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  1. यूएन ने घटाया भारत के आर्थिक बढ़ोतरी का अनुमान, रिपोर्ट में गिनाई प्रमुख वजहें

यूएन ने घटाया भारत के आर्थिक बढ़ोतरी का अनुमान, रिपोर्ट में गिनाई प्रमुख वजहें

मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट में वैश्विक व्यापार की वृद्धि दर की संभावनाओं को भी घटाया गया है.

May 21, 2019 9:44 PM
us china, us china trade war, un report, united states report, wesp, wesp report, संयुक्त राष्ट्र, trade war, un report on economy growth, un report on growth, us lower down economy growth forecastरिपोर्ट में नीतिगत पहल की जरूरत पर जोर दिया गया है.

भारत में मजबूत घरेलू खपत और निवेश से आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 7.0 प्रतिशत तथा 2020 में 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है. संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही. 2019 मध्य की संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति तथा संभावना (डब्ल्यूईएसपी) रिपोर्ट में जताया गया अनुमान इस साल जनवरी में जारी अनुमान से कम है. उस समय 2019 और 2020 में आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 7.6 तथा 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गयी थी. इससे पहले रिजर्व बैंक ने भी मानसून पर अल नीनो के प्रभाव तथा वैश्विक चुनौतियों के कारण चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 7.2 प्रतिशत कर दिया जबकि पहले इसके 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गयी थी.

वैश्विक  आर्थिक वृद्धि का भी घटाया अनुमान

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार विवाद, वैश्विक स्तर पर नीतिगत अनिश्चितता और कंपनियों के कमजोर आत्मविश्वास के कारण रिपोर्ट में वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अनुमानों को जनवरी की तुलना में घटा दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में वैश्विक सकल उत्पाद वृद्धि दर 3.0 प्रतिशत रही. वहीं 2019 में इसके 2.7 प्रतिशत और 2020 में 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इस साल जनवरी की रिपोर्ट में जताये गये अनुमान के मुकाबले क्रमश: 0.3 प्रतिशत तथा 0.1 प्रतिशत कम है. जनवरी की रिपोर्ट में इसके 2019 और 2020 में 3.0-3.0 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था.

रिपोर्ट में नीतिगत पहल की जरूरत पर जोर

इसमें वृद्धि में मौजूदा नरमी से निपटने के लिये अधिक व्यापक और लक्षित नीतिगत पहल की जरूरत पर बल दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार कमजोर वैश्विक वृद्धि का असर सतत विकास के लिये 2030 के एजेंडे के क्रियान्वयन को लेकर किये जा रहे प्रयासों पर पड़ेगा. सतत विकास के तहत पर्यावरण संरक्षण के साथ गरीबी उन्मूलन, समृद्धि को बढ़ावा देने तथा बेहतर रहन-सहन का सार्वभौमिक लक्ष्य रखा गया है. कमजोर आर्थिक वृद्धि से शिक्षा, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा सतत बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों में जरूरी निवेश को जोखिम है.

ट्रेड वार के कारण आर्थिक वृद्धि प्रभावित

इसमें कहा गया है कि घरेलू तथा वैश्विक कारकों से सभी बड़े विकसित अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील क्षेत्रों में वृद्धि परिदृश्य कमजोर हुआ है. विश्व अर्थव्यवस्था की वृद्धि में नरमी के पीछे कई कारकों को चिन्हित किया गया है जिसमें अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव फिर से बढ़ना, वित्तीय स्थिति में अचानक गिरावट तथा जलवायु परिवर्तन का बढ़ता प्रभाव शामिल हैं.

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