मुख्य समाचार:
  1. यूनाइटेड नेशंस पर आर्थिक संकट, भारत ने कहा- समाधान निकालना जरूरी

यूनाइटेड नेशंस पर आर्थिक संकट, भारत ने कहा- समाधान निकालना जरूरी

विभिन्न शांति अभियानों के एवज में संयुक्त राष्ट्र के ऊपर भारत का करीब 3.80 करोड़ डॉलर बकाया है.

June 7, 2019 1:31 PM
UN financial crisis real, India, United Nations, UN peacekeeping financial year, Regular Budget, UN Ambassador K Nagaraj Naidu, Financial Situation, संयुक्त राष्ट्र, यूनाइटेड नेशंस, शांति अभियान, संयुक्त राष्ट्रविभिन्न शांति अभियानों के एवज में संयुक्त राष्ट्र के ऊपर भारत का करीब 3.80 करोड़ डॉलर बकाया है. (Reuters)

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की खराब वित्तीय स्थिति को हकीकत बताते हुए भारत ने इसे ठीक करने के लिए विस्तृत समाधान निकालने की मांग की है. विभिन्न शांति अभियानों के एवज में संयुक्त राष्ट्र के ऊपर भारत का करीब 3.80 करोड़ डॉलर बकाया है. यह संयुक्त राष्ट्र के ऊपर किसी भी देश के सबसे अधिक बकायों में से एक है.

सदस्य देशों को शांति अभियानों के लिये देना है 1.9 अरब डॉलर

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र की वित्तीय स्थिति बेहतर करने से संबंधित अपनी रिपोर्ट में अप्रैल में इसे स्वीकार भी किया था. संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत के उप स्थायी प्रतिनिधि नागराज नायडू ने संयुक्त राष्ट्र की वित्तीय स्थिति बेहतर करने को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम के एक सत्र में कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान का वित्त वर्ष 30 जून को पूरा होने वाला है. सदस्य देशों को शांति अभियानों के बजट के लिये 1.9 अरब डॉलर और नियमित बजट के लिये 1.5 अरब डॉलर देना शेष है.

नायडू ने कहा कि भारत समेत कई अन्य देश जो शांति अभियानों के लिए सर्वाधिक जवान दे रहे हैं, समाप्त हो चुके शांति अभियानों के एवज में लंबे समय से अपने वैध बकाये के भुगतान की मांग कर रहे हैं. नायडू ने कहा, ‘‘हमारी अपेक्षा यह है कि समस्या पर चर्चा हो और इसे विस्तृत तरीके से दूर किया जाए.’’

यूनाइटेड नेशंस पर 25 करोड़ डॉलर से अधिक का बकाया

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस का कहना है कि यूनाइटेड नेशंस पर 25 करोड़ डॉलर से अधिक का बकाया है. यह रकम 2018 के अंत तक और 2019 के पहली तिमाही के आखिर तक सैनिक और पुलिस सर्विस के भागीदार देशों पर है. गुतारेस का कहना है जून 2019 के अंत तक यह बकाया रकम 40 करोड़ डॉलर से अधिक हो सकती है. यह ऐसी ​ही स्थिति हो जो कि जून 2018 के आखिर में थी.

Go to Top

FinancialExpress_1x1_Imp_Desktop