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COVID-19: सिगरेट पीते हैं तो अलर्ट करने वाली खबर, स्मोकिंग से वायरस का खतरा ज्यादा

स्टडी के अनुसार सिगरेट पीने वालों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा उनकी तुलना में ज्यादा होता है जो तंबाकू का सेवन नहीं करते हैं.

April 30, 2020 12:37 PM
US study says about potential risk of COVID19 in tobacco smokers, coronavirus, Tobacco smoking, potential risk factor for viral infection, University of South Carolina Study, US Study, virus binding, lungs of smokers than non-smokersस्टडी के अनुसार सिगरेट पीने वालों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा उनकी तुलना में ज्यादा होता है जो तंबाकू का सेवन नहीं करते हैं.

अगर आप सिगरेट पीने के आदी हैं तो यह खबर आपको अलर्ट करने वाली है. अमेरिका के यूनिवर्सिटी आफ साउथ कैरोलिना की स्टडी के अनुसार सिगरेट पीने वालों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा उनकी तुलना में ज्यादा होता है जो तंबाकू का सेवन नहीं करते हैं. स्टडी के अनुसार कोरोनो वायरस के संक्रमण के लिए टोबैको स्मोकिंग एक संभावित जोखिम कारक हो सकता है, जो बताता है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में वायरस के फेफड़ों में प्रवेश करने का खतरा बढ़ जाता है.

यूनिवर्सिटी आफ साउथ कैरोलिना के रिसर्चर ने इस बारे में वर्तमान और पूर्व धूम्रपान करने वालों और धूम्रपान न करने वालों पर यह स्टडी की है. इस स्टडी में लंग टिश्यू में मौजूद मॉलेक्यूल राइबोन्यूक्लिक एसिड यानी RNA के डेटाबेस का विश्लेषण किया गया. इस स्टडी को अमेरिकन जर्नल ऑफ रेसपिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है. अध्ययन में, उन्होंने ACE2 के एक्सप्रेशन पर ध्यान केंद्रित किया.

वायरस के एंट्री का जोखिम ज्यादा

रिसर्च में स्मोकिंग से ACE2 पर पड़ने वाले प्रभाव की पहचान से न सिर्फ COVID-19 वायरस के एंट्री प्वॉइंट में बढ़ोत्तरी के संकेत मिलते हैं, बल्कि धूम्रपान करने वालों के फेफड़ों में वायरल बाइंडिंग और वायरस के प्रवेश के लिए बढ़े जोखिम का भी पता चलता है. रिसर्चर ने कहा कि यह स्टडी बड़ी आबादी के लिए उपयोगी हो सकता है.

मानव एंजाइम की भी स्टडी

रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिकों ने FURIN और TMPRSS2 के एक्सप्रेशन को भी देखा जो मानव एंजाइम हैं और इन्हें वायरल संक्रमण की सुविधा के लिए जाना जाता है. शोधकर्ताओं के अनुसार, जो लोग कभी-कभी स्मोकिंग करते हैं उनके फेफड़ों के ऊतकों में ACE2 की अभिव्यक्ति में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी होती है. इनमें ऐसे लोग शामिल थे जो अपने जीवन के दौरान कम से कम 100 सिगरेट पी चुके हैं. रिसर्चर के अनुसार स्मोकिंग से हमेशा FURIN बढ़ता है लेकिन यह ACE2 की तुलना में कम बढ़ता है.

रेसपिरेटरी आर्गन पर असर

हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि फेफड़ों में एंजाइम TMRPSS2 की अभिव्यक्ति स्मोकिंग से जुड़ी नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि स्मोकिंग फेफड़ों की कोशिकाओं में जीन को फिर से तैयार करता है, जिससे ACE2 जीन की गॉब्लेट कोशिकाओं में एक्सप्रेशन बढ़ गया. ये वे कोशिकाएं होती हैं जो रेसपिरेटरी आर्गन में म्यूकस मेंबरेन की रक्षा के लिए एक खास द्रव का स्राव करती है.

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