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अमेरिका ने Xiaomi को ब्लैकलिस्ट किया, चीन की तीसरी सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी पर भी लगा प्रतिबंध

अमेरिकी सरकार ने चीन की स्मार्टफोन कंपनी शाओमी कॉरपोरेशन और चीन की तीसरी सबसे बड़ी नेशनल ऑयल कंपनी को काली सूची में डाल दिया है.

अमेरिका ने Xiaomi को ब्लैकलिस्ट किया, चीन की तीसरी सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी पर भी लगा प्रतिबंध
काली सूची में आने के बाद अमेरिकी निवेशकों को ब्लैकलिस्टेड चाइनीज कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी खत्म करनी होगी.

अमेरिकी सरकार ने चीन की स्मार्टफोन कंपनी शाओमी (Xiaomi) कॉरपोरेशन और चीन की तीसरी सबसे बड़ी नेशनल ऑयल कंपनी को काली सूची में डाल दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल का आखिरी हफ्ता चल रहा है. इन कंपनियों को मिलिट्री से जुड़ाव के चलते काली सूची में डाला गया है. डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस मे मिलिट्री से लिंक के चलते नौ कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है जिसमें शाओमी और सरकारी कंपनी प्लेन मैनुफैक्चर कॉमर्शियल एयरक्रॉफ्ट कॉरपोरेशन ऑफ चाइना भी शामिल हैं.

इन कंपनियों को काली सूची में आने के बाद अमेरिकी निवेशकों को इन चाइनीज कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी खत्म करनी होगी. इसके लिए निवेशकों को इस साल नवंबर 2021 तक का समय दिया गया है. इससे जुड़े कार्यकारी आदेश पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल नवंबर 2020 में साइन किया था.

Huawei पर बैन के चलते Xiaomi को हुआ था फायदा

पिछले साल 2020 की तीसरी तिमाही में बिक्री के मामले में शाओमी ने एप्पल को पछाड़ दिया था. गार्टनर के मुताबिक शाओमी बिक्री के मामले में एप्पल को पछाड़ कर तीसरी सबसे बड़ी कंपनी हो गई. अमेरिका ने जब हुवावे पर बैन लगाया और इसके स्मार्टफोन पर गूगल की जरूरी सेवाएं बंद हो गई तो इसकी बिक्री पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और शाओमी के मार्केट शेयर में बढ़ोतरी हुई.

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ऑयल कंपनी को रखा ब्लैक लिस्ट में

कॉमर्स डिपार्टमेंट ने चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉरपोरेशन (CNOOC) को इकोनॉमिक ब्लैक लिस्ट में रखा है. इस लिस्ट में होने का मतलब है कि इसमें शामिल कंपनियों से तकनीक ट्रांसफर करने या एक्सपोर्ट करने के लिए अमेरिकी कंपनियों को अमेरिकी सरकार से मंजूरी लेनी होगी.

सीएनओओसी विवादित दक्षिणी चीन सागर ऑफशोर ड्रिलिंग करती है. इस क्षेत्र को लेकर वियतनाम, फिलीप्पींस, ब्रुनेई, ताइवान और मलेशिया के साथ चीन का विवाद चल रहा है. अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी विल्बर रॉस के मुताबिक दक्षिणी चीन सागर में चीन की हरकतों और सेंसिटिव इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी व तकनीक को लेने के लिए चीन की एग्रेसिव कोशिश अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है.

रॉस के मुताबिक, इससे न सिर्फ अमेरिका को बल्कि पूरी दुनिया को खतरा हो सकता है. रॉस का कहना है कि सीएनओओसी पीपुल्स लिबरेशन ऑर्मी (PLA) के लिए बुली के तौर पर काम करता है जो चीन के पड़ोसी देशों को धमकी देने का काम करती है.

स्काईरिजोन को किया गया ब्लैकलिस्टेड

चीन की एक और सरकारी कंपनी स्काईरिजोन को इकोनॉमिक ब्लैकलिस्ट किया गया है. रॉस के मुताबिक इस कंपनी को विदेशी सैन्य तकनीक को हासिल करने की कोशिश कर रहा है. स्काईरिजोन एविएशन द्वारा 2017 में यूक्रेन्स मिलिट्री एयरक्राफ्ट इंजन मेकर मोटर सिच के टेक ओवर की कोशिशों के चलते अमेरिका ने इसकी आलोचना की थी. अमेरिका का कहना था कि एडवांस्ड एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों में किया जा सकता है.

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First published on: 15-01-2021 at 14:23 IST

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