है लेकिन जीतती वही टीम है, जिसमें अच्छे बैट्समैन, बेहतरीन बॉलर्स, उम्दा फील्डर्स और फोकस्ड विकेटकीपर का सही मिश्रण होता है. इसी तरह इक्विटी, डेट व गोल्ड आदि डायवर्सिफाइड एसेट्स के सही मिक्स से आपका पोर्टफोलियो बैलेंस्ड बनता है और जोखिम कम रहता है.

ध्यान रहे कि अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए फंड खड़ा करना चाहते हैं तो इक्विटी में निवेश जरूरी है. इसी तरह सभी शॉट टर्म इन्वेस्टमेंट जरूरतों के लिए एसेट्स को डेट फंड में डालना जरूरी है. वहीं एक पोर्टपोलियो तब तक अच्छी तरह से बैलेंस्ड नहीं माना जाता, जब तक उसका 10-15 फीसदी हिस्सा गोल्ड में इन्वेस्टमेंट के तौर पर न हो.

एक अच्छी रन रेट बनाए रखना है जरूरी

क्रिकेट के शौकीनों को सबसे ज्यादा मजा तब आता है, जब बैट्समैन चौके-छक्के मारता है. लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि असली स्कोर बीच-बीच में लगातार निकाले जाने वाले 1 और 2 रन से आता है. बाउंड्री मारने के लिए बॉल्स की सही तरीके से पहचान करने की जरूरत होती है. अगर खिलाड़ी हमेशा छक्के और चौके जड़ने की फिराक में रहे तो विकेट जल्दी गिरने के चांस बढ़ जाते हैं.

इन्वेस्टमेंट्स के साथ भी ऐसा ही है. कई बार होगा कि आपको अपने पैसों पर तगड़ा रिटर्न मिलेगा, वहीं कुछ रिटर्न तगड़े नहीं लेकिन ठीक—ठाक होंगे. आपको इसी रिटर्न वाले फंड का ट्रैक रिकॉर्ड रखने की जरूरत है. विभिन्न मार्केट साइकिल्स में फंड का ट्रैक रिकॉर्ड इन्वेस्टर्स को मार्केट के उतार—चढ़ाव के दौरान फंड की परफॉरमेंस का अंदाजा लगाने में मदद करता है.

टीम स्ट्रैटेजी का पुनर्मूल्यांकन

1983 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच खेलने के दौरान तत्कालीन टीम कप्तान कपिल देव ने टीम के बारे में एक बात कही थी. वह यह कि अगर यह जीतने वाली टीम नहीं है तो यह निश्चित तौर पर लड़ने वाली टीम है. आज तक उस मैच को क्रिकेट इतिहास की ऐतिहासिक जीत माना जाता है. कई बार हम जैसा प्लान करते हैं, चीजें वैसी नहीं होतीं. ऐसे में हमें हार का डर सताने लगता है. लेकिन अगर ऐसे में टीम शांत रहकर, परिस्थिति का फिर से मूल्यांकन करे तो जीत हासिल की जा सकती है.

फाइनेंशियल प्लानिंग में भी यह स्ट्रैटेजी चलती है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कितने अच्छे फाइनेंशियल प्लानर हो सकते हैं क्योंकि हमारी जिंदगी की जिम्मेदारियों के साथ अनचाहे खर्चे भी हो सकते हैं. ऐसे में इंसान को शांत रहकर, स्थिति का फिर से मूल्यांकन कर देखना चाहिए कि अब क्या किया जा सकता है, जिससे लॉन्ग टर्म लक्ष्यों को हासिल किया जा सके.

(यह आर्टिकल क्वांटम म्यूचुअल फंड के हेड, कस्टमर डिलाइट, हर्षद चेतनवाला का है.)

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