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US Election 2020: ट्रम्प पद नहीं छोड़े तो क्या होगा? रिकॉर्ड वोटिंग के बाद भी नहीं हो पा रहा फैसला

अमेरिका में अगले राष्ट्रपति के तौर पर अगले साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेंगे या जो बिडेन, इस पर अभी तक अंतिम तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई है.

Updated: Nov 06, 2020 11:42 AM
US presidnet Election 2020 highest voter turnout rate and whaT NEXT HAPPEN IF TRUMP REJECT TO LEAVE WHITE HOUSE WHILE BIDEN WINअधिक टर्नओवर रेट का असर दोनों उम्मीदवारों के समर्थन में बढ़ोतरी के रूप में दिखा है.

US Election 2020: अमेरिका में अगले राष्ट्रपति के तौर पर अगले साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रम्प शपथ लेंगे या जो बिडेन, इस पर अभी तक अंतिम तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई है. इसके अलावा ट्रम्प ने नतीजों को मानने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव में धांधली हो रही है और वे फेडरल कोर्ट में अपील करेंगे. इसे देखते हुए अब अमेरिका में ऐसी स्थिति की भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि हार के बावजूद डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस से बाहर निकलने से इनकार कर सकते हैं. वहीं दूसरी तरफ जो बिडेन ने भी कोर्ट जाने की बात कही है और लोगों से डोनेट करने के लिए कैंपेन भी शुरू कर दिया है. जो बिडेन को लोगों को इतना समर्थन मिला है कि उन्होंने बराक ओबामा का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसके अलावा इस बार वोटर टर्नआउट रेट ने तो 120 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है.

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ट्रम्प ने मिलिट्री की सहायता लेने की दी थी धमकी

सितंबर महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव में धांधली होने की स्थिति में आसानी से पॉवर ट्रांसफर नहीं करेंगे. इसकी बजाय वह 200 साल पुराने Insurrection Act के तहत संघीय टुकड़ी की सहायता से किसी भी प्रकार के विद्रोह को समाप्त करेंगे. फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने ऐसी किसी स्थिति को विद्रोह कहा था. ट्रंप के इस रूख पर पिछले महीने बिडेन ने कहा था कि ट्रंप अगर चुनाव हारने के बाद भी व्हाइट हाउस छोड़ने से इनकार करते हैं तो ट्रांसफर ऑफ पॉवर को मिलिट्री सुनिश्चित करेगी. ट्रंप कई बार मिलिट्री के अफसरों के बीच अपने समर्थन का जिक्र करते रहे हैं.

आर्मी जनरल का अलग रूख

हालांकि इस मसले पर अमेरिकी आर्मी जनरल मार्क मिले का रूख अलग है. उन्होंने इस मसले से दूर रहने की बात कही. मार्क ने नेशनल पब्लिक रेडियो से पिछले महीने कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति को अदालत और अमेरिकी कांग्रेस के जरिए उचित तरीके से हैंडल किया जाएगा. मार्क को पिछले साल ट्रंप ने जॉइंट चीफ ऑफ स्टॉफ के चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया था. मार्क ने कहा कि अमेरिकी चुनाव के परिणाम में मिलिट्री की कोई भूमिका नहीं है.

66.9 फीसदी रहा वोटर टर्नआउट रेट

120 साल बाद इस साल 2020 में सबसे अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा में पॉलिटिकल साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर का कहना है कि अभी यह आंकड़ा और बढ़ेगा क्योंकि अभी कई बैलट की गिनती बाकी है. अमेरिका में इस साल 23.9 करोड़ लोग वोट डालने के योग्य थे जिसमें 16 करोड़ यानी 66.9 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग (वोटर टर्नआउट रेट) किया है. हालांकि अभी इसमें गिनती पूरी होने के बाद और बड़ोतरी हो सकती है. इससे पहले 1900 में 73.7 फीसदी वोटर टर्नआउट रेट रहा था. 2016 में 56 फीसदी और 2018 में 58 फीसदी वोटर टर्नआउट रेट रहा था. 2016 में ट्रंप की जीत हुई थी और 2008 में बराक ओबामा की.

दोनों उम्मीदवारों का बढ़ा समर्थन

अधिक टर्नओवर रेट का असर दोनों उम्मीदवारों के समर्थन में बढ़ोतरी के रूप में दिखा है. अब तक की गिनती के मुताबिक बिडेन को 7.2 करोड़ वोट मिले हैं जो 2016 में हिलेरी क्लिंटन को मिले मतों से 80 लाख अधिक हैं. ट्रंप को अभी तक 6.85 करोड़ वोट मिले हैं जो रिपब्लिकन उम्मीदवार के लिए सर्वाधिक टर्नआउट है.

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